Udhayanidhi Stalin की गिरफ्तारी की निंदा, AIADMK और DMK नेताओं ने बताया प्रतिशोध
चेन्नई, चार अगस्त तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के नेताओं ने मंगलवार को एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उदयनिधि को पुलिस द्वारा तंजावुर ले जाए जाने के बाद एक्स पर एक पोस्ट में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने कमजोर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले गिरफ्तारी का समय चुना जाना संदेह पैदा करता है। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष के नेता की पूर्ण अनुपस्थिति में विधानसभा का संचालन करना बेहद निंदनीय है और यह दर्ज मामले से परे किसी गहरे राजनीतिक षड्यंत्र या मकसद की व्यापक आशंकाओं को जन्म देता है।
हालांकि, अन्नाद्रमुक नेता ने उदयनिधि के व्यक्तिगत आचरण की भी आलोचना की। पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से मानती रही है कि उदयनिधि की बयानबाजी पर लगाम लगाने की जरूरत है क्योंकि वह बिना अपने पद की गरिमा समझे महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा, उनके भाषण के लिए मामला दर्ज करना एक बात है, लेकिन आज विपक्ष के नेता को गिरफ्तार करने का प्रयास संदेह पैदा करता है।
पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए डीएमडीके प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने कहा, विपक्ष की आवाज दबाने का यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने इसकी तुलना औपनिवेशिक दौर से करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के समय मुंह बंद करने वाला कानून था और इसी तरह विपक्षी दलों की आवाज दबाने की मौजूदा कार्रवाई भी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तर्कों का जवाब तर्कों से देना ही लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखता है और गिरफ्तारी को समाधान नहीं माना जाना चाहिए।
अन्नाद्रमुक के उप महासचिव के. पी. मुनुसामी ने भी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ‘‘सत्ता का दुरुपयोग कर’’ विपक्ष के नेता को गिरफ्तार करा रहे हैं। द्रमुक नेता थंगम थेन्नारसु ने गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
वहीं, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) प्रमुख टी. थिरुमावलवन ने उदयनिधि की टिप्पणी को सभ्य राजनीति में अस्वीकार्य बताते हुए उनसे भीड़ को खुश करने वाली बिना सोचे-समझे बयानबाजी छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस घटना की देशभर में आलोचना हुई है। हालांकि, थिरुमावलवन ने राज्य सरकार से पांच अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले उदयनिधि की गिरफ्तारी से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसा संयम सत्तारूढ़ दल की छवि को बेहतर करेगा और सभी दलों को केंद्र सरकार से तमिलनाडु के कावेरी जल अधिकारों की मांग के लिए एकजुट होने में मदद करेगा। द्रमुक सांसद कनिमोझी ने एक्स पर कहा कि सरकार कानून के खिलाफ दमनकारी तरीकों का सहारा ले रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, विपक्ष के नेता को इस तरह गिरफ्तार करना, केवल उन्हें कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में भाग लेने से रोकने के लिए, घोर कायरता है।
द्रमुक नेताओं अनबिल महेश, थंगम थेन्नारसु, मा. सुब्रमणियन और के. एन. नेहरू ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की।
UP TGT और PGT भर्ती का नया सिलेबस जारी:पहली बार निगेटिव मार्किंग शुरू, संस्कृत में हुआ संशोधन
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने TGT और PGT भर्तियों का नया सिलेबस अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी कर दिया है। इस बार परीक्षा पैटर्न में कई अहम बदलाव किए गए हैं। आयोग जल्द ही जनरल नॉलेज का सिलेबस जारी करेगा जिससे उम्मीदवार अपनी तैयारी नई व्यवस्था के अनुसार कर सकेंगे। पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि दोनों भर्ती परीक्षाओं में पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है। इससे पहले टीजीटी और पीजीटी परीक्षा में केवल विषय से जुड़े 125 प्रश्न पूछे जाते थे और हर प्रश्न चार अंक का होता था। जनरल नॉलेज का सिलेबस बैठक के बाद जारी आयोग ने अभी केवल सब्जेक्ट वाइज सिलेबस जारी किया है। जनरल नॉलेज का सिलेबस आयोग की बैठक के बाद अलग से जारी किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग विषयों की एक जैसी डिग्रियों को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। संस्कृत विषय में बदलाव ज्यादातर विषयों के सिलेबस में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन संस्कृत विषय के सिलेबस में कुछ संशोधन किए गए हैं। उम्मीदवारों के अनुसार पीजीटी संस्कृत में वैदिक साहित्य से जुड़े कुछ नए भाग जोड़े गए हैं। वहीं टीजीटी संस्कृत में मेघदूतम् और नीति शतकम को हटाकर हितोपदेश, रघुवंश महाकाव्य का द्वितीय सर्ग तथा साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद शामिल किया गया है। एक लाख से ज्यादा पदों पर जल्द भर्ती की मांग नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से नई भर्ती का इंतजार किया जा रहा है। वहीं रोजगार अधिकार अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े एक लाख से अधिक पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई है। ये खबर भी पढ़ें रेलवे ग्रुप डी फिजिकल में 1,032 उम्मीदवार फेल:1000 मीटर की दौड़ सिलेक्शन की सबसे कठिन स्टेप, उमस भरे मौसम ने बढ़ाई परेशानी चिपचिपी गर्मी और उमस भरे मौसम में जहां ज्यादा देर चल पाना भी मुश्किल है। ऐसे मौसम में प्रयागराज के DSA ग्राउंड में 25 से 28 जुलाई तक रेलवे ग्रुप-डी PET परीक्षा की फिजिकल टेस्ट का आयोजन हुआ। इस टेस्ट के चलते 1,032 उम्मीदवार फेल हो गए। पांच दिनों तक चली फिजिकल टेस्ट उम्मीदवारों को भारी पड़ी। पूरी खबर यहां पढ़ें
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