उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार में सालाना कांवड़ यात्रा के लिए आ रहे कांवड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने हेलीकॉप्टर से शिव भक्तों पर फूलों की बारिश की और सम्मान के तौर पर पांच तीर्थयात्रियों के पैर धोए। मुख्यमंत्री धामी ने अलकनंदा होटल परिसर में 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर' का उद्घाटन भी किया और तीर्थयात्रियों के लिए की गई चिकित्सा सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अलग-अलग राज्यों से आए कांवड़ियों से बातचीत की और भक्तों को भोजन परोसा। सम्मान समारोह के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देवभूमि आने वाले हर शिव भक्त की तीर्थयात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का एक भव्य उत्सव है। राज्य सरकार, सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर, इस तीर्थयात्रा के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने भगवान शिव को लाखों लोगों के लिए आस्था, शक्ति और भक्ति का स्रोत बताया। मुश्किल हालात के बावजूद, भक्त "बम-बम भोले" का जयकारा लगाते हुए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते हैं, जो उनकी अटूट भक्ति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस साल एक करोड़ से ज़्यादा कांवड़ियों ने सफलतापूर्वक पवित्र गंगा जल लिया और अपनी मंज़िल की ओर बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत और पवित्र स्थलों को बचाने और विकसित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, श्री राम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को एक नई वैश्विक पहचान दे रही हैं।
2013 की केदारनाथ आपदा का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण के ज़रिए केदारनाथ धाम को एक भव्य और दिव्य तीर्थ स्थल में बदल दिया गया है। आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और तीर्थ पुरोहितों के लिए आवास जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी प्रस्तावित परियोजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई गति देंगी।
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग, एम्बुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियां तैनात की गई हैं। उन्होंने भक्तों से यह भी अपील की कि वे पूरी यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखें, तीर्थ यात्रा की पवित्रता का सम्मान करें और धार्मिक परंपराओं का पालन करें।
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की स्थिति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, भारत-चीन संबंध, बांग्लादेश, म्यांमार, ब्रिक्स और यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का स्पष्ट और दृढ़ पक्ष रखा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति पर पूरी तरह अडिग है और पाकिस्तान को अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत सभी देशों से अपील करता है कि वे सीमा पार आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी धरती से संचालित आतंकी नेटवर्क को समाप्त करे और सीमा पार आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई करे।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कराए जा रहे तथाकथित दूसरे चरण के स्थानीय चुनावों को विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह "ढकोसला" करार दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविकता यह है कि पीओके में जनता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा आम नागरिकों पर दमन जारी है। उन्होंने बताया कि जून 2026 से अब तक कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है तथा अनेक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, इंटरनेट ब्लैकआउट, धमकी और दमन से दे रहा है तथा अब खोखले चुनावों के माध्यम से वैधता का दिखावा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के इस दोहरे चरित्र और मानवाधिकारों पर उसके पाखंड को समझना चाहिए।
भारत-अमेरिका अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने इस दिशा में पर्याप्त प्रगति की है। कुछ मुद्दों पर अंतिम सहमति बननी बाकी है और दोनों पक्ष उन्हें शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
भारत-चीन संबंधों पर प्रभासाक्षी की ओर से पूछे गये सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हो चुकी है, नागरिक उड्डयन संपर्क भी बहाल किया गया है और कई अन्य पहलें की गई हैं। भारत का विश्वास है कि इन प्रयासों से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।
इसके अलावा, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे जहाज एजीएन रैग्नर पर हुए हमले के संबंध में विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। भारतीय दूतावास यूक्रेन और रोमानिया के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा खोज एवं बचाव अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लापता भारतीयों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और उनके परिवारों को भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का उससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने के निमंत्रण के विषय में विदेश मंत्रालय ने बताया कि फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। साथ ही, भारत ने बिम्सटेक (BIMSTEC) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में उन्हें नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी आमंत्रित किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह ब्रिक्स की स्थापित परंपरा के अनुरूप है और अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी इसी प्रकार आमंत्रित किया गया है।
भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े लंबित क्षेत्रों पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ सीमाई क्षेत्रों का निर्धारण अभी शेष है और इन पर वार्ता जारी है। वहीं पाकिस्तान द्वारा भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर की गई टिप्पणियों को लेकर उन्होंने कहा कि ये बयान भारत-अफगानिस्तान संबंधों में सकारात्मक प्रगति से पाकिस्तान की असुरक्षा और निराशा को दर्शाते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां जारी हैं और विभिन्न देशों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं। समय-समय पर इससे संबंधित जानकारी साझा की जाएगी।
सिंधु जल संधि पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि यह संधि फिलहाल स्थगित रहेगी और तब तक बहाल नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय एवं अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं कर देता।
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