महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम को कांग्रेस ने कहा 'गूंगी गुड़िया':सुनेत्रा पवार पर की टिप्पणी, शिंदे बोले- यह राज्य की सभी महिलाओं का अपमान
महाराष्ट्र में मंगलवार को एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया, जब कांग्रेस ने महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के लिए 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल किया। कांग्रेस की इस टिप्पणी पर एकनाथ शिंदे ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है और इसे राज्य की महिलाओं का अपमान बताया है। शिंदे ने कहा कि कांग्रेस को महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर शर्म आनी चाहिए। दरअसल सुनेत्रा पवार से एक पत्रकार ने बीड जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा था। इस पर NCP नेता धनंजय मुंडे ने कथित तौर पर उनका बचाव किया। कांग्रेस ने इसका वीडियो शेयर करते हुए कहा कि सुनेत्रा पवार कितने दिन तक गूंगी गुड़िया बनी रहेंगी। बहुत ही निचले स्तर पर उतर आए हैं: सीएम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में इस स्तर की गिरावट पहली बार देखने को मिल रही है। मुझे लगता है कि वे बहुत ही निचले स्तर पर उतर आए हैं। असल में, उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है और कोई उनकी परवाह नहीं कर रहा है। इसलिए वे सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह की हथकंडे अपना रहे हैं। वे इस सोच पर चल रहे हैं कि अगर हमारी बदनामी से ही सही, कम से हम मशहूर तो हो जाएं। और मेरा मानना है कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में ऐसा पहली बार हो रहा है जब लोग इतने निचले स्तर पर उतर आए हैं। महाराष्ट्र की सभी माताओं-बहनों का अपमान है: शिंदे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए कहा सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं। 2024 में कांग्रेस ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग करके 'लाडली बहनों' का अपमान किया था। उन्हीं बहनों ने उन्हें उनकी औकात दिखाई और सबक सिखाया। यह केवल सुनेत्रा ताई पवार का अपमान नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की सभी माताओं और बहनों का अपमान है। हमारी माताएं और बहनें निश्चित रूप से कांग्रेस को इसके लिए सबक सिखाएंगी। कांग्रेस पार्टी ने अपनी समझ खो दी है और उसे इस बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए। ------------------- महाराष्ट्र की ये खबर भी पढ़ें… शरद पवार बोले- NCP के दोनों गुट साथ नहीं आएंगे:एक दिन पहले बेटी सुप्रिया शाह से मिली शरद पवार ने कहा कि NCP के दोनों गुटों के फिर से साथ आने का कोई सवाल ही नहीं है। पवार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले NCP (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले और सांसद बजरंग सोनवणे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। पूरी खबर पढ़ें…
डिजिटल अरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट बोला-RBI म्यूल अकाउंट्स पर SOP बनाए:सभी राज्य साइबर फ्रॉड रोकने के तंत्र को तेजी से लागू करें
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के बढ़ते मामलों को देखते हुए देशभर के लिए निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को चार हफ्ते में म्यूल अकाउंट्स पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने को कहा है। साथ ही, देश भर में साइबर धोखाधड़ी रोकने के तंत्र को तेजी से लागू करने को कहा है। म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है जिसका उपयोग अपराधी ठगी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रूप से कमाए गए पैसों को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। CJI सूर्यकांत,जस्टिस जॉयमाल्य बागची व जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह निर्देश केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्टेटस रिपोर्ट पर गौर करने के बाद दिए हैं। गृह मंत्रालय के मॉड्यूल को लागू करने के निर्देश बेंच ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और पुलिस को गृह मंत्रालय की 2 जनवरी की SOP के तहत शुरू किए गए शिकायत निवारण और धन वापसी की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि प्रभावित लोग अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करते हुए पहले इन विकल्पों का लाभ उठा सकें। साइबर क्राइम सेंटर और ई-जीरो FIR पर जोर जिन राज्यों ने अभी तक स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर नहीं हैं, उन्हें एक माह दिया गया है। साथ ही, राज्यों को इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के परामर्श से ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) तंत्र को अपनाने को कहा गया है। कोर्ट ने साइबर फ्रॉड से जुड़े बैंक अकाउंट फ्रीज करने के मामलों का तेजी से निपटारा करने के निर्देश भी दिए हैं। टेलीकॉम सेवाओं पर समय आधारित प्रतिबंध का प्रस्ताव बेंच ने इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी को निर्देश दिया है कि वे बैंकों और मध्यस्थों के साथ मिलकर डिजिटल अरेस्ट स्कैम रोकने, ठगी की रकम वापस पाने और जांच में मदद के लिए तकनीकी उपायों पर चर्चा करें। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), दूरसंचार विभाग (DoT) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर को निर्देश दिया गया है कि वे मध्यस्थों के साथ मिलकर ऑडियो और वीडियो कॉल के लिए टेलीकॉम सेवाओं पर समय आधारित प्रतिबंध लगाने के प्रस्तावों की जांच करें। 16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। उस दिन कोर्ट एक नई स्टेटस रिपोर्ट पर विचार करेगा। इस रिपोर्ट में राज्यवार और बैंकवार दर्ज शिकायतों, उनके निपटारे, जारी किए गए मनी रेस्टोरेशन ऑर्डर और पीड़ितों को लौटाई गई राशि का ब्योरा शामिल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिए हैं। पिछले साल कोर्ट ने इन घटनाओं का संज्ञान लिया था, जिसमें जालसाज पुलिस या न्यायिक अधिकारियों का रूप धरकर नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से पैसे वसूलते हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन; सरकार ने कहा- स्टूडेंट्स पर केस नहीं होगा:2700 अपराधियों पर FIR कायम रहेगी; सुप्रीम कोर्ट बोला-सख्ती करने वाले जवानों को न बचाएं नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET पेपर लीक को लेकर विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को कहा, ‘सरकार अपने वादे पर कायम है। छात्रों के खिलाफ कोई FIR नहीं होगी।’ पढ़ें पूरी खबर…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 






















