गुजरात के SC छात्रों को मिलेगा ₹1,000 में टैबलेट, डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा देने की नई पहल
गुजरात सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए टैबलेट सहायता योजना लागू की है. इस योजना के तहत 12वीं कक्षा में अध्ययनरत SC छात्रों को अत्याधुनिक टैबलेट मात्र ₹1,000 की टोकन फीस पर उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना और उनकी उच्च शिक्षा की तैयारी को मजबूत बनाना है.
डिजिटल शिक्षा के इस दौर में टैबलेट छात्रों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक साबित होगा. योजना का संचालन राज्य के संबंधित विभाग द्वारा किया जा रहा है और आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है.
पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ केवल गुजरात के मूल निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को मिलेगा. आवेदक वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत होना चाहिए. योजना की एक विशेष बात यह है कि इसके लिए परिवार की वार्षिक आय की कोई सीमा तय नहीं की गई है. इससे अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकेंगे. छात्र को आवेदन के समय ₹1,000 की टोकन राशि जमा करनी होगी. यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा की जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें
आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल गुजरात पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी. सबसे पहले छात्र को पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा. इसके लिए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की आवश्यकता होगी. पंजीकरण के बाद लॉगिन कर प्रोफाइल में व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरनी होगी.
इसके बाद छात्र को संबंधित वित्तीय वर्ष का चयन कर टैबलेट सहायता योजना पर क्लिक करना होगा. आवेदन फॉर्म सावधानीपूर्वक भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे. सभी विवरण की जांच के बाद फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करना अनिवार्य है.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय छात्रों को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति या कैंसल चेक, स्कूल या कॉलेज का पहचान पत्र तथा 12वीं की मार्कशीट उपलब्ध करानी होगी. यदि छात्र की पढ़ाई में एक वर्ष से अधिक का अंतर रहा है तो उसका शपथ पत्र भी देना होगा.
महत्वपूर्ण निर्देश
प्रत्येक छात्र केवल एक बार आवेदन कर सकता है. एक से अधिक आवेदन करने पर फॉर्म निरस्त किया जा सकता है. अपलोड किए गए दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए. आवेदन सबमिट करने के बाद संस्थान से संबंधित जानकारी में बदलाव संभव नहीं होगा, इसलिए फॉर्म भरते समय सावधानी बरतना आवश्यक है.
जो छात्र राज्य से बाहर अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी प्रति अपने मूल जिले के संबंधित अधिकारी को जमा करनी होगी. यह योजना न केवल छात्रों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराएगी, बल्कि उन्हें आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ कदम से कदम मिलाने का अवसर भी देगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे उच्च शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में SC छात्रों की भागीदारी और सफलता दर में वृद्धि होगी.
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