लार्सन एंड टुब्रो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने पश्चिम एशिया में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की एक बड़ी अपतटीय ऊर्जा परियोजना हासिल की है। यह ठेका अबू धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी अपतटीय की ओर से दिया गया है और इसे कंपनी की हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक परियोजनाओं में माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लार्सन एंड टुब्रो की ऊर्जा इकाई एलटी ऊर्जा हाइड्रोकार्बन अपतटीय पूरा करेगी। परियोजना में यह इकाई एक संयुक्त समूह की प्रमुख भागीदार की भूमिका निभाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में कई नई अपतटीय ऊर्जा सुविधाओं का विकास करना और मौजूदा ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।
बता दें कि कंपनी इस परियोजना के तहत इंजीनियरिंग, सामग्री खरीद, निर्माण, स्थापना और परियोजना के संचालन शुरू होने तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। इसके अलावा पहले से मौजूद अपतटीय ढांचे को भी आधुनिक बनाया जाएगा ताकि ऊर्जा उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता में सुधार हो सके।
कंपनी ने बताया है कि इस परियोजना का बड़ा हिस्सा उसके अपने निर्माण केंद्रों में तैयार किया जाएगा। इससे उसकी एकीकृत इंजीनियरिंग क्षमता, निर्माण दक्षता और समय पर परियोजना पूरी करने की क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाएगा।
गौरतलब है कि लार्सन एंड टुब्रो 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले ठेकों को अपनी श्रेणी में अति विशाल परियोजना मानती है। हालांकि कंपनी ने इस अनुबंध की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की है।
कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस. एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा कि यह ठेका ग्राहकों के उस भरोसे का प्रमाण है, जो कंपनी की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, जटिल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता और सुरक्षित कार्य प्रणाली पर कायम है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रही है और संयुक्त अरब अमीरात की ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को आधुनिक और टिकाऊ समाधान के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एलटी ऊर्जा हाइड्रोकार्बन अपतटीय पिछले चार दशकों से तेल और गैस क्षेत्र की अपतटीय परियोजनाओं पर काम कर रही है। कंपनी उथले और गहरे समुद्री क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी कर चुकी है। इसके पास इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की मजबूत टीम, आधुनिक निर्माण केंद्र और समुद्री जहाजों का अपना बेड़ा भी मौजूद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया अनुबंध न केवल लार्सन एंड टुब्रो की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती क्षमता और प्रतिस्पर्धा को भी नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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