J&K: कठुआ में 5 संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें जारी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
J&K: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने 5 संदिग्ध आतंकियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं. इन आतंकियों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. एजेंसियों को इनपुट मिला है कि ये संदिग्ध आतंकी हाल ही में सीमा पार से भारत में घुसपैठ कर चुके हैं और कठुआ के आसपास के इलाकों में उनकी मौजूदगी देखी गई है.
संदिग्ध दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील
सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों के लिए एक विशेष सूचना जारी की है. इस सूचना में आतंकियों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा गया है कि अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, तो तुरंत सेना, सीआरपीएफ या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें. लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं. बॉर्डर के आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है. सेना और पुलिस संयुक्त रूप से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.
बॉर्डर के 5 किलोमीटर में पाबंदी लागू
कठुआ के डिप्टी कमिश्नर ने पहले ही एहतियात के तौर पर बॉर्डर से 5 किलोमीटर के दायरे में लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगा दी है. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बॉर्डर की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सीमा पार से फायरिंग की भी आशंका बनी हुई है. प्रशासन के अनुसार कठुआ बॉर्डर का कुछ हिस्सा पहले भी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसी कारण सुरक्षा को और मजबूत किया गया है. इसके अलावा बॉर्डर इलाके में ट्रकों और अन्य वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
सुरक्षा एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि सीमा पार कई आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय हैं, जहां से आतंकियों को भारत में भेजने की कोशिश की जाती है. ऐसे में सेना और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: 'युवाएआई' के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नई पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। देश की ओर से भारत मंडपम में 16 फरवरी से लेकर 20 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में एआई की सुरक्षा, गवर्नेंस, नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और सॉवेरन एआई के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस समिट का एक बड़ा आकर्षित युवाएआई कार्यक्रम है। यह एक ग्लोबल यूथ चैलेंज है और इसका उद्देश्य छात्रों और युवा पेशेवरों में एआई को लेकर जागरूकता फैलाना है।
इस चैलेंज में 38 से अधिक देशों से 2,500 से अधिक आवेदन आए थे। इसमें से शीर्ष 20 फाइनलिस्ट का चयन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा किया गया है, जिसमें 15 टीम भारत से हैं। इन शीर्ष 20 फाइनलिस्ट का चयन 2025 के आखिर में कई राउंड्स की प्रतियोगिता के बाद किया गया था।
इन शीर्ष 20 फाइनलिस्ट को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के जरिए वैश्विक मंच पर अपने इनोवेशन को दिखाने का मौका मिलेगा।
शीर्ष 20 फाइनलिस्ट सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, पहुंच को आसान बनाने, स्मार्ट मोबिलिटी और डिजिटल ट्रस्ट जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर रहे हैं।
उनके प्रोजेक्ट्स में मलेरिया का पता लगाने वाले सिस्टम्स, एआई-संचालित वाक् सहायक पहनने योग्य उपकरण, सर्वाइकल कैंसर की जांच के उपकरण, ग्रामीण टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म, कृषि इंटेलिजेंस सिस्टम्स, पशुधन विश्लेषण समाधान, वन अग्नि और बाढ़ की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, डीपफेक का पता लगाने वाले उपकरण और दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक टोक्नोलॉजी शामिल हैं।
इसमें से शीर्ष तीन फाइनलिस्ट को 15-15 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। अगले तीन सर्वश्रेष्ठ फाइनलिस्ट को 10-10 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 5-5 लाख रुपए के दो विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
इस समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसमें 15-20 राष्ट्राध्यक्षों, 50 से अधिक मंत्रियों और 40 से अधिक भारतीय और वैश्विक सीईओ के भाग लेने की उम्मीद है। प्रमुख उपस्थित लोगों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, बायोकॉन समूह की अध्यक्ष किरण मजूमदार-शॉ और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन शामिल हैं।
--आईएएनएस
एबीएस/
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