E-20 पेट्रोल के विरोध में केजरीवाल का प्रदर्शन, 2.33 लाख याचिकाओं के साथ मिलने जा रहे नेताओं को पुलिस ने रोका
ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल करीब 100 लोगों के साथ 2.33 लाख से ज्यादा हस्ताक्षर वाली याचिकाएं लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च कर रहे थे. हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया.
इसके बाद केजरीवाल और उनके समर्थक सड़क पर बैठ गए और प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग करने लगे. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मुलाकात संभव नहीं है। इसके बाद याचिकाएं लेकर प्रदर्शन समाप्त कराया गया.
ई-20 नीति पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर देशभर में लोगों के बीच चिंता है. उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को माइलेज कम होने और इंजन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने सरकार से मांग की कि ई-20 को अनिवार्य करने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और लोगों को पेट्रोल के विकल्प चुनने की स्वतंत्रता दी जाए.
केजरीवाल ने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं को सुनना चाहिए और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ वाहन मालिकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कोई फैसला लेना चाहिए.
2.33 लाख लोगों ने भेजी याचिका
आम आदमी पार्टी के अनुसार, ई-20 पेट्रोल के विरोध में 2,33,238 लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं. पार्टी का कहना है कि इन याचिकाओं के माध्यम से लोगों ने ईंधन नीति में बदलाव और उपभोक्ताओं को विकल्प देने की मांग की है.
याचिका में मांग की गई है कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को सामान्य पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल के बीच चुनाव का विकल्प दिया जाए. इसके अलावा ई-20 की कीमत को उसके माइलेज और उपयोगिता के अनुसार तय करने की मांग भी रखी गई है.
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पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव का जिक्र
प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल ने बताया कि पंजाब विधानसभा में ई-20 पेट्रोल को वापस लेने से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया गया है. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी पार्टी के विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे.
नेताओं ने बताया जनता से जुड़ा मुद्दा
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि ई-20 का मुद्दा केवल ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों वाहन मालिकों की परेशानी से जुड़ा मामला है. उन्होंने दावा किया कि वाहन चालकों को माइलेज में कमी, रखरखाव खर्च बढ़ने और इंजन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे.
क्या बोले-मनीष सिसोदिया
आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसी नीति से आम लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा है तो सरकार को उसकी समीक्षा करनी चाहिए.
उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने का अधिकार मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए.
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