अंगूरी भाभी बनीं सीता, रामलीला से शिल्पा शिंदे का वीडियो वायरल
शिल्पा शिंदे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शिल्पा मां सीता के रोल में नजर आ रही हैं। शिल्पा के ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
अमेरिका- चुनाव से पहले AI विज्ञापनों पर ₹1300 करोड़ खर्च:न्यूयॉर्क मेयर को दवा बेचते दिखाया, रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए भी AI का इस्तेमाल
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राजनीतिक प्रचार में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। उम्मीदवारों और राजनीतिक संगठनों ने AI से बने विज्ञापनों के प्रचार पर करीब 1,300 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। एक विज्ञापन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और गवर्नर कैथी होकुल को महंगाई और अपराध का डर दूर करने वाली दवा बेचते दिखाया गया। वहीं, चुनावी प्रचार में AI की मदद से ऐसे दृश्य भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें असली लोगों के बजाय नकली चेहरे और घटनाएं दिखाई देती हैं। इसका इस्तेमाल तस्वीरों में बदलाव करने से लेकर ऐसे वीडियो बनाने तक हो रहा है, जिन्हें देखकर असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो सकता है। 80% AI विज्ञापन ट्रम्प की पार्टी ही बना रही अमेरिका की वेस्लेयन यूनिवर्सिटी की जांच में 220 से ज्यादा ऐसे वीडियो की पहचान हुई है जिनमें AI का इस्तेमाल किया गया था। इनमें करीब आधे विज्ञापनों में असली नेताओं के AI से बनाए गए चेहरे या वीडियो दिखाए गए थे। वेस्लेयन मीडिया प्रोजेक्ट की प्रोफेसर एरिका फ्रैंकलिन फाउलर ने कहा, कई विज्ञापनों में AI का इस्तेमाल इतनी सफाई से किया गया कि बिना किसी जानकारी के यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि वीडियो में AI का इस्तेमाल हुआ है। इसका मकसद- विरोधियों को बदनाम करना AI से बनाए गए कुछ विज्ञापनों में राजनीतिक विरोधियों को ऐसे नेताओं के साथ दिखाया गया, जिनसे जुड़ने पर मतदाताओं के बीच विवाद हो सकता है। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन और अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज जैसे नेता शामिल हैं। ओक्लाहोमा में 'मेक ओक्लाहोमा ग्रेट अगेन' नाम के एक समूह ने डेमोक्रेटिक गवर्नर उम्मीदवार को हिलेरी क्लिंटन के साथ गले मिलते दिखाया। वीडियो में दोनों को हाथ पकड़े हुए दिखाया गया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प किनारे उदास खड़े नजर आए। स्क्रीन पर लिखा था, 'क्लिंटन का समर्थक, ट्रम्प का विरोधी।' विज्ञापनों पर नजर रखने वाली कंपनी AdImpact के मुताबिक, समूह ने ओक्लाहोमा में टीवी कार्यक्रमों के दौरान इस विज्ञापन का प्रचार करने पर 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए। डेमोक्रेट नेता को 9/11 हमले पर बने कार्ड पर हंसता दिखाया एक दूसरे विज्ञापन में मिशिगन के डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार डॉ. अब्दुल एल-सय्यद का AI से बना वीडियो दिखाया गया। इसमें वे 'अमेरिका की मौत' और '9/11 हमले का जश्न मनाओ' लिखे कार्ड देखकर हंसते नजर आए। वहीं, फ्लोरिडा के गवर्नर पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार जेम्स फिशबैक के एक विज्ञापन में उन्हें डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर और ईरान के नेताओं के साथ पार्टी करते दिखाया गया। वीडियो में ईरानी नेताओं को तलवारों से यहूदी धर्म के प्रतीक 'स्टार ऑफ डेविड' पर हमला करते दिखाया गया। राजनीतिक विज्ञापनों में AI का इस्तेमाल केवल नकली घटनाएं बनाने तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग पुरानी तस्वीरों को वीडियो जैसा दिखाने और ऐसे दृश्य तैयार करने में भी हो रहा है। ओक्लाहोमा के रिपब्लिकन उम्मीदवार चिप कीटन के एक विज्ञापन की शुरुआत में उनकी पुरानी तस्वीर दिखाई गई। यह तस्वीर उस समय की थी, जब वे ओक्लाहोमा में पुलिस अधिकारी थे। AI की मदद से तस्वीर में उनका सिर ऊपर उठता और चेहरे पर बड़ी मुस्कान आती दिखाई गई। AI की मदद से 19 करोड़ में बनने वाले विज्ञापन 1 करोड़ में बन रहे हॉलीवुड की विज्ञापन कंपनी स्ट्रैटेजिक परसेप्शन के संस्थापक फ्रेड एन. डेविसे मुताबिक, AI विज्ञापन बनाने की लागत काफी कम कर रहा है। उन्होंने एक विज्ञापन का उदाहरण देते हुए बताया कि इसे पारंपरिक तरीके से बनाने पर करीब लगभग 19 करोड़ रुपए खर्च होते। इसमें सैकड़ों कलाकारों, कपड़ों की व्यवस्था, खाने-पीने और कैमरा-लाइटिंग के साथ पूरे दिन की शूटिंग की जरूरत पड़ती। लेकिन AI की मदद से वही दृश्य तैयार करने पर खर्च करीब 1.8 करोड़ रुपए रह गया है। अब AI कम समय और कम खर्च में ऐसे विज्ञापन बना सकता है। कई बार दर्शकों को पता भी नहीं चलता कि वीडियो में दिखाई गई घटना असली नहीं है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार AI के इस्तेमाल में ज्यादा सतर्क डेमोक्रेटिक उम्मीदवार AI के इस्तेमाल को लेकर रिपब्लिकन उम्मीदवारों से ज्यादा सतर्क हैं। इसकी एक वजह यह है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक इस तकनीक की ज्यादा आलोचना करते हैं और इस पर नियम बनाने की मांग करते हैं। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और प्रोजेक्ट के सह-निदेशक ट्रैविस एन. रिडआउट ने कहा कि AI का इस्तेमाल करने से डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और संगठनों की छवि को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा है, क्योंकि वे खुद इस तकनीक पर नियंत्रण के लिए नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने मदद रोकी तो यूक्रेन का क्या होगा:जेलेंस्की का साथ छोड़ पुतिन के साथ दिख रहे ट्रम्प; 1 सप्ताह में 4 झटके दिए रूस से करीब 5 साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के सामने अब नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जिस अमेरिका के हथियारों और खुफिया जानकारी के दम पर यूक्रेनी सेना रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है, उसी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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