'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम पर आधारित है इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का आज से आगाज होने जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट का उद्घाटन करेंगे, जो पहली बार ग्लोबल साउथ में होने जा रहा है। दुनियाभर के दिग्गज इस समिट में शामिल होने वाले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी अन्य मुद्दों पर ग्लोबल बातचीत को बेहतर बनाएगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एआई पर चर्चा के लिए दुनिया को एक साथ लाना! आज से, भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।
पीएम मोदी ने कहा, एआई आज स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, गवर्नेंस और एंटरप्राइज सहित कई सेक्टर्स को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे इनोवेशन, कोलेबोरेशन, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर ग्लोबल बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो।
उन्होंने आगे कहा, भारत के 1.4 बिलियन लोगों की वजह से, हमारा देश एआई ट्रांसफॉर्मेशन में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की लक्ष्य और जिम्मेदारी दोनों को दिखाती है।
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।
पीएम मोदी ने संस्कृति सुभाषित भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा, दाने तपसि शौचं च विज्ञानं विनये नये। विस्मयो न हि कर्तव्यो बहुरत्ना वसुन्धरा।
सुभाषित में कहा गया है, दान, तप, शौर्य, विज्ञान, विनय और नेतृत्व के संसार में सदैव उत्कृष्ट से उत्कृष्टतर उदाहरण प्राप्त हो जाते हैं, क्योंकि यह पृथ्वी अनेक अनमोल रत्नों से भरी है। अतः विज्ञान व प्रविधि आदि के क्षेत्रों में नित नए आविष्कारों तथा नवाचारों पर किसी को विस्मय नहीं होना चाहिए।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी सोमवार शाम 5 बजे दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 16 से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इसके अलावा, पीएम मोदी इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का भी उद्घाटन करेंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन भी 16 से 20 फरवरी तक किया जाएगा।
--आईएएनएस
केके/एएस
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