'ये टीम के लिए अच्छा है...', श्रेयस अय्यर ने खुद बताई सीरीज ड्रॉ होने की असली वजह, इसे सीधे तौर पर ठहराया जिम्मेदार
Shreyas Iyer Statement: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई 5 मैचों की टी-20 सीरीज 2-2 पर खत्म हुई है. पांचवां टी-20 मैच का मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुआ. पहले तो ओवरों में कटौती हुई, लेकिन फिर भारत के 7.2 ओवर की बल्लेबाजी के बाद फिर बारिश आई और मैच को रद्द कर दिया गया. सीरीज के ड्रॉ होने के बाद आइए जानते हैं कि भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या-क्या कहा.
श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजों को ठहराया जिम्मेदार
5 मैचों की टी-20 सीरीज में भारतीय टीम की बल्लेबाजी तो काबिल-ए-तारीफ रही, लेकिन गेंदबाजों ने काफी निराश किया. खुद कैप्टन श्रेयस अय्यर ने भी इस बात को स्वीकार किया कि अगर इस सीरीज में भारतीय गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करते, नतीजा कुछ और हो सकता था.
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में जब पूछा गया कि क्या भारत सीरीज पूरी तरह से जीत सकता था और 2-2 के नतीजे पर उनकी राय देते हुए कहा, "देखिए, अगर हमने दूसरे और चौथे मैच में अच्छी गेंदबाजी की होती, तो नतीजा बिल्कुल अलग हो सकता था. जाहिर है, पूरी सीरीज में हमारी बल्लेबाजी शानदार रही. बात बस सही तरीके से एग्जीक्यूशन की है, जहां हम थोड़े पीछे रह गए... खासकर हमारे गेंदबाजों के मामले में और हां, सामने वाली टीम को भी पूरा क्रेडिट मिलना चाहिए. उन्होंने बहुत ही बेहतरीन बल्लेबाजी की, खासकर शाई होप ने, उनका प्रदर्शन शानदार रहा. कई बार हालात मुश्किल थे, लेकिन उनकी तारीफ करनी होगी."
Nothing to separate the two sides!
— BCCI (@BCCI) October 17, 2026
The #INDvWI T20I series ends in a hard-fought 2-2 draw ????
Well played @windiescricket ????#TeamIndia | @mflone_ pic.twitter.com/hctZnBzn2D
वापसी करने की क्षमता पर भी बोले श्रेयस
टी-20 सीरीज के पहले मैच में भारत ने जीत दर्ज की. दूसरे मैच मे वेस्टइंडीज ने जीत अपने नाम की. मगर, फिर भारत ने वापसी की और तीसरा मैच जीता. लेकिन, चौथे मैच में फिर भारत को हार का सामना करना पड़ा. सीरीज से मिली पॉजिटिव चीजों के बारे में श्रेयस अय्यर ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, "खासकर हार के बाद भारत की वापसी करने की क्षमता पर बात करते हुए श्रेयस अय्यर ने कहा, मुझे लगता है कि हार के बाद भी वापसी करने की हमारी क्षमता एक पॉजिटिव बात है."
"हमारा माइंडसेट यह था कि हमें आक्रामक क्रिकेट खेलना है और यह तय करना है कि हम अपने बेस्ट फॉर्म में रहें. हमने कुछ मौकों पर ऐसा करके भी दिखाया, लेकिन हम इसे लगातार बरकरार नहीं रख पाए. फिर भी, इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला और कई सकारात्मक चीजें भी सामने आईं. आज भी, जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की, वह लाजवाब थी. मुझे उम्मीद है कि हम आगे भी ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखेंगे."
An entertaining series comes to an end ????
— BCCI (@BCCI) October 17, 2026
???? BCCI Hon. Treasurer Mr A. Raghuram Bhat presents the @mflone_ T20I Series trophy to #TeamIndia Captain Shreyas Iyer and West Indies Captain Shai Hope ????#INDvWI pic.twitter.com/iKA8vx68ba
न्यूजीलैंड दौरे को लेकर भी बोले अय्यर
भारत को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के साथ 5 मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है. इसके लिए जल्द ही टीम को रवाना होना पड़ेगा. ऐसे में न्यूजीलैंड सीरीज से पहले लगातार ट्रैवल करने और अपने रूटीन को बनाए रखने पर अय्यर ने कहा, हां, यह बिल्कुल किसी आम दिन जैसा ही है. हमें इसकी आदत हो चुकी है, यहां तक कि भारत में भी हम लगातार ट्रैवल करते रहते हैं. रिकवर करना और अपने रूटीन को बनाए रखना बिल्कुल भी आसान नहीं होता. लेकिन सच कहूं तो, हम इसे काफी अच्छे से कर रहे हैं और यहां की परिस्थितियों के हिसाब से बहुत तेजी से ढल रहे हैं. इसलिए, जब तक हम इसे लगातार बनाए रखते हैं, तब तक यह टीम के लिए अच्छा है.
ये भी पढ़ें: बारिश के कारण रद्द हुआ भारत-वेस्टइंडीज का पांचवा और निर्णायक मैच, 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई सीरीज
दिवाली से पहले योगी सरकार का ऐलान, यूपी के 3.53 लाख रसोइयों को मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोइयों को राहत दी है. सरकार ने उनके मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की है. अब रसोइयों को हर महीने 2,000 रुपये के बजाय 3,000 रुपये मिलेंगे. बढ़ी हुई दर सितंबर 2026 से लागू होगी. इस फैसले से प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को फायदा मिलने की उम्मीद है.
अक्टूबर में खाते में आएंगे 4,000 रुपये
नई व्यवस्था के तहत अक्टूबर में रसोइयों के बैंक खातों में बढ़े हुए मानदेय के साथ सितंबर का बकाया भी भेजा जाएगा. इस हिसाब से उन्हें अक्टूबर में कुल 4,000 रुपये मिलने की उम्मीद है. इसमें अक्टूबर का 3,000 रुपये मानदेय और सितंबर का 1,000 रुपये एरियर शामिल है. सरकार ने भुगतान में देरी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं. मिड-डे मील के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 17 अक्टूबर को सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और वित्त एवं लेखाधिकारियों को पत्र जारी कर बढ़ी हुई दर से समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है.
साल में 10 महीने ही मिलेगा मानदेय
मानदेय बढ़ने के बावजूद रसोइयों को साल के सभी 12 महीनों का भुगतान नहीं किया जाएगा. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, उन्हें साल में केवल 10 महीने का मानदेय मिलता है. नई दर के हिसाब से एक महीने में 3,000 रुपये और 10 महीने में कुल 30,000 रुपये मिलेंगे. इसके अलावा, रसोइयों को हर साल यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और दस्तानों के लिए 400 रुपये भी दिए जाते हैं. इस तरह मानदेय में बढ़ोतरी से उन्हें पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी.
ये भी पढ़ें: Breaking News Today Live Updates: अरुणाचल प्रदेश में फिर आया भूकंप, सुबह-सुबह 3.4 की तीव्रता से कांपी धरती
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगी मानदेय
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोइयों को मिलने वाले मानदेय में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी तय है. जानकारी के मुताबिक, इसमें 1,000 रुपये केंद्र सरकार की योजना के तहत और 2,000 रुपये राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त राशि के रूप में दिए जाएंगे. शासन के 22 अगस्त 2026 के पत्र के बाद मिड-डे मील प्राधिकरण ने सभी जिलों को बढ़ी हुई दर से भुगतान करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि रसोइयों के खातों में राशि समय पर पहुंचे और भुगतान में किसी तरह की लापरवाही न हो.
3.53 लाख से अधिक रसोइयों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों को लंबे समय से सीमित मानदेय मिलता रहा है. ऐसे में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी से उन्हें कुछ अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी. सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 3.53 लाख से अधिक रसोइये लाभान्वित होंगे.
ये भी पढ़ें: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दर्दनाक हादसा, मंदिर के बाहर बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा; अब तक 14 की मौत
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










