एक्टर प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन:कैंसर से पीड़ित थे; 'लगान' और 'गजनी' समेत कई फिल्मों में काम किया था
फिल्म 'लगान' और 'गजनी' समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी अभिनेता यशपाल शर्मा ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की। वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो 'महाभारत' में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद प्रदीप रावत ने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने 'लगान', 'सरफरोश', 'गजनी', 'बैजू बावरा', 'आवारापन' और 'ग्रैंड मस्ती' जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म 'सई' (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म 'गजनी' (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक 'गजनी' में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म 'पैरोडी', मलयालम फिल्म 'चाइना टाउन', बंगाली फिल्म 'हीरो 420' और भोजपुरी फिल्म 'क्रैक फाइटर' में भी एक्टिंग की थी।
नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर को खास बताया:कहा- चोट से वापसी करना दूरी से ज्यादा अहम; पिछले 10 महीने मुश्किल रहे
नई दिल्ली। ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीते सिल्वर मेडल को एक खास उपलब्धि बताया है। नीरज ने कहा कि यह मेडल उनके लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने पिछले 10 महीनों में कई चोटों और मुश्किल रिकवरी प्रक्रिया का सामना किया है। नीरज ने जैवलिन थ्रो इवेंट में 85.83 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर जीता था, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। यह भारत के लिए पोडियम पर यादगार 1-2 फिनिश रही। नीरज ने इस पोस्ट के जरिए अपनी बात कही… नीरज ने लिखा कि कुछ थ्रो दूर तक जाते हैं, लेकिन कुछ पल पूरी यात्रा का भार लिए होते हैं। यह मेडल दूरी से कहीं ज्यादा मायने रखता है। पिछले 10 महीने मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहे। मैंने कई चोटों से उबरने, शरीर को फिर से तैयार करने और अपनी लय वापस पाने के लिए संघर्ष किया। नीरज ने आगे कहा कि जब मैं सिर्फ प्रतिस्पर्धा करना चाहता था, तब मुझे धैर्य रखना सीखना पड़ा। मैं हर दिन ट्रेनिंग कर रहा था, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि क्या मैं इस साल किसी सीजन में हिस्सा ले पाऊंगा। फिजियो, कोच और परिवार का जताया आभार नीरज ने अपनी वापसी का श्रेय अपने फिजियो, कोच, परिवार और समर्थकों को दिया है। उन्होंने कहा कि इस स्तर पर वापस आकर प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लग रहा है। यह सब मेरे अकेले के दम पर संभव नहीं था। मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने अपने फिजियो ईशान का जिक्र करते हुए कहा कि वे रिकवरी के हर कदम पर मेरे साथ रहे। कोच जय, जो मेरे साथ तब से हैं जब मैंने पहली बार जैवलिन उठाया था और मेरा परिवार, जो हर परिस्थिति में मेरे साथ मजबूती से खड़ा रहा। नीरज ने कहा कि वे अब सीजन में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रहे हैं। लॉसेन डायमंड लीग में लेंगे हिस्सा आयोजकों ने सोमवार को पुष्टि की कि नीरज चोपड़ा 21 अगस्त को लॉसेन डायमंड लीग में हिस्सा लेंगे। 'एथलेटिसिमा' के नाम से मशहूर इस इवेंट में नीरज चौथी बार भाग लेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीतने के बाद, नीरज अब अपनी टॉप फॉर्म में वापसी करने की कोशिश करेंगे। पढ़ें पूरी खबर
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