Ishaq Dar ने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से की बातचीत, कूटनीति पर दिया जोर
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 18 अक्टूबर पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची ने “बदलते क्षेत्रीय हालात” और बगदाद में इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक पर रविवार को चर्चा की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, डार ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में अराघची से आग्रह किया कि वह क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान कूटनीति के जरिये करें। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत सऊदी अरब में हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों सहित अहम बुनियादी ढांचों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच हुई।
हूती विद्रोहियों ने इस महीने सऊदी अरब के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आभा हवाई अड्डे सहित अन्य हवाई अड्डों को बार-बार निशाना बनाया है, जिससे उड़ानें बाधित हुई हैं और जानमाल का नुकसान भी झेलना पड़ा है। बयान में कहा गया है, “दोनों नेताओं ने बदलते क्षेत्रीय हालात और बगदाद में ओआईसी विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक पर चर्चा की। उप-प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री डार ने क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार बातचीत और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।” ओआईसी विदेश मंत्रियों की परिषद की 52वीं बैठक 17-18 अक्टूबर 2026 को इराक के बगदाद में आयोजित की जा रही है।
पाकिस्तान ओआईसी के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। बयान के मुताबिक, डार और अराघची ने आपस में करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। ईरान ने इस हफ्ते सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बातचीत में मदद करने की पेशकश की।
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने मक्का में एक शिखर सम्मेलन के बाद सात अगस्त को ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए। इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर भी हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
Donald Trump ने इजराइली चुनाव में Benjamin Netanyahu को दिया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुश्किलों से घिरे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फिर से चुने जाने के लिये रविवार को समर्थन किया। ट्रंप की लोकप्रियता को देखते हुए यह समर्थन नेतन्याहू के लिए एक बड़ा सहयोग है, लेकिन पश्चिम एशिया में दोनों की रणनीतियों में मतभेद होने के कारण, अमेरिकी राष्ट्रपति ने महीनों तक यह समर्थन देने से परहेज किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि नेतन्याहू “एक महान योद्धा प्रधानमंत्री रहे हैं, और ईरान का मुकाबला करने में शांति के लिए उससे भी कहीं बेहतर साझेदार रहे हैं।” हमास द्वारा 2023 में इजराइल पर किए गए हमले के बाद, इजराइल में 27 अक्टूबर को पहले राष्ट्रीय चुनाव होने जा रहे हैं।
समर्थन न मिलना लिकुड पार्टी के उस नेता के लिए एक बड़ा झटका था, जिसने ट्रंप के साथ अपनी करीबी दोस्ती को सत्ता में बने रहने के लिए एक अहम आधार के तौर पर पेश किया था।
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