गूगल पिक्सल 10a स्मार्टफोन टेंसर G4 प्रोसेसर के साथ आएगा:5100mAh और 7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट्स मिलेंगे, 18 फरवरी को लॉन्च होगा
टेक कंपनी गूगल 18 फरवरी को अपना सबसे सस्ता स्मार्टफोन पिक्सल 10a भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। हालांकि लॉन्च से पहले ही फोन के लगभग सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस ऑनलाइन लीक हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार कंपनी का फोकस डिजाइन में बड़े बदलाव के बजाय हार्डवेयर और बैटरी को और बेहतर बनाने पर है। फोन में 48MP कैमरा और 5100mAh की बैटरी मिलेगी। इसके अलावा, फोन के साथ 7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट्स मिलेंगे। 53,600 रुपए हो सकती है शुरुआती कीमत रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोप में गूगल पिक्सल 10a की शुरुआती कीमत €499 (लगभग 53,600 रुपए) हो सकती है। खास बात यह है कि लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी इसके 256GB वैरिएंट को भी शुरुआत में इसी कीमत पर पेश कर सकती है, जबकि इसकी रेगुलर प्राइस लगभग 64,343 रुपए रहने की उम्मीद है। यह फोन ऑब्सीडियन, फॉग, लैवेंडर और बेरी जैसे चार आकर्षक रंगों में आ सकता है। डिजाइन: पिछले मॉडल जैसी झलक, पर ज्यादा मजबूत डिजाइन की बात करें तो पिक्सल 10a काफी हद तक अपने पिछले मॉडल जैसा ही दिखेगा। इसमें गूगल का सिग्नेचर कैमरा बार सेटअप मिलेगा। फोन में प्रीमियम फिनिश के साथ IP68 रेटिंग दी जा सकती है, जो इसे धूल और पानी से सेफ रखेगी। सामने पतले बेजल्स के साथ डिस्प्ले के टॉप सेंटर में सेल्फी कैमरे के लिए पंच-होल कटआउट होगा। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए इसमें कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i का इस्तेमाल किया गया है, जो पहले से ज्यादा ड्यूरेबिलिटी ऑफर करेगा। स्पेसिफिकेशंस: पावरफुल प्रोसेसर और 7 साल का अपडेट डिस्प्ले: फोन में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2424 x 1080 पिक्सल रेजोल्यूशन सपोर्ट करेगा। प्रोसेसर: इसमें गूगल का लेटेस्ट Tensor G4 चिपसेट दिया जाएगा, जो Titan M2 सिक्योरिटी चिप के साथ आएगा। यह कॉम्बिनेशन एआई प्रोसेसिंग को फास्ट और फोन को ज्यादा सुरक्षित बनाएगा। सॉफ्टवेयर: यह फोन Android 16 के साथ लॉन्च होने वाला दुनिया के शुरुआती स्मार्टफोन्स में से एक हो सकता है। कंपनी इस पर 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा कर सकती है। मेमोरी: इसमें 8GB LPDDR5X रैम और 128GB/256GB (UFS 3.1) स्टोरेज के विकल्प मिलेंगे। कैमरा: OIS के साथ 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा फोटोग्राफी के लिए इसके बैक पैनल पर डुअल कैमरा सेटअप होगा। इसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया जा सकता है, जो डुअल-पिक्सल ऑटोफोकस और ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ आएगा। इसके साथ 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस (120 डिग्री व्यू) होगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है। बैटरी और चार्जिंग: पहली बार बड़ी बैटरी का सपोर्ट पावर बैकअप के लिए गूगल पिक्सल 10a में 5100mAh की बैटरी दी जा सकती है। इसे तेजी से चार्ज करने के लिए 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा, फोन में वायरलेस चार्जिंग की सुविधा भी दी जाएगी।
भारतीय लड़की भी यौन अपराधी एपस्टीन का शिकार हुई:नई फाइल्स में खुलासा; अमेरिकी अधिकारी मुआवजा देने के लिए तलाश रहे थे
यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों में खुलासा हुआ है कि एक भारतीय लड़की भी उसका शिकार हुई थी। दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने उसे पीड़ित मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के लिए भारत में तलाश शुरू की थी। 13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत सामने आई है। इसमें भारत में मौजूद पीड़िता का पता और जानकारी जुटाने को कहा गया है, ताकी भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के जरिए उससे संपर्क किया जा सके। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की है। रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपा दी गई हैं। फाइल्स में पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन का भी जिक्र नई फाइल्स में 5 जून 2014 को बिल गेट्स और एपस्टीन के बीच बातचीत की एक ईमेल शामिल है। इसमें एपस्टीन बिल गेट्स से पूछता है कि क्या डॉ. हर्ष वर्धन से 17 सितंबर को भारत में उनकी मीटिंग हैं। उस समय हर्ष वर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके अलावा 2 अप्रैल 2017 की एक ईमेल में भारत के PR कंपनी प्रमोटर दिलीप चेरियन का भी जिक्र है। इस मेल में एपस्टीन के सहयोगी गिनो यू ने उनसे पूछा कि क्या वे दिलीप चेरियन से मिलना चाहेंगे। ईमेल में लिखा है कि दिलीप पेरिस में 3 से 6 अप्रैल तक रहेंगे और उन्होंने 160 मिलियन अमेरिकी डॉलर में अपनी विज्ञापन और पीआर कंपनी बेची है। 8 जुलाई 2010 की एक ईमेल में एक महिला ने एपस्टीन को अपने फ्लाइट अनुभव के बारे में लिखा। उसने बताया कि उसके पास बैठे एक बुजुर्ग भारतीय व्यक्ति ने शराब पी रखी थी और वह बार-बार उससे बात कर रहा था और छू रहा था। मेल में लिखा है कि वह व्यक्ति सोने के बाद जागा और उसने महिला को गले लगाते हुए कहा कि वह उससे प्यार करता है। एपस्टीन से 3-4 बार मिले थे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 फरवरी को बताया था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे। यह बातचीत पूरी तरह से प्रोफेशनल थी, जो इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म और दूसरे इंटरनेशनल कामों से जुड़ी थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया। पुरी ने कहा, जब मैंने मई 2009 से न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला था, तब से लेकर 2017 में मंत्री बनने तक की अवधि के 30 लाख ईमेल जारी किए गए हैं। इस दौरान, केवल तीन या चार बैठकों का ही जिक्र मिलता है और मेरी बातचीत पूरी तरह से पेशेवर थी। यौन अपराधी और अनिल अंबानी की चैट भी सामने आई जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में अनिल अंबानी से जुड़े खुलासे हुए हैं। ये दस्तावेज एपस्टीन और उद्योगपति अनिल अंबानी के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुई बातचीत से जुड़े हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें कारोबार, वैश्विक मामलों और महिलाओं को लेकर चर्चा हुई। 9 मार्च 2017 की बातचीत में अनिल ने एपस्टीन से पूछा- क्या सुझाव है? इस पर एपस्टीन ने लिखा- मुलाकात ‘मजेदार’ बनाने के लिए ‘लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला’ बेहतर होगी। इसके बाद अंबानी ने जवाब दिया, ‘इसे अरेंज करो।’ बातचीत तब की है। यह बातचीत उस समय की है, जब एप्सटीन को पहले ही 2008 में नाबालिगों से जुड़े यौन आपराध के मामले में सजा मिल चुकी थी। इसके बावजूद एप्सटीन दुनिया के कई प्रभावशाली और ताकतवर लोगों के संपर्क में बना हुआ था। रिकॉर्ड बताते हैं कि दोनों के बीच पेरिस और न्यूयॉर्क में मिलने की योजना बनीं। मई 2019 में अनिल अंबानी के न्यूयॉर्क दौरे के वक्त एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया, जहां दोनों मिले। दूसरे ईमेल्स से यह भी पता चलता है कि अंबानी और एपस्टीन के बीच अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, बिजनेस मीटिंग्स और वैश्विक मंचों पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर बातचीत हुई थी। इनमें पेरिस, न्यूयॉर्क और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रमों में संभावित मुलाकातों का जिक्र है। कौन था जेफ्री एपस्टीन? जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया। उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है। एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया। जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई। मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं। एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी। हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था। मी टू मूवमेंट की लहर में डूबा एपस्टीन साल 2009 में जेल से आने के बाद एपस्टीन लो प्रोफाइल रहने लगा। ठीक 8 साल बाद अमेरिका में मी टू मूवमेंट शुरू हुआ। साल 2017 में अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ कई रिपोर्ट्स छापीं। इसमें बताया गया कि वाइंस्टीन ने दशकों तक अभिनेत्रियों, मॉडल्स और कर्मचारियों का यौन शोषण किया। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी पैदा कर दी। 80 से ज्यादा महिलाओं ने वाइंस्टीन के खिलाफ सोशल मीडिया पर मी टू (मेरे साथ भी शोषण हुआ) के आरोप लगाए। इसमें एंजेलीना जोली, सलमा हायेक, उमा थरमन और एश्ले जुड जैसे बड़े नाम थे। इसके बाद लाखों महिलाओं ने सोशल मीडिया पर '#MeToo' लिखकर अपने शोषण की कहानियां शेयर कीं। इसमें वर्जीनिया ग्रिफे नाम की युवती भी थी। उसने एप्सटीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि उसके साथ 3 साल तक यौन शोषण हुआ था। इसके बाद करीब 80 महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत की।
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