शिवरात्रि पर दिखा भारतीय सेना का रौद्र रूप, शॉर्टफिल्म 'भैरव' रिलीज; अमिताभ बच्चन ने दी है आवाज
भारतीय सेना ने रविवार (15 फरवरी) को अपनी शॉर्टफिल्म भैरव रिलीज कर दी. इस फिल्म में बिग बी यानी अमिताभ बच्चन ने आवाज दी है. इस शॉर्टफिल्म में भारतीय सेना की भैरव बटालियन और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी भूमिका को दर्शाया गया है. रविवार को भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय (सेना) के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर आभार जताया. जिसमें उन्होंने लिखा, 'फिल्म के लिए अपनी प्रतिष्ठित आवाज देने के लिए अमिताभ बच्चन के प्रति हम हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं.'
महाशिवरात्रि पर हुआ बटालियन का शुभारंभ
बता दें कि इस बटालियन का शुभारंभ महाशिवरात्रि के अवसर पर हुआ है. जो एक प्रतीकात्मक चयन था क्योंकि भैरव को भगवान शिव का उग्र रूप माना जाता है. जिसे रक्षा और बुराई के नाश से जुड़कर देखा जाता है. बता दें कि भारतीय सेना की भैरव बटालियन पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित पैदल सेना इकाइयों के बीच स्थित है. इस बटालियन का गठन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को पूरा करने और राष्ट्र के लिए शत्रुओं के खतरों के खिलाफ तुरंत और सटीक आक्रामक समाधान प्रदान करने के लिए किया गया.
#ShadowsAndSteel#Bhairav
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) February 15, 2026
भैरव - नाम नहीं, पहचान
भैरव - नाम नहीं, परिणाम
With profound gratitude to Shri Amitabh Bachchan for lending his iconic voice for the film.@SrBachchan pic.twitter.com/bKCApx2kZH
बिग बी ने बताया इसे सम्मान की बात
वहीं भारतीय सेना के हालिया पुनर्गठन के तहत इस इकाई का गठन किया गया है. जिसमें ऑपरेशन सिंदूर समेत वैश्विक संघर्षों से परिचालन से जुड़े सबक लिए गए हैं. बिग बी ने एक्स पर जुड़ने को अपने सम्मान की बात करार दिया. उन्होंने लिखा, 'सेना के बहादुर योद्धाओं के लिए- भैरव... इसके साथ जुड़ना सम्मान और सौभाग्य की बात है.' भारतीय सेना की ओर से गठित किया गया विशेष बल, भैरव, आधुनिक युद्ध की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है. इस में शामिल सभी जवान ड्रोन उड़ाने और दुश्मन के इलाके में स्थित ठिकानों के साथ सैन्य टुकड़ियों को निशाना बनाने के लिए वास्तविक अभियानों में उनका इस्तेमाल करने में सक्षम हैं.
15 बटालियन का किया गया गठन
बता दें कि भारतीय सेना ने वैश्विक और स्वदेशी संघर्षों से सीख लेते हुए सेना मुख्यालय द्वारा गठित भैरव बटालियनों का गठन किया है. जिसका उद्देश्य तीव्र गति से आक्रामक अभियान चलाने के लिए एक समर्पित बल प्रदान करना है, जिससे जरूरत पड़ने पर विभिन्न स्तरों पर विशेष बलों के कार्यों को अंजाम दिया जा सके. भारतीय सेना ने पहले से ही करीब 15 बटालियनों का गठन किया है.
जिन्हें दोनों सीमाओं पर विभिन्न सैन्य टुकड़ियों में तैनात किया गया है. जो निकट भविष्य में कुल मिलाकर करीब 25 बटालियनों का गठित करने की योजना है. बता दें कि भैरव बटालियनें अर्ध-विशेष बलों और नियमित पैदल सेना बटालियनों के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करेगी. भैरव बटालियन को सामरिक से लेकर परिचालन स्तर तक विशेष अभियान चलाने की भी जिम्मेदारी दी गई है.
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अब यूपी में बिना आयुष्मान कार्ड के भी मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज, जानें क्या है योगी सरकार की खास योजना
महंगे इलाज की बढ़ती लागत ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों का सामना करना बेहद मुश्किल बना दिया है. इसी चुनौती को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की है. यह योजना उन जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश आयुष्मान भारत योजना के दायरे में शामिल नहीं हो पाए हैं.
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है. खास बात यह है कि इसका लाभ सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी लिया जा सकता है.
25 हजार से अधिक उपचार शामिल
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 25,000 से अधिक बीमारियों और सर्जरी को शामिल किया गया है. इसमें हृदय रोग, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, न्यूरोसर्जरी जैसी जटिल और महंगी चिकित्सा सेवाएं भी शामिल हैं.
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब परिवार केवल आर्थिक तंगी के कारण जीवन रक्षक उपचार से वंचित न रहे. योजना के माध्यम से समय पर इलाज मिलने से न केवल मरीजों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि परिवारों को कर्ज और आर्थिक संकट से भी बचाया जा सकता है.
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. साथ ही वह असहाय, गरीब या बीपीएल श्रेणी में आता हो. आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. इच्छुक लाभार्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं या संबंधित कार्यालय में जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, राशन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं.
सत्यापन के बाद पात्र परिवारों को एक ‘गोल्डन कार्ड’ जारी किया जाता है, जिसके जरिए अस्पताल में सीधे कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है.
गरीब परिवारों के लिए राहत
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है. यह पहल न केवल इलाज का खर्च कम करने में मददगार है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का माध्यम भी बन रही है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तो यह प्रदेश में स्वास्थ्य असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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