Delhi Police के इतिहास में 18 अक्टूबर खास, 1861 में दर्ज हुई थी पहली FIR
दिल्ली के पुलिस इतिहास में 18 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि शहर की पहली प्राथमिकी इसी दिन 1861 में दर्ज की गई थी। यह मामला सब्जी मंडी थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में 45 आने यानी लगभग 2.80 रुपये मूल्य के घरेलू सामान की चोरी से जुड़ा था। जब शहर में पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी, तब दिल्ली, पंजाब प्रांत का हिस्सा था।
उर्दू और फारसी प्रचलित भाषाएं थीं और अदालत तथा पुलिस दस्तावेज में इनका उपयोग किया जाता था। प्राथमिकी का कुछ हिस्सा उर्दू में, कुछ फारसी में लिखा गया था। इसे सब्जी मंडी थाने के अधिकार क्षेत्र में कटरा शीश महल के निवासी मोहम्मद ए.आर. खान के बेटे मैउद्दीन ने पंजीकृत कराया था।
यह मामला चोरी का पहला पंजीकृत मामला है। चोरी की गई वस्तुओं में महिलाओं के कपड़े, एक हुक्का, खाना पकाने के तीन छोटे बर्तन (देगची), एक कटोरा और अन्य सामान शामिल थे जिनकी अनुमानित कीमत उस वक्त 45 आने थी। सब्जी मंडी क्षेत्र का इतिहास 1861 के भारतीय पुलिस अधिनियम के लागू होने से जुड़ा हुआ है।
सब्जी मंडी, दिल्ली का पहला पुलिस थाना था, जिसे आधिकारिक तौर पर 18 अक्टूबर 1861 को स्थापित किया गया था। इसके अलावा 18 अक्टूबर का दिन देश के कई राज्यों की पुलिस, सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए बड़ी राहत लेकर आया। यह साल 2004 का 18 अक्टूबर का दिन था जब सुरक्षा बलों ने दस्यु सरगना और कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को एक मुठभेड़ में मौत के घाट उतार कर चैन की सांस ली।
देश-दुनिया के इतिहास में 18 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 1861 : 45 आने यानी लगभग 2.80 रुपये मूल्य के घरेलू सामान की चोरी को लेकर दिल्ली की पहली प्राथमिकी दर्ज की गई। 1867 : रूस के अलास्का क्षेत्र को खरीदने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री विलियम सिवार्ड द्वारा किए गए करार को मंजूरी दी गई और राजधानी सितका में अमेरिकी ध्वज फहराया गया। 1922 : ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कंपनी लिमिटेड की स्थापना, जिसने 1927 में ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) का स्थान लिया।
1931 : अमेरिकी खोजकर्ता थामस अल्वा एडिसन का वेस्ट आरेंज, न्यूजर्सी में निधन। 1989 : पूर्वी जर्मनी के कम्युनिस्ट नेता एरिक होनेकर को स्वास्थ्य समस्याओं के चलते राष्ट्र प्रमुख का पद छोड़ देना पड़ा। 1956 : महिला टेनिस में विश्व की जानी मानी खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा का प्राग में जन्म।
1967 : शुक्र ग्रह पर सफलतापूर्वक पहुंचे सोवियत संघ के पहले अंतरिक्ष यान के मिशन का समापन। वेनेरा4 नाम के इस यान का मिशन 127 दिन चला। इसने ग्रह के वातावरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी पृथ्वी पर भेजी।
1972 : बहुउद्दश्यीय हेलीकाप्टर एसए 315 ने बेंगलूर की परीक्षण उड़ान भरी। 1980 : पहली हिमालय कार रैली को मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम से रवाना किया गया। 2004: कुख्यात दस्यु सरगना और तस्कर वीरप्पन को सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया।
2007 : आठ वर्ष के स्व:निर्वासन के बाद बेनजीर भुट्टो पाकिस्तान लौटीं और कुछ ही घंटे के भीतर कराची में उनके काफिले पर बम से हमला किया गया। इस हमले में तो वह बच गईं लेकिन इसी वर्ष दिसंबर में उनकी हत्या कर दी गई। 2018 : कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता नारायण दत्त तिवारी का निधन।
उनका जन्म आज ही के दिन 1925 में हुआ था। 2024 : हमास ने अपने नेता याह्या सिनवार के गाजा में इजराइली बलों के हमले में मारे जाने की पुष्टि की।
सुनील जाखड़ ने Amit Shah को लिखा पत्र, पंजाब जेलों से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क की जांच NIA और ED से कराने की मांग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब की जेलों से कथित तौर पर मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियां संचालित किए जाने की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने और इससे जुड़े काले धन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने का अनुरोध किया। मानसा में मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए जाखड़ ने कहा कि दो साल पहले इसी जिले में तैनात रहे एक औषधि निरीक्षक को गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने दावा किया था कि वह जेल से संचालित गिरोह का सरगना था।
उसके पास से बड़ी मात्रा में संपत्ति का भी पता चला था। जाखड़ ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब पुलिस ने 2024 में मानसा में तैनात रह चुके एक औषधि निरीक्षक को गिरफ्तार किया था और करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता लगाया था। इसमें 24 बैंक खातों में जमा 7.09 करोड़ रुपये, दो बैंक लॉकर, 1.49 करोड़ रुपये नकद, 260 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा और 2.40 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी।
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जाखड़ ने कहा कि राज्य के पुलिस प्रमुख ने स्वयं कहा था कि औषधि निरीक्षक जेल में बंद मादक पदार्थों के तस्करों से जुड़े गिरोह के सरगना के रूप में काम कर रहा था और मादक पदार्थों की बिक्री में मदद कर रहा था। जाखड़ ने आगे लिखा कि इस मामले में जेलों से संचालित मादक पदार्थों की तस्करी के एक नेटवर्क, सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी से उसके संबंधों और करोड़ों रुपये की चल एवं अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था। ऐसे में धनशोधन की जांच जरूरी थी।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पंजाब सरकार ने न तो एनआईए से जांच कराने का अनुरोध किया और न ही मामले को ईडी के पास भेजा, जबकि इसमें धनशोधन की आशंका थी। जाखड़ ने आरोप लगाया, इसके बजाय, औषधि निरीक्षक को जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने न केवल उसे बहाल कर दिया, बल्कि उसे उसके विभाग के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर भी नियुक्त कर दिया। उन्होंने कहा कि जेलों से संचालित नेटवर्क और करोड़ों रुपये की नकदी एवं संपत्ति का पता चलने के मद्देनजर इस मामले को जांच के लिए एनआईए और ईडी के पास भी भेजा जाना चाहिए था।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार खुद स्वीकार करती है कि दवाओं के रूप में इस्तेमाल होने वाले मादक पदार्थों का दुरुपयोग फिलहाल एक बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामले में गिरफ्तार होने के बावजूद यह निरीक्षक आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए अवैध कमाई का जरिया बन गया था। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि निरीक्षक को महत्वपूर्ण पद पर किसके कहने पर नियुक्त किया गया था।
मादक पदार्थों के दुरुपयोग और दवा दुकानों पर नशे की लत लगाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले झोटा की मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशे की दवाएं बेचने पर सवाल उठाया था, जिसके बाद मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार ने उन पर गोली चला दी। अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।
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