Success story: बचपन में उठा पिता का साया, भाई ने थामा हाथ, जयपुर के कमलेश ने ऐसे खड़ा किया 5 करोड़ का कारोबार
Kamlesh Kumawat Success Story: जयपुर जिले के जोबनेर के पास गोकुलपुरा गांव के कमलेश कुमावत ने संघर्ष और मेहनत के दम पर कोल्ड स्टोरेज निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है. बचपन में पिता को चौथी स्टेज का कैंसर होने और वर्ष 2013 में उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा. सीमित संसाधनों के बावजूद कमलेश ने आईटीआई की पढ़ाई पूरी की और बड़े भाई अशोक कुमावत के सहयोग से कारोबार शुरू किया. शुरुआती असफलताओं और कोरोना महामारी के कारण आई मुश्किलों ने भी उनका हौसला नहीं तोड़ा. दोनों भाइयों ने रणनीति बदलकर कोल्ड स्टोरेज निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया. वर्ष 2021 में AKG Jaipur कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ. आज कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. कमलेश की कहानी पारिवारिक सहयोग, धैर्य और निरंतर मेहनत से सफलता हासिल करने की मिसाल है.
कौन हैं कुमार कुशाग्र? जिन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया से आया बुलावा, धोनी से इंस्पायर होकर शुरू की विकेटकीपिंग
Who Is Kumar Kushagra: झारखंड के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के आखिरी दो मैचों के लिए भारतीय टीम में चुन लिया गया है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 42 से अधिक के औसत से 2,507 रन बनाने वाले कुशाग्र अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं. अंडर-19 विश्व कप, रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्डतोड़ पारियों और आईपीएल के सफर से गुजरते हुए उन्होंने भारत ए और घरेलू सर्किट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर नेशनल क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई है.
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