अभिजीत दिपके को SEM कोर्ट ने दी जमानत, मगर लगाई एक बड़ी शर्त
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिल गई है और उनसे एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है। उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिपके को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा और बॉन्ड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा। रिहाई की प्रक्रिया के तहत, उससे फिर से एक 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने का बॉन्ड) पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा बुलाए गए 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जिसके चलते शनिवार को सेंट्रल पार्क बंद रहा। यह मार्च शुक्रवार को होना था, लेकिन CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत 100 से ज्यादा लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिए जाने के कारण यह मार्च नहीं हो सका।
दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है, जबकि अभिजीत दिपके अभी भी 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS), 2023 की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में हैं। उन्हें आज दिन में बाद में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
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अरविंद केजरीवाल की 'आम आदमी पार्टी' (AAP) और वामपंथी गुट सहित अधिकांश विपक्षी दलों ने दिपके का समर्थन किया है और उनकी हिरासत को गैर-कानूनी बताया है। वहीं, केंद्र सरकार ने विपक्ष पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाया है और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करने की बात कही है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) के उल्लंघन के मामले में कई FIR भी दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि घोषणाएं किए जाने के बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस के अनुसार, BNSS की धारा 163 (मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधाज्ञा) के उल्लंघन के लिए ये FIR दर्ज की गई हैं।
PM-AJAY स्कीम: देश में 18 हजार से ज्यादा बने Adarsh Gram, 785 हॉस्टल तैयार
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत अब तक 18,093 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया गया है जबकि योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका है। मंत्रालय के अनुसार, ‘आदर्श ग्राम’ योजना के तहत देशभर में 47,200 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है, जिससे 47.79 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ मिल रहा है। मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक बयान में बताया कि योजना के तहत अब तक कुल 46,944 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं और 27,032 ग्राम विकास योजनाएं (वीडीपी) तैयार की गई हैं।
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति (एससी) बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी कमियों को दूर कर उन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित करना है। आदर्श ग्राम की परिकल्पना ऐसे गांव के रूप में की गई है, जहां लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों, सभी वर्गों की न्यूनतम जरूरतें पूरी हों और उनके बीच असमानता को यथासंभव कम किया जा सके। इस योजना के तीन प्रमुख घटक हैं।
इनमें अनुसूचित जाति बहुल गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करना, राज्य और जिला स्तर पर सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए अनुदान देना तथा छात्रावासों का निर्माण एवं मरम्मत करना शामिल है। सितंबर 2026 तक इस योजना के तहत 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका था। वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने दो छात्रावास परियोजनाओं के संबंध में 61.46 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता आवंटित की है, इनमें एक छात्रावास लड़कियों और दूसरा लड़कों के लिए होगा।
इन दोनों छात्रावासों में कुल 264 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। मंत्रालय ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत बनाने के लिए पीएम-अजय मोबाइल एप्लिकेशन और पोर्टल भी शुरू किया है। इसके माध्यम से कागज आधारित प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था में बदलने की दिशा में कदम उठाया गया है, जिससे सभी कार्यों का वास्तविक समय में ऑनलाइन निपटान और निगरानी की जा सकेगी।
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