'मैं उनको दिल से सॉरी बोलता हूं', Pawan Singh ने Akshara Singh से मांगी माफी, बोले- 'वो मेरा बाबू है...?'
Pawan Singh Apologizes Akshara Singh: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह और एक्ट्रेस अक्षरा सिंह एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. कभी भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में शामिल रहे पवन और अक्षरा के रिश्ते में लंबे समय से कड़वाहट देखने को मिली है. दोनों एक-दूसरे को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं. हालांकि, अब पवन सिंह ने पब्लिक प्लेटफार्म से अक्षरा सिंह और उनके माता-पिता से माफी मांगकर सभी को चौंका दिया है.
इतना ही नहीं, पवन सिंह ने अपने फैंस के सामने ये भी हिंट दिया कि आने वाले समय में उन्हें और अक्षरा सिंह को एक बार फिर साथ देखा जा सकता है. पवन के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों की जोड़ी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. वहीं, इस पूरे मामले के बीच पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है.
'अक्षरा मेरा बाबू है, मेरा बेटा है'
पवन सिंह हाल ही में बिहार के मुंगेर में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. मंच पर परफॉर्मेंस के दौरान उन्होंने अक्षरा सिंह के साथ अपने पुराने विवाद का जिक्र किया और सार्वजनिक रूप से उनसे माफी मांगी. पवन सिंह ने कहा, 'अक्षरा सिंह मेरा बाबू है, मेरा बेटा है. उनके पिताजी हमारे भैया हैं, उनकी माताजी हमारी भाभी हैं. मैं उन्हें सॉरी बोलता हूं.' पवन का ये बयान सुनकर वहां मौजूद फैंस भी एक्साइटेड नजर आए. इसके बाद उन्होंने दर्शकों से पूछा कि कितने लोग पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी को एक बार फिर पर्दे पर साथ देखना चाहते हैं.
पवन सिंह ने अक्षरा सिंह से मांगी माफी बोले- मेरा बाबू है...#pawansingh #akshrasingh pic.twitter.com/GEm6a8d5z8
— Nurnain Ali (@nurnainali) October 19, 2026
पवन सिंह ने दिए साथ आने के हिंट
फैंस से मिले रिस्पॉन्स के बाद पवन सिंह ने दोनों के दोबारा साथ आने की संभावना को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने हिंट दिया कि अगर दर्शक उन्हें साथ देखना चाहते हैं तो जल्द ही ऐसा हो सकता है. पवन सिंह ने कहा कि अगर अक्षरा को लगता है कि उनसे कोई गलती हुई है तो वो उसके लिए दिल से माफी मांगते हैं. पवन के इस बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या सालों पुराने विवाद को पीछे छोड़कर दोनों कलाकार एक बार फिर किसी भोजपुरी फिल्म या गाने में साथ दिखाई देंगे. हालांकि, अभी तक किसी नए प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
अक्षरा के माता-पिता से भी मांगी माफी
पवन सिंह ने सिर्फ अक्षरा सिंह से ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता से भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं होता. पवन ने कहा, 'मां-बाप, मां-बाप होते हैं. उनसे बड़ा कोई नहीं होता है. अक्षरा जी के माता-पिता को मेरे चलते अगर बुरा महसूस हुआ है, अगर गलत लगा है तो मैं भैया-भाभी को दिल से सॉरी बोलता हूं और प्रणाम करता हूं.' लंबे समय से दोनों कलाकारों के बीच चले आ रहे विवाद को देखते हुए पवन सिंह का ये बयान काफी अहम माना जा रहा है.
ज्योति सिंह का पोस्ट आया सामने
पवन सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह की एक इंस्टाग्राम पोस्ट भी चर्चा में आ गई. ज्योति सिंह ने लिखा, 'वाह रे राजपूताना स्वाभिमान.' उनके इस पोस्ट को पवन सिंह के हालिया बयान से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, ज्योति ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर अक्षरा सिंह या पवन सिंह के बयान का जिक्र नहीं किया.
कभी भोजपुरी की हिट जोड़ी थे पवन-अक्षरा
पवन सिंह और अक्षरा सिंह की जोड़ी एक समय भोजपुरी सिनेमा में काफी पसंद की जाती थी. दोनों ने कई गानों और फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों का खूब प्यार मिला. प्रोफेशनल रिश्ते के साथ दोनों की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही. अक्षरा सिंह ने पहले दावा किया था कि वो और पवन सिंह रिलेशनशिप में थे. हालांकि, बाद में दोनों के रिश्ते में विवाद बढ़ता गया और दोनों अलग हो गए. इसके बाद अक्षरा ने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. पवन और अक्षरा के बीच का विवाद लंबे समय तक भोजपुरी इंडस्ट्री की सुर्खियों में बना रहा.
ये भी पढ़ें: Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों शूटर्स गिरफ्तार, राजस्थान से पुलिस ने दबोचा
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है ऐलान: मार्को रुबियो
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब है। भारत की अपनी यात्रा से एक दिन पहले उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते पर अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
भारत दौरे से पहले रुबियो ने कहा, हम इस समय भारत के साथ एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं।
रूसी तेल और गैस के मुद्दे पर रुबियो ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले असर को देखते हुए अमेरिका को पिछले कुछ महीनों में कई प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है।
उन्होंने कहा, पिछले कुछ महीनों में हमें प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी क्योंकि उनका असर वैश्विक आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा था। हमें इन सभी कारकों का संतुलन बनाना होता है। हम इस समय भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं और इसके काफी करीब हैं। यही वे पहलू हैं, जिन पर राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या इसी तरह के फैसले लेते समय विचार करते हैं। प्रत्येक देश के सामने अलग-अलग और जटिल परिस्थितियां होती हैं। भौगोलिक वास्तविकताएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। कुछ देशों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच बनाना बेहद कठिन होता है। यह कोई बहाना नहीं है, लेकिन विदेश नीति बनाते समय इन सभी बातों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
भारत और अमेरिका पहले चरण के व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि डेयरी क्षेत्र तक पहुंच का मुद्दा अब भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट को लागू करने संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं और रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर लगाए जाने वाले शुल्कों में छूट दी है।
इस व्यापार समझौते का मूल उद्देश्य भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों पर अमेरिका में कम और स्थिर शुल्क सुनिश्चित करना है। इसके बदले भारत में अमेरिकी उत्पादों को व्यापक बाजार पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
फरवरी में घोषित रूपरेखा के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से जुड़ा अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी हटा दिया गया था।
इसके बदले भारत ने अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई कृषि उत्पादों जैसे ट्री नट्स, फलों, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स पर शुल्क कम करने या समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पहले ही कह चुके हैं कि समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा चुका है और उसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है। हालांकि इसका कार्यान्वयन भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को लेकर स्पष्टता मिलने पर निर्भर करेगा।
वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में कहा था कि व्यापार समझौते पर बातचीत अब लैंडिंग प्वाइंट यानी अंतिम चरण के करीब पहुंच चुकी है।
हालांकि अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने 2 अक्टूबर को कहा था कि समझौता तत्काल होने वाला नहीं है।
इस बीच भारत का व्यापार प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। सितंबर 2026 में देश का माल निर्यात 23 प्रतिशत बढ़कर 44.4 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि व्यापार घाटे में भी कमी दर्ज की गई।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









