वाराणसी के नमो घाट पर IAF का बड़ा प्रदर्शन, करतब दिखाएगी Surya Kiran और Sarang टीम
उत्तर प्रदेश के नमो घाट पर 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक भारतीय वायु सेना (IAF) का 'एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026' आयोजित किया जाएगा, जिसे "विंग्स ओवर गंगा" (Wings Over Ganges) नाम दिया गया है। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जिसमें लड़ाकू विमान, एयरोबैटिक फॉर्मेशन और हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। प्रयागराज में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी और प्रवक्ता, विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि गंगा नदी और वाराणसी के ऐतिहासिक शहर की पृष्ठभूमि में होने वाले इस प्रदर्शन में वायु सेना की उड़ान क्षमताओं को दिखाया जाएगा।
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भारतीय वायु सेना की 'सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम' और 'सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम' इसमें हिस्सा लेंगी, जो हवाई करतब, सटीक उड़ान और बेहतरीन तालमेल वाले फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेंगी। इस प्रदर्शन में तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड', IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 जैसे कई विमान शामिल होंगे। इनके साथ ही सुखोई Su-30MKI और राफेल जैसे फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान भी नजर आएंगे।
भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी इसमें शामिल होंगे, जो तीनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन क्षमताओं को दर्शाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय वायु सेना के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को एविएशन (विमानन) तथा एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। बयान के अनुसार, दर्शकों को हवाई अभियानों में शामिल प्रशिक्षण, तकनीक और समन्वय के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
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'विंग्स ओवर गंगा' (Wings Over Ganges) थीम वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता से जोड़ती है, जिसमें गंगा नदी को इस प्रदर्शन के लिए एक सुंदर पृष्ठभूमि के रूप में इस्तेमाल किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम वायु सेना दिवस समारोह का एक अहम हिस्सा होगा, जिससे स्थानीय लोगों और दर्शकों को भारतीय वायु सेना के विमानों और प्रदर्शन टीमों को काम करते हुए देखने का अवसर मिलेगा।
चुनाव जीतने में नाकाम Opposition अब देश में Regime Change चाहता है, Devendra Fadnavis का तीखा हमला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 अक्टूबर को विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हटकर केंद्र सरकार को "गिराने" की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध करना असल में सत्ता परिवर्तन की एक चाल है। 'X' पर एक पोस्ट में फडणवीस ने लिखा कि चूंकि लोकतांत्रिक तरीके से पात्र मतदाताओं के वोट पाकर उनके जीतने की कोई दूर-दूर तक संभावना नहीं है, इसलिए आखिरकार 'सच' सामने आ ही गया। देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की उनकी साजिश का पर्दाफाश हो गया है!
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SIR पर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वे ‘SIR’ का विरोध क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे ‘सत्ता परिवर्तन’ (regime change) चाहते हैं। चूंकि चुनावों के जरिए उनके सत्ता में आने का कोई मौका नहीं है, इसलिए वे ‘सत्ता परिवर्तन’ की बात कर रहे हैं! वे सरकार को गिराना चाहते हैं—लेकिन लोकतांत्रिक तरीकों से नहीं! ‘SIR’ का विरोध तो बस एक बहाना है; असल विरोध तो लोकतंत्र के खिलाफ है।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि SIR के खिलाफ विपक्ष का अभियान असल में लोकतंत्र के खिलाफ एक अभियान है। उन्होंने कहा कि असली विरोध आपके और मेरे वोट के खिलाफ है—यानी उन नागरिकों के वोट के खिलाफ, जिन्हें वोट देने का अधिकार है।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र का समर्थन करने वालों और ‘सत्ता परिवर्तन’ की वकालत करने वालों में से किसी एक को चुनें। उन्होंने कहा, “अब हमें तय करना होगा: क्या हमें लोकतंत्र चाहिए, या फिर वे लोग चाहिए जो ‘सत्ता परिवर्तन’ की बात करते हैं? लोकतंत्र को बचाने के लिए ‘SIR’ का कोई विकल्प नहीं है!
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ये टिप्पणियां उस विवाद के बाद आईं, जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे आंदोलन को सत्ता परिवर्तन की लड़ाई (फाइट फॉर रेजीम चेंज) बताया, जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश के 'जेन जेड' (Gen Z) आंदोलन का जिक्र किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन बयानों को चुनावी तरीकों से इतर मोदी सरकार को गिराने की कोशिशों का सबूत माना, लेकिन विपक्ष ने इस आरोप को खारिज कर दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए इसे लोकतंत्र में सामान्य बताया।
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