Explainer: ट्रंप ने चलने से पहले ही रोक दिया 100% टैरिफ का 'बम'! भारत-चीन समेत 5 देशों को बड़ी राहत, लेकिन क्या ये छूट हमेशा के लिए है?
Donald Trump Russia Oil Tariff: रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ का जो खतरा पिछले एक महीने से मंडरा रहा था उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल ब्रेक लगा दी है. शुक्रवार शाम जारी एक कार्यकारी आदेश में उन्होंने 'ग्राहम एक्ट' के तहत लगने वाले प्रतिबंधों और शुल्कों से छूट देने का ऐलान किया है. इससे भारत और चीन समेत उन पांच देशों को राहत मिली है जो इस कानून के निशाने पर थे. आइए अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या आदेश दिए हैं, इन निर्देशों का भारत पर क्या असर पड़ेगा इस बारे में आपको डिटेल में बताते हैं.
ट्रंप ने आखिर ऐलान क्या किया है?
ट्रंप ने अपने आदेश में कहा कि वे 'ग्राहम एक्ट' के तहत लगाए जाने वाले प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इस फैसले को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताने वाला एक प्रमाणपत्र वे कांग्रेस को सौंप चुके हैं. बता दें यह कोई मौखिक बयान नहीं है बल्कि कानूनी तौर पर जारी किया गया आदेश है.
US President Donald Trump invokes Section 115 of the Graham Act, which authorises the President to waive the application of any sanctions provision with respect to a foreign person, any restriction with respect to a person, and any duty under the law.
— ANI (@ANI) October 17, 2026
US President Donald Trump… pic.twitter.com/51phkTR8eb
यह 'ग्राहम एक्ट' है क्या?
इसका पूरा नाम 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' है. अमेरिकी सीनेट ने इसे अगस्त में 86 के मुकाबले 11 वोट से पास किया था जबकि प्रतिनिधि सभा ने सितंबर में इसे मंजूरी दी थी. ट्रंप ने 18 सितंबर को इस पर दस्तखत किए थे. बता दें इस कानून में रूसी सामान पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ का प्रावधान था और रूस से सबसे ज्यादा तेल-गैस खरीदने वाले देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का रास्ता खोला गया था.
किन पांच देशों को राहत मिली है?
कानून के निशाने पर चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कानून ने ट्रंप को शुल्क लगाने के लिए 30 दिन का वक्त दिया था और यह समयसीमा 18-19 अक्टूबर के आसपास खत्म हो रही थी. ट्रंप ने डेडलाइन से कुछ ही दिन पहले अब यह कदम उठाया, जिससे इन देशों को फायदा मिलेगा.
क्या वाकई अब कोई टैरिफ नहीं लगेगा?
"कोई टैरिफ नहीं लगेगा", लेकिन यह फिलहाल की छूट है. रूस से जुड़े शुल्कों को सिर्फ अभी के लिए रोका गया है. आदेश के अनुसार ये छूटें तब तक लागू रहेंगी जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री अलग फैसला नहीं लेते. इसका मतलब है कि कानून खत्म नहीं हुआ, सिर्फ उसके कई प्रावधान निलंबित किए गए हैं.
आदेश में किन प्रावधानों पर रोक लगाई गई है?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आदेश की धारा 4 कानून की धारा 112 और 113 को तुरंत निलंबित करती है जो शुल्क लगाने से जुड़ी हैं। इसके अलावा विदेशी व्यक्तियों पर लगने वाले कई प्रतिबंध भी हटाए गए हैं. रूसी सामान पर 500 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने वाला प्रावधान भी रोक दिया गया है.
#WATCH | On the US oil deal with Russia, US President Donald Trump says, "...We make a lot of oil. We could impose a restriction on oil, but the rest of the world would be greatly affected if we did that. We could do a restriction, a cap on diesel. Keep it all for ourselves. That… pic.twitter.com/OySf23vUpL
— ANI (@ANI) October 12, 2026
भारत की इस पूरे मामले में क्या स्थिति रही है?
भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में से है. पिछली रिपोर्टों के मुताबिक अगस्त में भारत ने रोजाना करीब 20.8 लाख बैरल कच्चा तेल रूस से खरीदा था. जब यह कानून पास हुआ था तब विदेश मंत्रालय ने साफ कहा था कि 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत बाजार की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग स्रोतों से तेल-गैस खरीदना जारी रखेगा.
ट्रंप के इस फैसले पर भारत की क्या प्रतिक्रिया आई है?
जानकारी के मुताबिक भारतीय राजनयिक विनय कुमार ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति पर भारत का रुख पहले से साफ है और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सबसे जरूरी है. अमेरिका की तरफ से आदेश में सिर्फ 'राष्ट्रीय हित' का हवाला दिया गया है और इसकी कोई विस्तृत वजह नहीं बताई गई है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ट्रंप रूस को लेकर नरम रुख अपना रहे हैं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की सार्वजनिक आलोचना भी कर रहे हैं.
क्या इससे अमेरिका-भारत के व्यापारिक रिश्तों पर कोई असर पड़ेगा?
पिछले साल अमेरिका ने भारतीय सामान पर रूसी तेल खरीदने की वजह से अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था. फरवरी में वाशिंगटन ने यह अतिरिक्त शुल्क हटा दिया था जो एक व्यापारिक ढांचे का हिस्सा था. ताजा छूट के बाद भारतीय निर्यातकों पर 100 प्रतिशत शुल्क का संभावित खतरा फिलहाल टल गया है.
Kaviya Maran के होने वाले पति Anirudh Ravichander क्या करते हैं? जानें प्रोफेशन से लेकर नेटवर्थ तक सबकुछ
Anirudh Ravichander: आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन (Kaviya Maran) पिछले काफी लंबे वक्त से अपनी शादी को लेकर चर्चा में हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, काव्या जल्दी ही म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर (Anirudh Ravichander) के साथ शादी करने जा रही हैं. इस बार दोनों की शादी की डेट भी सामने आ चुकी है.
खबर से है कि ये पॉपुलर कपल ग्रीस की खूबसूरत वादियों में शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. कपल ने हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को अपनी शादी का इनविटेशन दिया है. काव्या मारन और अनिरुद्ध रविचंदर की शादी की खबर ने फैंस की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है अनिरुद्ध रविचंदर कौन हैं? अनिरुद्ध रविचंदर का प्रोफेशन क्या है और उनकी नेटवर्थ कितनी है?
काव्या मारन-अनिरुद्ध रविचंदर की शादी कब है?
काव्या और अनिरुद्ध की शादी की खबरें ऐसे तो कई बार उड़ चुकी हैं, लेकिन इस बार इस खबर को कंफर्म माना जा रहा है. दरअसल, दोनों ने हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की है और शादी का कार्ड भी उन्हें दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों 11 नवंबर 2026 को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. दोनों की शादी ग्रीस में होगी और इनका ग्रैंड रिसेप्शन 21 नवंबर को चेन्नई में ही होस्ट किया जाएगा. हालांकि, काव्या मारन-अनिरुद्ध रविचंदर की ओर से शादी की डेट को कंफर्म नहीं किया गया है.
Sun Group Chairman Shri Kalanithi Maran and his wife, Smt. Kavery Maran, met Hon’ble Chief Minister Shri A. Revanth Reddy at his residence in Jubilee Hills and invited him to the wedding reception of their daughter, Kavya Maran. The wedding reception of Kavya Maran and Anirudh Ravichander is scheduled to be held in Chennai on November 21. #KalanithiMaran #KavyaMaran
— Telangana CMO (@TelanganaCMO) October 16, 2026
कौन हैं अनिरुद्ध रविचंदर?
आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन के होने वाले पति अनिरुद्ध रविचंदर साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम है. अनिरुद्ध रविचंदर साउथ के एक फेमस म्यूजिक कंपोजर, प्लेबैक सिंगर और म्यूजिक प्रोड्यूसर हैं, जो अपने काम से जाने जाते हैं. साल 2012 में उन्हें फिल्म '3' के वायरल सॉन्ग 'Why This Kolaveri Di' से घर-घर में पहचान मिली थी.
अनुरुद्ध साउथ के अलावा, हिंदी फिल्मों के लिए भी काम करते हैं. उन्होंने 'कथ्थी', 'मास्टर', 'विक्रम', 'जेलर', 'लियो' और 'जवान' जैसे हिट फिल्मों में भी म्यूजिक दिया है.
काव्या मारन की नेटवर्थ कितनी है?
काव्या मारन को उनके पिता का बिजनेस विरासत में मिला है. वो आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन हैं. मीडियो रिपोर्ट्स की मानें, तो काव्या की नेटवर्थ करीब 400 करोड़ से 500 करोड़ रुपये के आसपास है. काव्या के पास उनके अरबपति बिजनेसमैन पिता कलानिधि मारन की विरासत मिली है. उनके पिता मीडिया समूह 'सन ग्रुप' का भी अहम हिस्सा है. उनके पिता सन टीवी नेटवर्क के Executive Director हैं.
अनिरुद्ध रविचंदर की नेटवर्थ कितनी है?
काव्या मारन अपने आप में एक बहुत बड़ा नाम है. काव्या 18000 करोड़ की IPL टीम की मालकिन है. फोर्ब्स के मुताबिक, काव्या के पिता की नेटवर्थ (Kalanithi Maran Net Worth) करीब 26,000 करोड़ रुपये है. वहीं, उनके होने वाले म्यूजिक कंपोजर पति अनिरुद्ध की नेटवर्थ भी कोई कम नहीं है. फिल्मबीट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अनिरुद्ध रविचंदर की नेटवर्थ करीब 50-60 करोड़ रुपये है. खबरों की मानें, तो अनिरुद्ध रविचंदर एक फिल्म का म्यूजिक और स्कोर तैयार करने के लिए करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की फीस चार्ज करते हैं.
अनिरुद्ध का अपना खुद का बिजनेस भी है. वो फिल्टर कॉफी स्टार्टअप VS Mani & CO के को-फाउंडर और ब्रांड एंबेसडर भी हैं. इसके अलावा, अनिरुद्ध टकीला ब्रांड Loca Loka के को-क्रिएटर भी हैं.
अनिरुद्ध रविचंदर का रजनीकांत से क्या रिश्ता है?
अनिरुद्ध रविचंदर के पिता रवि राघवेंद्र भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. अनिरुद्ध रविचंदर का साउथ सुपरस्टार रजनीकांत से भी एक खास रिश्ता है. दरअसल, रजनीकांत की पत्नी लता रजनीकांत और अनिरुद्ध के पिता रवि राघवेंद्र की सगे भाई-बहन हैं. इस नाते रजनीकांत अनिरुद्ध के फूफा लगते हैं.
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