Responsive Scrollable Menu

US से अस्थायी छूट के बदले स्थायी रियायतें न दे भारत, GTRI ने दी Energy Security की सलाह

थिंक टैंक जीटीआरआई ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट (एसआरआईए) के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों से दी गई छूट भारत को केवल अस्थायी राहत दे सकती है, लेकिन इससे कोई स्थायी निश्चितता नहीं मिलेगी। थिंक टैंक ने कहा कि ऐसे में नयी दिल्ली को अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए और वाणिज्यिक शर्तों पर तेल खरीदना जारी रखना चाहिए। 

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के फैसले से भारत को रूसी तेल खरीद से जुड़े 100 प्रतिशत तक के संभावित अतिरिक्त शुल्कों के खतरे से राहत मिली है। इसने आगे कहा, लेकिन यह राहत वापस ली जा सकती है। वाशिंगटन कभी भी इन शुल्कों को बहाल कर सकता है, जिससे भारत और अन्य खरीदारों के लिए भविष्य में अमेरिकी कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। जीटीआरआई ने यह भी कहा कि एसआरआईए एक कानून बना हुआ है, जिससे वाशिंगटन द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में रियायतें हासिल करने के लिए शुल्क की धमकी को फिर से इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। 

थिंक टैंक ने बताया कि भारतीय तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई के 51 प्रतिशत से गिरकर अगस्त में 44 प्रतिशत रह गई, क्योंकि ऊंची कीमतों के बावजूद भारत ने अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से अधिक खरीदारी की। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, भारत के लिए यह छूट कुछ राहत जरूर देती है, लेकिन कोई स्थायी निश्चितता नहीं। भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए, वाणिज्यिक शर्तों पर तेल खरीदना चाहिए और नए सिरे से पड़ने वाले अमेरिकी दबाव के लिए तैयार रहना चाहिए। 

अस्थायी शुल्क राहत के चलते स्थायी व्यापार रियायतें नहीं देनी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यह छूट अमेरिकी व्यापार नीति में मौजूद अनिश्चितता को उजागर करती है, जहां वाशिंगटन पहले दंडात्मक कार्रवाई की धमकी देता है और फिर जब उन्हें लागू करना असुविधाजनक हो जाता है तो पीछे हट जाता है। उन्होंने कहा कि एसआरआईए 18 सितंबर को कानून बना, लेकिन नौ अक्टूबर को अमेरिका ने खुद रूसी डीजल खरीदने के लिए समझौता कर लिया।

 ऐसे में दूसरे खरीदारों को दंडित करना अमेरिका के लिए कठिन हो गया था। श्रीवास्तव ने कहा, संदेश बिल्कुल स्पष्ट है - अमेरिकी हित यह तय करते हैं कि दंड कब लागू होगा। चीन मुकाबला कर सकता है। जब तक भारत यह एहसास नहीं कराता है कि दबाव बनाने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, तब तक उस पर बार-बार दबाव का जोखिम बना रहेगा।

Continue reading on the app

आईडीबीआई बैंक को 52 हजार करोड़ रुपये में ख़रीदने वाले प्रेम वत्स कौन हैं

प्रेम वत्स वैल्यू इनवेस्टर के तौर पर जाने जाते हैं. अपनी निवेश रणनीतियों की वजह से वो कनाडा के वॉरेन बफेट के तौर पर जाने जाते हैं.

Continue reading on the app

  Sports

विकेटों के पतझड़ के बीच एक छोर पर डटे रहे रिंकू सिंह, नाबाद शतक जड़कर टीम को संभाला

Rinku Singh Century: रिंकू सिंह ने उत्तर प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी मैच में गोवा के खिलाफ शानदार शतक जड़ा. रिंकू के नाबाद शतक के दम पर उत्तरप्रदेश ने 200 का आंकड़ा छुआ. रिंकू ने विकेटों के पतझड़ के बीच एक छोर संभाले रखा और नाबाद 118 रन बनाए. Sun, 18 Oct 2026 20:28:43 +0530

  Videos
See all

Tiger Shroff पर हमले के बाद Anil Pandit Bishnoi का Audio Viral | #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-18T15:17:19+00:00

Breaking News: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-18T15:16:17+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers