मोदी कैबिनेट के 3 बड़े फैसले, दिव्यांगजन पेंशन के लिए नियम बदले, रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले (Modi Cabinet Decisions) लिए गए हैं, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। इसमें रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस और आईडीबीआई बैंक के रीस्ट्रक्चरिंग शामिल हैं। इसके अलावा नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम (एनएसएपी) को 2030-31 तक आगे बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत कई स्कीम और सब-स्कीम के नाम बदले गए हैं। दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता मानदंड और कवरेज में भी संशोधन किया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के टेन्योर को 5 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 53,428 करोड़ रुपये खर्च के साथ इसे जारी रखा जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं को पेंशन स्कीम का लाभ मिलता रहेगा।
दिव्यांग पेंशन स्कीम के नियम बदले
दिव्यांग पेंशन स्कीम से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। 0-79 वर्ष आयुवर्ग के लाभार्थियों को 375 रुपये पेंशन मिलेगी। वहीं 80 साल या इससे अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए पेंशन राशि 625 रुपये होगी। बेंचमार्क डिसेबिलिटी के मानदंडों को 80% से घटाकर 40% करने का फैसला लिया गया है। अब 40% दिव्यंग्यता पर जन्म से पेंशन मिलेगा। योजना के तहत 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा।
इन योजनाओं के नाम बदले गए
- नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के नाम को बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है।
- इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम का नाम बदलकर “प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना” कर दिया गया है।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना कर दिया गया है।
- इंदिरा गांधी नेशनल डिसेबिलिटी पेंशन स्कीम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कर दिया गया है।
- नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना कर दिया गया है।
रेलवे कर्मचारियों को दिवाली बोनस
केंद्र सरकार ने कैबिनेट में रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन का बोनस के प्रस्ताव को मंजूर किया गया है। पात्र रेलवे कर्मचारियों को पीएलबी का भुगतान हर साल दुर्गा पूजा एक दूसरे की छुट्टियों से पहले किया जाता है। इस साल लगभग 11.40 लाख नॉन गैजेटेड कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी की राशि का भुगतान किया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 17,951 रुपये है।
प्राइवेट हुआ आईडीबीआई बैंक
कैबिनेट में आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दे दी गई है। बैंक के कुल 60.73% इक्विटी हिस्सेदारी एक रणनीति खरीदार को बेची जाएगी। भारत सरकार की 30. 38 प्रतिशत हिस्सेदारी और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत इसमें शामिल होगी। इसके बाद भारत सरकार के पास 15% और एलआईसी के पास 19% प्रतिशत हिस्सेदारी बचेगी।
Cabinet Briefing by Union Minister @AshwiniVaishnaw https://t.co/7p7rY3VFHs
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) October 14, 2026
काउंटर से रेल रिजर्वेशन लेने पर भी बीमा मिलेगा:अभी तक ऑनलाइन टिकटों पर मिलता था, सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 27 अक्टूबर से लागू होगा
अब काउंटर से रेल रिजर्वेशन कराने पर भी यात्री इंश्योरेंस ले सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे को यह आदेश दिया है। कोर्ट का आदेश 27 अक्तूबर से लागू होगा। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने ये फैसला सुनाया। अभी सिर्फ ऑनलाइन टिकट बुक कराने वालों को ही बीमा मिलता था। ऑफलाइन टिकट पर भी यह सुविधा ऑनलाइन टिकट की तरह ऑप्शनल रहेगी। ओडिशा रेल हादसे के बाद कोर्ट ने बढ़ाया सुरक्षा का दायरा जून 2023 में ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे के बाद कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि ट्रेन हादसों को रोकने वाला सेफ्टी सिस्टम जल्द सभी ट्रेनों में लगाया जाए और हादसे की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने यात्रियों की पूरी सुरक्षा- जैसे स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज, पटरियों के आसपास जाली लगाना और खिड़की से टिकट लेने वालों को बीमा न मिलने जैसे जरूरी मुद्दों को भी इसमें शामिल किया है। काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों को फायदा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामान्य यात्री ज्यादातर स्टेशन काउंटर से टिकट लेते हैं। रेलवे को इनके लिए बीमा का इंतजाम करने का काफी समय दिया गया था, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। इसीलिए अब 27 अक्टूबर 2026 से स्टेशन काउंटर की हर टिकट पर भी ऑनलाइन की तरह बीमा का ऑप्शन देना अनिवार्य किया गया। मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को होगी। रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस से जुड़े जरुरी सवाल जवाब… सवाल- यात्री को किस स्थिति में कितना इंश्योरेंस कवर मिलेगा? जवाब- इन हादसों पर क्लेम मिलेगा: ट्रेन पटरी से उतरने, दो ट्रेनों की टक्कर, आतंकी हमले या किसी अप्रिय घटना में यात्री की मौत होने, अंग खोने या गंभीर चोट लगने पर बीमा का पैसा मिलेगा। इन स्थितियों में पैसा नहीं मिलेगा: अगर कोई यात्री खुदकुशी की कोशिश करता है, खुद को नुकसान पहुंचाता है या मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण हादसे का शिकार होता है, तो कोई मुआवजा या इंश्योरेंस कवर नहीं मिलेगा। कितनी मिलेगी रकम: नुकसान कितना बड़ा है, इंश्योरेंस की राशि उसी हिसाब से तय होती है (जैसे मौत या पूरी तरह विकलांग होने पर अधिकतम ₹10 लाख तक और घायल होने पर इलाज का खर्च)। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझ सकते हैं। सवाल- क्या ट्रैवल इंश्योरेंस सभी श्रेणी के यात्रियों के लिए होता है? जवाब- ये इंश्योरेंस सभी कैटेगरी या क्लास जैसे फर्स्ट AC, सेकेंड AC, थर्ड AC, स्लीपर या चेयर कार के कंफर्म और RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन) टिकट पर मिलता है। वहीं, काउंटर से टिकट खरीदने पर यात्रियों को यह सुविधा नहीं मिलती है। इसके अलावा अब एक नए बदलाव के बाद बच्चों के हाफ टिकट पर वैकल्पिक इश्योरेंस पॉलिसी का लाभ नहीं मिलता है। सिर्फ फुल टिकट पर ही इस पॉलिसी का लाभ लिया जा सकता है। सवाल- रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस के लिए क्लेम कैसे कर सकते हैं? जवाब- ट्रेन एक्सीडेंट के 4 महीने के भीतर इंश्योरेंस के लिए क्लेम कर सकते हैं। घायल व्यक्ति, नॉमिनी या उसका उत्तराधिकारी इंश्योरेंस क्लेम का दावा कर सकता है। इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस में एप्लिकेशन देनी होती है और संबंधित डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि इंश्योरेंस क्लेम के लिए किस तरह के डॉक्यूमेंट्स देने होते हैं। सवाल- क्या बिना रिजर्वेशन वाले लोगों को ट्रैवल इंश्योरेंस मिलता है? जवाब- ट्रैवल इंश्योरेंस सुविधा अभी सिर्फ रिजर्वेशन टिकट लेने वाले यात्रियों को ही मिलती है। अगर कोई बिना रिजर्वेशन वाला यात्री हादसे का शिकार हुआ है तो वह सिर्फ सरकार की तरफ से दिए जाने वाले मुआवजे का ही हकदार है। सवाल- रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस की शुरुआत कब हुई थी? जवाब- यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा यात्री ऑप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस की शुरुआत सितंबर, 2016 में हुई थी। उस समय प्रति यात्री बीमा प्रीमियम 92 पैसे था, जिसका भुगतान सरकार खुद करती थी। लेकिन अगस्त 2018 में प्रीमियम घटाकर 42 पैसे प्रति यात्री कर दिया गया। इसके बाद इसे फिर से 35 पैसे कर दिया गया। अब हाल ही में हुए बदलाव के बाद रेलवे ने इसे बढ़ाकर 45 पैसे कर दिया है और अब यह राशि टिकट बुक करवाते समय यात्रियों को ही देनी पड़ती है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… फास्टैग का एनुअल पास 2 घंटे में एक्टिवेट होगा: 3075 रुपए में एक साल तक 200 टोल फ्री में क्रॉस कर सकेंगे, जानें कैसे अप्लाई करें अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर अपनी कार से सफर करते हैं, तो आपका हजारों रुपए का टोल टैक्स बच सकता है। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का फास्टैग एनुअल पास ऐसे यूजर के लिए बहुत काम का ऑप्शन है। इसमें ₹3075 का एक बार में पेमेंट करके आप सालभर में 200 बार तक टोल पार कर सकते हैं। जानिए यह पास कैसे काम करता है, किसे इससे सबसे ज्यादा फायदा होगा और फोन से अप्लाई करने का तरीका क्या है। पूरी खबर पढ़ें…
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