ऐसा होगा सुपर-8 में भारत का शेड्यूल, 22 फरवरी से 1 मार्च के बीच खेलेगी 3 मुकाबले, नोट कर लीजिए डेट और टाइम
T20 World Cup 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ रहा है. टूर्नामेंट में टीम इंडिया विजयरथ पर सवार है. वहीं, रविवार को पाकिस्तान को हराने के साथ ही भारत ने सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया है. हालांकि, अभी भारत को एक और लीग मैच खेलना है. वहीं, 21 फरवरी से सुपर-8 के मुकाबले शुरू हो जाएंगे और टीम इंडिया 22 फरवरी को इसमें अपना पहला मैच खेलेगी. तो आइए आपको बताते हैं कि भारतीय टीम सुपर-8 में कब-कब और किस-किस टीम के साथ मैच खेलने वाली है.
सुपर-8 में ऐसा रहेगा भारत का शेड्यूल
???? SUPER 8 SCHEDULE OF INDIA ????
— Johns. (@CricCrazyJohns) February 16, 2026
IND vs SA (Feb 22, Ahmedabad)
IND vs ZIM/AUS (Feb 26, Chennai)
IND vs WI (Mar 1, Kolkata) pic.twitter.com/tkiKMI5w5W
टी-20 विश्व कप 2026 में अपने तीसरे लीग मैच में पाकिस्तान को हराने के साथ ही टीम इंडिया ने सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया है. नीदरलैंड्स के साथ खेले जाने वाले आखिरी लीग मैच के बाद टीम इंडिया को सुपर-8 में 3 मैच खेलने होंगे. पहला मैच 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के साथ, दूसरा जिम्बाब्वे या ऑस्ट्रेलिया के साथ 26 फरवरी को और तीसरा मुकाबला वेस्टइंडीज के साथ 1 मार्च को खेलना होगा.
3 out of 3 wins & #TeamIndia are into Super 8! ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) February 15, 2026
Which other team from Group A is likely to move to next stage? ????
ICC Men's #T20WorldCup | #INDvNED | WED, 18 FEB, 6 PM! pic.twitter.com/tPXHuk5VBc
18 फरवरी तो एक्शन में दिखेगी टीम इंडिया
टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने शुरुआती 3 लीग मैच जीतकर सुपर-8 में जगह पक्की तो कर ली है, लेकिन इससे पहले भारत को अपना आखिरी लीग मैच नीदरलैंड्स के साथ 18 फरवरी को खेलना है. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 18 फरवरी को होगा. इस मैच को जीतकर टीम इंडिया आत्मविश्वास के साथ सुपर-8 में पहुंचना चाहेगी.
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बांग्लादेश में पुलिस हिरासत में आवामी लीग के फिर एक नेता की मौत
ढाका, 16 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, लेकिन देश में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बांग्लादेश में अवामी लीग के सदस्यों की हिरासत में मौत के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ताजा मामले में अवामी लीग के एक नेता की गाइबांधा जिला जेल में हिरासत में मौत हो गई।
60 साल के अवामी लीग के नेता का नाम शमीकुल इस्लाम है, जो पलाशबाड़ी उपजिला के अवामी लीग के अध्यक्ष थे। वे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए और रविवार को रंगपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
घटना की पुष्टि करते हुए, गैबांधा डिस्ट्रिक्ट जेल के हेड, मोहम्मद अतीकुर रहमान ने बताया कि अवामी लीग लीडर को पहले सदर हॉस्पिटल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए रंगपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
गैबांधा जेल के सूत्रों के हवाले से, बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने बताया कि 5 अगस्त, 2024 को अवामी लीग की सरकार के सत्ता से हटने के बाद शमीकुल के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए थे। उन्हें उसी साल 8 दिसंबर को ढाका में एक केस में गिरफ्तार किया गया था और वे लंबे समय तक जेल में रहे।
बाद में जमानत मिलने के बावजूद, उन्हें कथित तौर पर एक अन्य केस में फिर गिरफ्तार किया गया और पिछले साल जेल भेज दिया गया। इस घटना ने बांग्लादेश की जेलों में अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों की हिरासत में मौतों की बढ़ती संख्या में इजाफा कर दिया है, जिससे मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के समय में राजनीतिक दमन और टारगेटेड कार्रवाई के आरोप तेज हो गए हैं।
इससे पहले स्थानीय मीडिया ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि 7 फरवरी को बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और अवामी लीग के सीनियर नेता रमेश चंद्र सेन की दिनाजपुर जिला जेल में पुलिस कस्टडी में बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई थी।
वह पहले जल संसाधन मंत्री रह चुके थे और ठाकुरगांव-1 (सदर उपजिला) सीट से सांसद थे। उन्हें दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अवामी लीग ने कहा कि दिनाजपुर जिला जेल में कस्टडी में सेन की मौत ने एक और डरावना सच सामने ला दिया है कि बांग्लादेशी अधिकारी राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए जेलों को साइलेंट वेपन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
पार्टी ने कहा, जेल अधिकारियों ने इसे प्राकृतिक मृत्यु कहा है, लेकिन असलियत बिल्कुल अलग है। एक 83 साल के पूर्व मंत्री, जिन्हें एक गंभीर मामले में हिरासत में लिया गया था, उन्हें कोई एडवांस मेडिकल केयर नहीं दी गई। यह सिर्फ सरकार की नाकामी नहीं है। यह जानबूझकर की गई लापरवाही का साफ मामला है।
अवामी लीग ने गहरी चिंता जताते हुए कहा, “रमेश चंद्र सेन की मौत कोई अकेली घटना नहीं है। यह एक मैसेज है। जेलों के अंदर अब कोई इंसाफ नहीं है, सिर्फ मौत इंतजार कर रही है। जिम्मेदारी से बचने का यह ड्रामा जारी नहीं रहने दिया जाएगा। यह कोई मौत नहीं है। यह सरकार का जुर्म है।”
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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