ओएमसी नियमित रूप से कर रहे ई20 ईंधन की निगरानी, रोजाना 8-12 बार तक किए जा रहे परीक्षण: सरकार
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ईंधन में मिलावट और गुणवत्ता को लेकर सामने आ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि देश भर में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने कहा कि तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) ईंधन की गुणवत्ता पर लगातार नजर रख रही हैं और निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, देश भर के 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पानी की मिलावट (वॉटर इंग्रेस) की जांच अब रोजाना 8 से 12 बार की जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और किसी भी संभावित गड़बड़ी का समय रहते पता लगाने में मदद मिल रही है।
सरकार ने यह भी बताया कि अब तक पूरे देश में क्लोराइड प्रदूषण के केवल दो मामले सामने आए हैं। जैसे ही इन मामलों का पता चला, संबंधित पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोक दी गई। मंत्रालय ने कहा कि यह दर्शाता है कि निगरानी प्रणाली सक्रिय रूप से काम कर रही है और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
ईंधन की गुणवत्ता की जांच को लेकर मंत्रालय ने जानकारी दी कि अब तक 2,000 से अधिक ईंधन नमूनों की क्लोराइड और सल्फाइड प्रदूषण के लिए जांच की जा चुकी है। इसके अलावा, तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे ईंधन आपूर्ति तंत्र की लगातार निगरानी करें ताकि किसी भी प्रकार के प्रदूषण या मिलावट की संभावना को समय रहते रोका जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन में मिलावट या प्रदूषण पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण ईंधन उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस बीच, ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंत्रालय ने गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार, पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के आईएस 15464 मानकों का पालन करना अनिवार्य है और उसकी शुद्धता कम से कम 99.6 प्रतिशत होनी चाहिए। प्रत्येक खेप के साथ प्रमाणित गुणवत्ता रिपोर्ट भी जारी की जाती है।
मंत्रालय ने बताया कि ईंधन में किसी भी तरह की मिलावट रोकने के लिए समर्पित भंडारण सुविधाएं, नियमित गुणवत्ता परीक्षण और एथेनॉल टैंकरों से नमूने लेने जैसी कई सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। एथेनॉल की हर खेप को स्वीकार करने से पहले उसके ऊपरी और निचले हिस्से से नमूने लेकर जांच की जाती है।
गुणवत्ता नियंत्रण की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2024 से जून 2026 के बीच निर्धारित मानकों पर खरा न उतरने के कारण 302 टैंकरों को अस्वीकार कर दिया गया। इन टैंकरों में करीब 10,500 किलोलीटर एथेनॉल मौजूद था।
सरकार का यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता और संभावित मिलावट को लेकर सवाल उठाए गए थे।
मंत्रालय का कहना है कि देश भर में निगरानी और गुणवत्ता जांच की मजबूत व्यवस्था लागू है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप ईंधन उपलब्ध कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Batwara 1947 Star Cast Fees: सनी देओल से प्रीति जिंटा तक, किस स्टार ने ली सबसे ज्यादा फीस?
Batwara 1947 Star Cast Fees: सनी देओल की अपकमिंग फिल्म बंटवारा 1947 इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और कलाकारों की फीस को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. हालांकि मेकर्स ने किसी भी कलाकार की फीस की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में कलाकारों की अनुमानित फीस सामने आई है. तो चलिए जानते हैं, फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और उनकी फीस के बारे में.
क्या है फिल्म की कहानी?
'बंटवारा 1947' की कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय के हालात को दिखाएगी. फिल्म में उन लोगों के संघर्ष को दिखाया गया है, जो अचानक अपने घर, जमीन और अपनों से दूर हो गए थे. कहा जा रहा है कि फिल्म सिर्फ इतिहास की घटनाओं को नहीं दिखाएगी, बल्कि आम लोगों की भावनाओं और उनके दर्द को भी सामने लाएगी. फिल्म के ट्रेलर के मुताबिक सनी देओल ने एक मुस्लिम शख्स का रोल प्ले किया है जो हिंदू शबाना आजमी के साथ अपने परिवार को लेकर रहने लगता है और उन्हें मां का दर्जा देता है.
बंटवारा 1947 की स्टारकास्ट
सनी देओल फिल्म में लीड रोल प्ले कर रहे हैं. उनके अलावा फिल्म में प्रीति जिंटा (Preity Zinta) को हमीदा मिर्जा के रोल में देखा जाएगा. इसके अलावा शबाना आजमी (Shabana Azmi)माई, अली फजल (Ali Fazal)- नासिर काजमी, अभिमन्यु सिंह (Abhimanyu Singh)- याकूब पहलवान, करण देओल (Karan Deol)- जावेद मिर्जा, मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty)- मौलवी इकरामउद्दीन, खुशी हजारे (Khushi Hajare)- तनवीर मिर्जा और कनिका कपूर (Kanika Kapoor) भी इस फिल्म का हिस्सा होंगे.
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सनी देओल ने ली सबसे ज्यादा फीस
फिल्म में लीड रोल निभा रहे सनी देओल एक बार फिर दमदार अंदाज में नजर आएंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 'बटवारा 1947' के लिए करीब 50 करोड़ रुपये फीस ली है. कहा जा रहा है कि गदर 2 और लेटेस्ट सफल फिल्मों के बाद उनकी मार्केट वैल्यू काफी बढ़ी है, जिसके चलते वो फिल्म के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकार बने हैं. हालांकि, मेकर्स की ओर से इसे लेकर कुछ ऑफिशियल नहीं किया गया है.
प्रीति जिंटा की शानदार वापसी
इस फिल्म के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा लंबे समय बाद एक्टिंग में वापसी कर रही हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने इस फिल्म के लिए करीब 10 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं. ट्रेलर में उनका गंभीर और भावुक किरदार दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. वहीं, एक्ट्रेस के फैंस भी उन्हें बड़े पर्दे पर फिर से देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं.
अली फजल ने भी वसूली मोटी रकम
मिर्जापुर और कई बॉलीवुड-हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में अपनी पहचान बना चुके अली फजल भी फिल्म का अहम हिस्सा हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस फिल्म के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये फीस ली है. बताया जा रहा है कि फिल्म में उनका किरदार पहले निभाए गए रोल्स से काफी अलग होने वाला है.
शबाना आजमी का दमदार रोल
वेटरन एक्ट्रेस शबाना आजमी भी फिल्म में बेहद अहम रोल निभा रही हैं. फिल्म में वो वहीं हिंदू महिला का रोल प्ले कर रही है, जिसे सनी देओल अपनी मां का दर्जा देते हैं. एक्ट्रेस का रोल विभाजन के दर्द और परिवार के संघर्ष को बेहद भावुक तरीके से दिखाता नजर आने वाला है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस फिल्म के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये फीस ली है.
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करण देओल भी हैं फिल्म का हिस्सा
सनी देओल के बेटे करण देओल (Karan Deol) भी इस फिल्म में अहम रोल में नजर आने वाले हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने इस रोल को करने के लिए करीब 2 करोड़ रुपये फीस चार्ज की है. बता दें, ये पहली बार होगा जब पिता और बेटे को इतने बड़े पीरियड ड्रामा में साथ देखा जाएगा.
राजकुमार संतोषी और सनी देओल की वापसी
बता दें, इस फिल्म की एक और बड़ी खासियत है राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी सालों बाद वापसी कर रही हैं. दोनों ने पहले घायल और दामिनी जैसी फिल्में दी है. वहीं, करीब तीन दशक बाद दोनों फिर साथ आ रहे हैं. खुद सनी देओल भी कह चुके हैं कि उनकी पुरानी फिल्मों की सफलता ने ही इस नई फिल्म को संभव बनाया. वहीं, बता दें कि बंटवारा 1947 आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के तहत बनी है और फिल्म के टीजर में आमिर खान ने अपना वॉयस-ओवर भी दिया है.
कितना है फिल्म का बजट?
बंटवारा 1947 आमिर खान के प्रोडक्शन हाउन में बनी है. फिलहाल मेकर्स ने इसका आधिकारिक बजट जारी नहीं किया है. हालांकि इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ये एक बड़े स्केल की पीरियड ड्रामा फिल्म है, जिसमें 1947 के दौर को दोबारा बनाने के लिए बड़े सेट, कॉस्ट्यूम और वीएफएक्स का यूज किया गया है. इसलिए इसका बजट काफी बड़ा माना जा रहा है.
विभाजन पर बन चुकी हैं कई फिल्में
बता दें, हिंदी सिनेमा में इससे पहले भी विभाजन पर कई यादगार फिल्में बनाई जा चुकी हैं. इनमें 'गर्म हवा', 'पिंजर', '1947: अर्थ', 'मंटो', 'बेगम जान' और 'गदर: एक प्रेम कथा' जैसी फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों ने अलग-अलग नजरिए से विभाजन की त्रासदी को दिखाया गया था. वहीं 'बंटवारा 1947' से उम्मीद की जा रही है कि ये उस दौर को एक नए नजरिए से दर्शकों के सामने पेश करेगी.
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