लद्दाख में निर्वाचित संस्था के गठन को केंद्र प्रतिबद्ध, 22 अक्टूबर को फिर होगी बातचीत
संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोकतांत्रिक शासन पर केंद्र के मसौदे को लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) द्वारा खारिज किए जाने पर मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को निराशा जताते हुए क्षेत्र के नेताओं से आपसी विश्वास, धैर्य और खुले मन के साथ बातचीत जारी रखने का आग्रह किया। लेह में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार 32 पन्नों के प्रस्ताव को 16 अक्टूबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों के सामने पेश किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर खारिज कर दिया गया। इससे एक दिन पहले ही प्रतिनिधियों ने केंद्र के साथ बातचीत की थी।
मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार जल्द से जल्द राजनीतिक समाधान निकालने और लोकतांत्रिक रूप से ऐसी निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे।’’ एलएबी और केडीए का कहना है कि केंद्र का प्रस्ताव संवैधानिक सुरक्षा उपायों और सार्थक अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगों को पूरा नहीं करता है। कुंद्रा ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक संवैधानिक ढांचा तैयार करने के लिए समन्वित प्रयास किए हैं और जोर दिया कि सभी पक्षों को स्वीकार्य व्यवस्था पर पहुंचने के लिए आगे भी बातचीत जरूरी है। एलएबी और केडीए ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर असंतोष जताते हुए कहा है कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कार्यपालिका, विधायी तथा वित्तीय अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगें बातचीत के केंद्र में बनी हुई हैं।
दोनों पक्ष अपने-अपने प्रस्तावों पर चर्चा करने और मतभेद दूर करने की कोशिश के लिए 22 अक्टूबर को नयी दिल्ली में फिर बैठक करेंगे। कुंद्रा ने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों और महीनों में बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचेगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र लद्दाख में जल्द से जल्द लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
London में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, Dhruv Rathee ने की नए चुनाव आयुक्त की मांग
(अदिति खन्ना) लंदन, 17 अक्टूबर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस और ब्रिटेन स्थित भारतीय छात्र संगठनों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शनिवार को लंदन के ‘पार्लियामेंट स्क्वायर’ में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास सैकड़ों लोग जुटे। ‘स्टॉप वोट चोरी’ प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी के मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचने पर लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया, वहीं गांधी प्रतिमा के दूसरी ओर एक छोटे समूह ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों ने दोनों समूहों को अलग रखा।
दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ने लगा, क्योंकि वे एक-दूसरे के नारों की आवाज को दबाने के लिए और तेज नारेबाजी की कोशिश कर रहे थे। राठी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम विदेशी हस्तक्षेप नहीं चाहते। मैं यहां पार्लियामेंट स्क्वायर में भारतीयों और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने आया हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संदेश फैलाना महत्वपूर्ण है।
ये प्रदर्शन तब रुकेंगे, जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त की जगह ऐसे उम्मीदवार को नियुक्त किया जाएगा, जिस पर सरकार और नेता प्रतिपक्ष की सहमति हो।’’ राठी के संबोधन से पहले ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए गए तथा भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई। इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा ने किया था। इसे ‘सेव डेमोक्रेसी’, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ब्रिटेन इकाई और साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप समेत प्रवासी भारतीयों के कई संगठनों का समर्थन प्राप्त था।
इस बीच, इंडिया डायस्पोरा (आईडी), यूके ने जवाबी प्रदर्शन के लिए ‘लंदन के सभी भारत प्रेमी लोगों से अपील’ जारी की थी। आईडी-यूके के संस्थापक हृदेश गुप्ता ने कहा, ‘‘ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी समुदाय एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के दृष्टिकोण में (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी और उनकी सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है।’’
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