पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया:सिंध में भी झटके महसूस हुए; इतनी ही तीव्रता का भूकंप फरवरी में भी आया था
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 48 किलोमीटर दूर था। इसी साल फरवरी में यहां इतनी ही तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके सिंध में भी महसूस किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें खुझदार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिले में राहत-बचाव दल, अस्पताल और पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल, भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई हैं। फरवरी में भी भूकंप आया था इससे पहले फरवरी में बलूचिस्तान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था। यह सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर आया था और इसका केंद्र जमीन से 13 किलोमीटर की गहराई में था। उस समय भूकंप का केंद्र खुझदार शहर से 86 किलोमीटर दूर था। भूकंप के झटके बलूचिस्तान के झल मगसी, जाफराबाद और नसीराबाद में महसूस किए गए थे। पड़ोसी सिंध प्रांत के सुक्कुर, कंबर, शहदादकोट और दादू जिलों में भी झटके महसूस हुए थे। बलूचिस्तान में पहले भी खतरनाक भूकंप आ चुके हैं बलूचिस्तान के क्वेटा में 1935 में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इसमें करीब 35 हजार लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 1945 में मकरान तट के पास 8.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिससे समुद्र में सुनामी भी उठी थी। 2005 के भूकंप में 74 हजार से ज्यादा मौतें हुई थीं पाकिस्तान में अब तक के सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक 8 अक्टूबर 2005 को आया था। इस भूकंप में 74 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान तीन प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों - अरबियन, यूरेशियन और भारतीय प्लेट- के संपर्क वाले क्षेत्र में स्थित है। इन प्लेटों की हलचल के कारण देश में अक्सर भूकंप के झटके महसूस होते हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में छात्रों ने मंदिर के सामने गोमांस पकाया: आज यूनिवर्सिटी में गाय काटने की तैयारी बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में 12 अक्टूबर को मंदिर के पास गोमांस पकाने को लेकर विवाद हो गया। इसके दो दिन बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में पशु काटने से बचने का नोटिस जारी किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 को Smriti Irani ने कहा भावनात्मक अलविदा, पर्दे के पीछे की टीम को किया सलाम
लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री और राजनेता स्मृति ईरानी ने बहुचर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के सफर को एक खूबसूरत और भावनात्मक 'बिहाइंड-द-सीन्स' (BTS) वीडियो के साथ अलविदा कह दिया है। शो के समापन पर शेयर किए गए इस विशेष वीडियो में स्मृति ईरानी ने दर्शकों को उन अनसंग हीरोज (ऑफ़-स्क्रीन क्रू) से मिलवाया, जो परदे के पीछे दिन-रात मेहनत करके इस शो के जादू को साकार करते हैं।
वीडियो की शुरुआत में ईरानी, अभिनेता अमर उपाध्याय और हितेन तेजवानी के साथ दर्शकों का अभिवादन करती हैं। इसके बाद, वह ऑफ-स्क्रीन क्रू से परिचय कराती हैं, जिसमें प्रोडक्शन यूनिट, डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DOP) और उनकी टीम, साथ ही निर्देशक और उनकी डायरेक्शन टीम शामिल है। ईरानी ने अपने कैप्शन में लिखा, "शो खत्म होने से पहले... मिलिए उन लोगों से जो इस जादू के पीछे हैं," साथ ही उन्होंने शो को टैग किया और हार्ट इमोजी भी जोड़े।
25 साल आगे की कहानी दिखाने वाला 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2', परिवार की मुखिया तुलसी विरानी के इर्द-गिर्द घूमता है। एक पारिवारिक त्रासदी का दोष अपने सिर लेने के कारण, तुलसी को 10 साल जेल में बिताने पड़ते हैं। जेल से लौटने पर, वह पाती हैं कि उनका परिवार अंदरूनी सत्ता संघर्ष, पुराने दबे हुए रहस्यों और पीढ़ियों के बीच की दूरियों की वजह से टूट चुका है। जहाँ एक तरफ पुराने दुश्मन फिर से सामने आ जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ विरानी परिवार की अगली पीढ़ी- अंगद, वृंदा और करण- के बीच भी जटिल प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलती है। ऐसे में, तुलसी को एक बार फिर अपने परिवार को बाहरी ताकतों से बचाना है, टूटे रिश्तों को जोड़ना है, और शांतिनिकेतन की खोई हुई विरासत और नैतिक मूल्यों को वापस लाना है।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में पुराने किरदारों के साथ-साथ नई पीढ़ी के मुख्य कलाकार भी नजर आते हैं। गौरी प्रधान एक बार फिर नंदिनी विरानी के किरदार में हैं। उनके साथ शो के पुराने कलाकारों में से शक्ति आनंद (हेमंत), केतकी दवे (दक्षा) और सुमीत सचदेव (गौतम) भी शामिल हैं। कई पीढ़ियों को समेटने वाली इस कहानी में मुख्य भूमिकाओं में रोहित सुचांती और तनीषा मेहता हैं, जो अंगद और वृंदा विरानी का किरदार निभा रहे हैं, जबकि शगुन शर्मा परिधि के रोल में हैं। बरखा बिष्ट इस शो में मुख्य विलेन 'नोइना साराभाई' के रूप में शामिल हुई हैं, जो शांतिनिकेतन परिवार के खिलाफ कॉर्पोरेट और निजी स्तर पर कई टकराव पैदा करती हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले एकता कपूर और शोभा कपूर द्वारा निर्मित, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' स्टार प्लस पर इसके मुख्य प्राइम-टाइम स्लॉट में प्रसारित होता है।
डिजिटल दर्शकों के लिए, यह डेली ड्रामा विशेष रूप से जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर स्ट्रीम होता है।
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