ओली पोप ने अफगानिस्तानी लीग से नाम वापस लिया:विल स्मीड और डेविड विली भी हटे; ECB ने आपत्ति जताई थी
इंग्लैंड के ओली पोप ने अफगानिस्तान प्रीमियर लीग T-20 के पहले ड्राफ्ट से नाम वापस ले लिया है। विल स्मीड और डेविड विली भी ड्राफ्ट से हट गए हैं। जबकि, डेविड मलान ड्राफ्ट का हिस्सा हैं। यह ड्राफ्ट 24 अक्टूबर को होना है। तालिबान सरकार में महिलाओं को क्रिकेट खेलने की इजाजत नहीं है। वहां की महिला टीम नहीं है। इसी वजह से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम अफगानिस्तान से द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलते हैं। वे अपने खिलाड़ियों को भी वहां की लीग खेलने की अनुमति नहीं देते हैं। रॉब की ने कहा- खिलाड़ियों को नैतिक फैसला लेना होगा क्रिकेट वेबसाइट क्रिकइन्फो के अनुसार पोप ने सोमवार को ECB के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की के बयान से पहले ही नाम वापस लेने का फैसला कर लिया था। रॉब ने खिलाड़ियों से APL में खेलने को लेकर सही नैतिक रुख अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वह ड्राफ्ट के लिए रजिस्टर करने वाले ओली पोप से उनके फैसले पर बात करेंगे। पोप ने अब ड्राफ्ट से नाम वापस ले लिया है। रॉब की ने BBC के ‘टेस्ट मैच स्पेशल’ पॉडकास्ट में कहा, ‘कानूनी तौर पर खिलाड़ियों को इन प्रतियोगिताओं में खेलने से रोकना मुश्किल है।’ डेविड मलान ने ECB और ICC नियमों का हवाला दिया इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी अब भी APL ड्राफ्ट में रजिस्टर्ड हैं। इनमें डेविड मलान भी शामिल हैं। मलान ने टेस्ट मैच स्पेशल पॉडकास्ट में कहा, ‘खिलाड़ियों के तौर पर हम ICC और बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों का पालन करते हैं।’ मलान ने कहा, ‘मेरी एक बेटी है। मैं चाहता हूं कि वह खेल खेले और इसमें आगे बढ़े। मैं इस तर्क को पूरी तरह समझता हूं।’ उन्होंने कहा, “अंत में मैं क्रिकेटर हूं। मुझे अपना किराया देना है और जब तक खेल सकता हूं, तब तक कमाई करनी है।' मलान ने कहा, ‘जब तक बोर्ड ने इसे मंजूरी दी है, तब तक मैं खेलने के लिए तैयार हूं।’ APL के आयोजन पर भी सवाल क्रिकइन्फो ने पिछले हफ्ते बताया था कि APL के तय कार्यक्रम के अनुसार होने पर भी संदेह है। लीग की पांच में से केवल तीन फ्रेंचाइजी बिकी हैं। एक सूत्र ने लीग की संभावनाओं को ‘बहुत अनिश्चित’ बताया है। APL का आयोजन 27 दिसंबर से UAE में शुरू होना है। -----------------------------------------------------
इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम हो- गावस्कर:कहा- रणजी में भी प्लेट और एलीट टीमों के रिकॉर्ड अलग हों
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम लागू करने की मांग की है। गावस्कर ने कहा- ‘अलग-अलग लेवल की टीमों के मैचों के रिकॉर्ड एक जैसे नहीं माने जाने चाहिए।’ दरअसल, 9 अक्टूबर को मंगोलिया T20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल एशिया क्वालिफायर-ए में थाईलैंड के खिलाफ 196 रन का पीछा करते हुए 13 रन पर सिमट गई थी। इस गावस्कर ने मिड-डे पर कॉलम लिखा। गावस्कर ने कॉलम में 2 उदाहरण दिए गावस्कर ने क्या-क्या लिखा, पढ़िए… फुटबॉल की तरह प्रमोट और रेलिगेट करने का सुझाव दिया गावस्कर ने फुटबॉल लीग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अलग-अलग डिविजन होते हैं। सीजन के अंत में टीमों का प्रमोशन और रेलिगेशन होता है। उन्होंने लिखा, ‘जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, उनके बारे में यह बताया जाता है कि वे किस डिविजन में बने हैं।’ उन्होंने कहा कि देश जिस डिविजन में खेल रहे हों, उसके आधार पर रिकॉर्ड का अंतर सभी को साफ दिखना चाहिए। रणजी ट्रॉफी में भी अलग रिकॉर्ड की बात गावस्कर ने रणजी ट्रॉफी के रिकॉर्ड को लेकर भी ऐसी ही व्यवस्था पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्लेट ग्रुप में बने रिकॉर्ड को मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ बने रिकॉर्ड से आगे नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘ज्यादातर नई राज्य टीमों के पास बुनियादी ढांचा भी नहीं था। इसलिए उन्होंने दूसरे राज्यों के ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया, जिन्हें अपनी घरेलू राज्य टीमों में जगह नहीं मिल पाई थी।’ --------------------------------------------
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