रिजिजू बोले- विपक्षी नेता ओवैसी से सीखें:वे समझदार; मस्क विवाद पर असदुद्दीन ने कहा था- मोदी से 100 मतभेद, मगर गोरा हुक्म नहीं दे सकता
किरेन रिजिजू ने शनिवार को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के मस्क को लेकर दिए बयान की तारीफ की। रिजिजू ने X पर लिखा कि कभी-कभी ओवैसी भारत के राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर समझदारी वाली बातें करते हैं। अगर विपक्ष के कुछ नेता हमारी बात नहीं सुनना चाहते, तो उन्हें ओवैसी से सीखना चाहिए। दरअसल 14 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी से मेरे 100 मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मैं अपने देश और संवैधानिक पद का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा। हमें दुनिया में सबसे सस्ता डेटा मिल रहा है। कोई गोरा हमें हुक्म नहीं दे सकता। हाल ही में मस्क ने अपने एक पोस्ट में मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें 'प्राइम मिनिस्टर अंबानी' लिखा था। इस पोस्ट में उन्होंने अंबानी को भारत का रियल बॉस बताया था। इलॉन मस्क भारत में स्टारलिंक की देरी का जिम्मेदार अंबानी को बता रहे इलॉन मस्क भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी को लेकर पिछले कुछ दिनों से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस देरी के लिए वो रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को जिम्मेदार बता रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को कहा कि वह कॉम्पिटिशन से नहीं डरते। कंपनी ने X पर पोस्ट कर कहा कि असली मुकाबला वही है, जिससे यह पता चले कि सबसे अच्छी सर्विस कौन दे रहा है। भारत में ₹2200 महीने का डेटा कौन खरीदेगा मस्क की पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता और तेज इंटरनेट मौजूद है। यहां सिर्फ ₹300-400 महीने में 60GB डेटा मिल जाता है, जो दूरदराज के गांवों में भी बेहतरीन काम करता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब स्टारलिंक अन्य देशों में करीब ₹2,200 महीने चार्ज करता है तो भारत में इसे कौन खरीदेगा। इस तर्क का जवाब देते गुए मस्क ने कहा कि एक तरफ वे दावा करते हैं कि स्टारलिंक भारत में जियो के सस्ते प्लान्स का मुकाबला नहीं कर पाएगी। दूसरी तरफ वे यह भी कहते हैं कि स्टारलिंक के आने से कॉम्पिटिशन बढ़ जाएगा। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। सच्चाई यह है कि मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ने से हमेशा आम ग्राहकों को ही फायदा मिलता है। स्टारलिंक के आने से अंबानी की कंपनी का मुनाफा थोड़ा घट सकता है, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होगा। जाहिर है, अगर स्टारलिंक भारत में बहुत महंगी होगी तो उसे कोई नहीं खरीदेगा, इसलिए स्पेसएक्स को यहां टिकने के लिए अपनी कीमतें सस्ती रखनी ही पड़ेंगी। सरकार बोली स्टारलिंक सहित 3 कंपनियों को लाइसेंस दिए 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026' में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि देश में तीन सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को लाइसेंस मिल चुके हैं। 1. रिलायंस जियो सैटकॉम 2. भारती एयरटेल सपोर्टेड यूटेलसेट वनवेब 3. इलॉन मस्क की स्टारलिंक हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि लाइसेंस पाने वाली इन सभी कंपनियों की सिक्योरिटी क्लीयरेंस अभी बाकी है। इसके अलावा सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का प्राइसिंग फ्रेमवर्क भी तय किया जा रहा है। सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही भारत में ये सेवाएं शुरू हो सकेंगी। स्पेक्ट्रम का आवंटन- सैटेलाइट इंटरनेट चलाने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी यानी स्पेक्ट्रम की जरूरत होती है। सरकार को तय करना होता है कि कंपनियों को यह कैसे मिलेगा और इसके लिए कितना पैसा देना होगा। जियो चाहती थी कि स्पेक्ट्रम की नीलामी हो, जबकि एयरटेल और वनवेब चाहती थीं कि सरकार इसे सीधे आवंटित करे। आखिरकार सरकार ने टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत सीधे आवंटन का रास्ता चुना। सुरक्षा और निगरानी- सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि स्टारलिंक भारतीय कानूनों का पालन करे। जरूरत पड़ने पर एजेंसियां नेटवर्क पर नजर रख सकें, कानूनी प्रक्रिया के तहत बातचीत या डेटा को इंटरसेप्ट कर सकें और सुरक्षा से जुड़े निर्देश लागू करा सकें। सैटेलाइट इंटरनेट में डेटा का रास्ता सामान्य मोबाइल नेटवर्क से अलग हो सकता है, इसलिए सरकार के लिए इन नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट से इंटरनेट देती है स्टारलिंक स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में अपने सैटेलाइट को तैनात कर इंटरनेट सर्विस देती है। इसके जरिए उन दूर-दराज के इलाकों में भी इंटरनेट मिलता है, जहां मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड नहीं है। कंपनी 2021 से ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की कोशिश कर रही है। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… इलॉन मस्क को कंगना रनोट का जवाब: कमल हासन के ‘भारत किसी का गुलाम नहीं’ बयान के बाद बोलीं- यह तो चुभ गया होगा अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने इलॉन मस्क और भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस में देरी पर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन किया। कंगना ने सोशल मीडिया एक्स’ पर हासन की टिप्पणी की तारीफ की। पूरी खबर पढ़ें…
केरल के पूर्व CM को ED का समन:घर पर नोटिस चिपकाया, मनी लॉन्ड्रिंग-भ्रष्टाचार मामले में दो FIR पहले से दर्ज
केरल के पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को शनिवार को ED ने समन भेजा। तिरुवनंतपुरम स्थित किराए के घर पर समन का नोटिस चिपकाया। एजेंसी ने उन्हें 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पेश होकर बयान दर्ज कराने और संबंधित रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। विजयन पर दो कंपनियों सीएमआरएल और एक्सालॉजिक के बीच हुए पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप है। जिसमें से एक कंपनी एक्सालॉजिक उनकी बेटी की है। विजयन पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। इस मामले में केरल विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने पहले से ही दो FIR दर्ज की हैं। अब मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथों में है। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने विजयन की उस तत्काल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जिसमें उन्होंने 2.78 करोड़ रुपये के सीएमआरएल और एक्सालॉजिक मामले में विजिलेंस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। विजयन ने गिरफ्तारी की आशंका भी जताई थी। मामला 2017-20 का, विजयन की बेटी की कंपनी शामिल CMRL (कोच्चिन मिनरल्स एंड रुलाइट लिमिटेड) केरल की एक कंपनी है। एक्सालॉजिक साल्यूशंस एक IT कंपनी थी, जिसे पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा चलाती थीं। आरोप है कि 2017 से 2020 के बीच CMRL ने एक्सालॉजिक और वीणा को करोड़ों रुपये का भुगतान किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इनमें से कुछ भुगतान वास्तविक IT/कंसल्टेंसी सेवाओं के बदले नहीं किए गए थे। शुरुआत में इन भुगतानों का मामला इनकम टैक्स की जांच में सामने आया। बाद में ED और SFIO ने भी वित्तीय लेनदेन की जांच की। पैसे को लेकर आरोप क्या है? ED के अनुसार, एक्सालॉजिक को करीब ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया गया था, जिसे IT कंसल्टेंसी और दूसरी सेवाओं की फीस के रूप में दिखाया गया। जांच में यह सवाल उठा कि क्या वास्तव में उतनी सेवाएं दी गई थीं, जितने पैसे लिए गए? ED का आरोप है कि भुगतान का संबंध वीणा के पिता पिनराई विजयन की राजनीतिक स्थिति से था और इन्हें सामान्य कारोबारी भुगतान के रूप में दिखाया गया। हालांकि ये आरोप हैं, अदालत में अभी दोष साबित नहीं हुआ है। मामला पिनराई विजयन तक कैसे पहुंचा? ED ने अपनी जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर राज्य पुलिस को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद केरल विजिलेंस ने पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज की। अब ED ने विजयन को क्यों बुलाया है? ED अब इस मामले के मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में विजयन को 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश होने और रिकॉर्ड देने के लिए समन किया गया है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… रिजिजू बोले- विपक्षी नेता ओवैसी से सीखें: समझदार; मस्क विवाद पर असदुद्दीन ने कहा था- गोरा हुक्म नहीं दे सकता किरेन रिजिजू ने शनिवार को AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के मस्क को लेकर दिए बयान की तारीफ की। रिजिजू ने X पर लिखा कि कभी-कभी ओवैसी भारत के राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर समझदारी वाली बातें करते हैं। अगर विपक्ष के कुछ नेता हमारी बात नहीं सुनना चाहते, तो उन्हें ओवैसी से सीखना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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