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Renault की बिक्री में Hybrid और CNG गाड़ियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद

फ्रांस की वाहन विनिर्माता कंपनी रेनो की भारतीय परिचालन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) स्टीफन डेब्लेज ने कहा है कि अगले दो से तीन साल में कंपनी की कुल बिक्री में हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब रेनो भारत में अपनी बहु-ईंधन प्रौद्योगिकी रणनीति के तहत हाइब्रिड और सीएनजी वाहनों पर बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी ने शनिवार को अपनी एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन) डस्टर का पहला स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड संस्करण पेश किया।

इसके अलावा, भविष्य में फैक्टरी में ही सीएनजी किट से लैस मॉडल पेश करने की भी योजना है। रेनो इंडिया की बिक्री में अगले दो से तीन साल में विभिन्न ‘पावरट्रेन’ की संभावित हिस्सेदारी के बारे में पूछे जाने पर डेब्लेज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह संभव है। हाइब्रिड और सीएनजी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक हो सकती है, लेकिन हमने इसके लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है।’’ भारत के कार बाजार में हाइब्रिड, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी विभिन्न प्रौद्योगिकी का एक साथ विस्तार हो रहा है।

ऐसे में किसी भी एक प्रौद्योगिकी को दूसरे के स्थान पर बदले जाने के बजाय विभिन्न विकल्पों को लेकर एक साथ आगे बढ़ने की प्रवृत्ति विकसित हो रही है। डेब्लेज ने कहा भारत को अपने प्रमुख वृद्धि बाजार के रूप में देख रही रेनो हाइब्रिड प्रौद्योगिकी को डीजल वाहनों के विकल्प के तौर पर पेश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ा दांव है।

हम इसका प्रचार ‘डीजल भूलिए, हाइब्रिड अपनाइए’ के संदेश के साथ कर रहे हैं।’’ डेब्लेज ने कहा कि चार मीटर से अधिक लंबाई वाले वाहनों में हाइब्रिड की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है, जबकि चार मीटर से कम लंबाई वाले वाहनों के खंड में सीएनजी की संभावनाएं अधिक हैं। डस्टर के स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड संस्करण की प्रमाणित ईंधन दक्षता 29 किलोमीटर प्रति लीटर है। इसमें 1.8 लीटर का पेट्रोल इंजन, दो इलेक्ट्रिक मोटर और 1.4 किलोवाट-घंटे की बैटरी दी गई है।

भारत में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की कंपनी की योजना के बारे में पूछे जाने पर डेब्लेज ने कहा कि रेनो की बाजार हिस्सेदारी 2030 तक तीन से पांच प्रतिशत के बीच होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कंपनी का निर्धारित लक्ष्य नहीं, बल्कि बेहतर कामकाज का नतीजा होगा।

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Jio Platforms IPO: खुलने से पहले 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग, 21 अक्टूबर से बोली

 जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर औपचारिक रूप से निर्गम खुलने से पहले ही निवेशकों ने रुचि दिखायी है। घरेलू संस्थागत निवेशकों के अलावा जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की ओर से शुरुआती मांग करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की है। यह करीब 30,200 करोड़ रुपये के निर्गम आकार से आठ गुना से भी अधिक है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बोली के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा। 

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 2.5 लाख करोड़ रुपये का यह आंकड़ा संस्थागत निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी को बताता है। इस मांग में सरकारी निवेश कोष, वैश्विक दीर्घकालिक निवेशक, बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियां शामिल हैं। इस निर्गम में दिलचस्पी दिखाने वाले प्रमुख वैश्विक निवेशकों में जीआईसी, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे सरकारी कोष के अलावा ब्लैकरॉक, फिडेलिटी और कैपिटल ग्रुप के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

 वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), एसबीआई म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसी कंपनियों ने निर्गम में दिलचस्पी दिखायी है। सूत्रों के अनुसार, निर्गम में निवेश में रूचि का दायरा पारंपरिक संस्थागत निवेशकों से कहीं व्यापक है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर केंद्रित कई वैश्विक निवेशकों और बड़े पारिवारिक निवेश कार्यालयों ने भी इस निर्गम में पर्याप्त निवेश मांग का संकेत दिया है। 

आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। यह निर्गम 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, एंकर निवेशकों की बोली के बाद तस्वीर साफ होगी कि अभी दिख रही भारी संस्थागत दिलचस्पी औपचारिक आवंटन और बाद में आईपीओ अभिदान में किस स्तर तक बदलती है।

 कंपनी के निर्गम के 28 अक्टूबर को बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा मेटा प्लेटफॉर्म्स से संबद्ध इकाई की 9.98 प्रतिशत और गूगल इंटरनेशनल की 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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  Sports

रोहित शर्मा-वैभव सूर्यवंशी पर पूछे गए कड़े सवाल, इंटरव्यू में परफेक्ट जवाब देने वाला ही बनेगा टीम इंडिया का चीफ सिलेक्टर

भारतीय क्रिकेट टीम में अजीत अगरकर के चीफ सिलेक्टर पद से हटने के बाद उनकी जगह लेने के लिए नए उम्मीदवारों का इंटरव्यू हुआ. इस इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी और रोहित शर्मा को लेकर उम्मीदवारों से कड़े सवाल पूछे गए. इस इंटरव्यू में रोमेश पोवार, सलील अंकोला और वसीम जाफर जैसे पूर्व क्रिकेटर शामिल हुए. Sat, 17 Oct 2026 15:09:26 +0530

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