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उत्तर भारत में मौसम का यू-टर्न: दिल्ली-यूपी समेत 7 राज्यों में बारिश का अलर्ट, 34 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी
नई दिल्ली : देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत 7 राज्यों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में घने कोहरे का कहर भी जारी रहेगा, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
इन 7 राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों और राजस्थान के उत्तरी इलाकों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में ताजा बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में एक बार फिर ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
34 जिलों में 'कोहरे का पहरा' और विजिबिलिटी पर असर
बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार के करीब 34 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है। सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिसका सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ेगा।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर में भी सुबह के वक्त धुंध छाई रहेगी, जिससे प्रदूषण के स्तर में भी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।
दिल्ली-यूपी का वेदर अपडेट
दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहेगा। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
देर शाम या रात तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी शुरू होने की संभावना है। वहीं, बिहार में भी पछुआ हवाओं के कारण कनकनी बरकरार है और अगले दो दिनों में यहां भी बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम में आए इस अचानक बदलाव को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने को कहा है। जिन इलाकों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी है, वहां फसलों को नुकसान पहुँच सकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अभी सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को कुछ समय के लिए टाल दें। बारिश होने पर सरसों और गेहूं की फसल के लिए यह लाभदायक भी हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि चिंता का विषय बनी हुई है।
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