Rahul Gandhi ने Rahul Gandhi ने दिल्ली में Rahul Gandhi ने पूछा कि छात्रों को माफ करने का अधिकार प्रधानमंत्री को किसने दिया
नयी दिल्ली, चार अगस्त कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की ‘गुमराह युवाओं को माफ करने’’ संबंधी टिप्पणी को लेकर मंगलवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि ‘भारत के भविष्य’ को माफ करने का अधिकार प्रधानमंत्री को किसने दिया? उन्होंने एमडीएमके नेता वाइको की पुस्तक ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच भारत की विविध भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को कमजोर करने वाली है तथा इसी के विरोध में छात्र सड़कों पर उतरकर ‘‘भारत की अवधारणा’’ (आइडिया ऑफ इंडिया) की रक्षा कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां छात्र रोजगार, निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर हैं।
उनका कहना था कि एक तरफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री उन्हें माफ करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘‘उन्हें छात्रों को माफ करने का अधिकार किसने दिया? भारत के भविष्य को माफ करने का अधिकार उन्हें कहां से मिलता है?’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी ने वाइको के राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक राज्य को अपनी संस्कृति, इतिहास और के साथ सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तमिल, मराठी, बांग्ला, मलयालम समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को महत्व नहीं देते हुए केवल आरएसएस द्वारा परिभाषित इतिहास और को ही प्रासंगिक मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, उनके सहयोगियों और आरएसएस की सोच के पीछे एक ‘‘खतरनाक और विभाजनकारी’’ विचार है।
उनके अनुसार, यह विचार भारत की विविध पहचान, भाषाओं और इतिहास को महत्वहीन मानता है, जबकि भारत ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेगा। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र इसी कारण सड़कों पर हैं और वे अपने-अपने तरीके से भारत की विविध संस्कृति, भाषाओं और इतिहास की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस भारत का इतिहास नहीं बदल सकता तथा भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा भी रौंदे जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
Karnataka Weather: तटीय कर्नाटक में मानसून सक्रिय, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मंगलुरु (कर्नाटक), चार अगस्त तटीय कर्नाटक में मंगलवार को मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उडुपी जिले के कुडांपुर तालुक में हकलाडी में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 189 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।
कर्नाटक राज्य आपदा निगरानी केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अरब सागर और पश्चिमी घाट क्षेत्र के ऊपर दक्षिणपश्चिम मानसून की सक्रियता से इस पूरी तटीय क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। दक्षिण कन्नड़ जिले में भी भारी वर्षा दर्ज की गई जहां उप्पीनांगडी में 122.8 मिमी तथा बेलथांगडी में 100.8 मिमी बारिश हुई। धर्मस्थल में 76.2 मिमी, मूडबिदरी में 74.4 मिमी, बंतवाल में 274 मिमी और मंगलुरु में 23.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
उत्तर कन्नड़ जिले में जोइडा में सर्वाधिक 148.6 मिमी, जागलबेट में 67 मिमी, गेरसोप्पा में 46.2 मिमी और किरावट्टी में 32.4 मिमी वर्षा हुई। इस तटीय क्षेत्र में व्यापक वर्षा से निचले इलाकों में जलजमाव होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। नेत्रावती और इसकी सहायक नदिया खतरे के निशान के करीब पहुंच गयी हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। तटीय जिलों के जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की इकाइयों और स्थानीय आपात मोचन दलों को पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन एवं बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है। प्रशासन ने मछुआरों को प्रतिकूल मौसम को देखते हुए अरब सागर में जाने से परहेज करने की सलाह दी है।
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