India vs West Indies T20 से पहले Arshdeep Singh चोटिल, Bhuvneshwar Kumar टीम में शामिल
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम को तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट ने चिंता में डाल दिया है। चौथे टी20 मैच के दौरान उनके कंधे के पास चोट लगी थी, जिसके बाद उनके पांचवें मुकाबले में खेलने पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, भारतीय टीम प्रबंधन ने अभी उन्हें पूरी तरह बाहर नहीं किया है। एहतियात के तौर पर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके अनुभव का फायदा उठाया जा सके।
हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत की पारी के आखिरी समय में अर्शदीप सिंह बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाज शमर जोसेफ की एक गेंद उनके बाजू के ऊपरी हिस्से पर लगी। यह मैच की आखिरी गेंद भी साबित हुई और अर्शदीप को चोट के कारण मैदान छोड़ना पड़ा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि मैच में उनकी भागीदारी को लेकर फैसला मुकाबले से पहले उनकी सेहत में सुधार को देखते हुए लिया जाएगा।
पांचवें टी20 मैच से एक शाम पहले भारतीय गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्कल ने भी अर्शदीप की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर कुमार को टीम में अतिरिक्त तेज गेंदबाज के तौर पर जोड़ा गया है, लेकिन अभी किसी खिलाड़ी को बाहर नहीं किया गया है। मोर्कल के मुताबिक, अर्शदीप की हालत में सुधार हो रहा है और उनके खेलने की संभावना बनी हुई है। अंतिम फैसला टीम प्रबंधन मैच वाले दिन उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद करेगा।
बता दें कि भुवनेश्वर कुमार ने नवंबर 2022 के बाद से भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। पिछले सप्ताह उन्हें न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापस जगह मिली थी। इससे पहले उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस की जांच कराई और गेंदबाजी का अभ्यास बढ़ाया। सितंबर में वह उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलते नजर आए थे।
भुवनेश्वर की वापसी में इंडियन प्रीमियर लीग में उनका प्रदर्शन भी अहम रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए उन्होंने लगातार खिताब जीतने वाले सत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया। 2026 के आईपीएल में उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। उनसे आगे कगिसो रबाडा थे, जिन्होंने पर्पल कैप हासिल की। मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर की वापसी पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका अनुभव युवा गेंदबाजी आक्रमण के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
गौरतलब है कि अर्शदीप सिंह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अब तक खेले गए चारों टी20 मुकाबलों में हिस्सा लिया है और 5 विकेट लिए हैं। वह रविवार को न्यूजीलैंड रवाना होने वाली भारतीय टी20 टीम का भी हिस्सा हैं। दूसरी ओर, भारतीय चयनकर्ताओं के सामने एकदिवसीय टीम को लेकर भी चुनौती है, क्योंकि प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे तेज गेंदबाज चोट से जूझ रहे हैं। न्यूजीलैंड में होने वाली एकदिवसीय सीरीज के बाद 2 टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेली जानी है, इसलिए कुछ खिलाड़ियों को पहले आराम देकर टेस्ट की तैयारी का मौका मिल सकता है।
भारत के तेज गेंदबाजी विकल्पों में अर्शदीप, भुवनेश्वर, मयंक यादव और प्रिंस यादव शामिल हैं। वहीं, नीतीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे भी तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर के रूप में टीम का हिस्सा हैं। पांचवें टी20 मुकाबले के लिए श्रेयस अय्यर कप्तान हैं, जबकि अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नमन धीर समेत बाकी खिलाड़ी भी टीम में शामिल हैं। ऐसे में निर्णायक मुकाबले से पहले सभी की नजरें अर्शदीप की फिटनेस और टीम प्रबंधन के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
इंदौर में जलसंकट पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, चिंटू चौकसे बोले – ‘CM 12 महीने की कार्ययोजना जनता के सामने रखें’
इंदौर में संभावित जलसंकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भाजपा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद कांग्रेस ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और भाजपा के अंदर समन्वय को लेकर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से खुद उच्चस्तरीय बैठक बुलाने और अगले 12 महीनों के लिए पानी की व्यवस्था का पूरा प्लान जनता के सामने रखने की मांग की है। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने भी पूछा कि भाजपा को इतना समर्थन मिलने के बाद भी लोगों को पानी की परेशानी क्यों हो रही है।
दरअसल शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं। ऐसे में संभावित जलसंकट को देखते हुए मुख्यमंत्री को पहल करके जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार अगले 12 महीनों में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए बनाई गई कार्ययोजना जनता के सामने रखे। चिंटू चौकसे के मुताबिक लोगों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि गर्मी और आने वाले महीनों में पानी की कमी के कारण उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा।
योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए: चिंटू चौकसे
चिंटू चौकसे ने कहा कि जलसंकट को लेकर योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन को यह साफ करना होगा कि मौजूदा जल स्रोतों का बेहतर इस्तेमाल कैसे होगा, पानी की कमी वाले इलाकों में क्या व्यवस्था की जाएगी और अगले चार से छह महीनों की जरूरत कैसे पूरी होगी। उन्होंने महापौर से भी सभी पार्षदों, भाजपा और कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं, शहर के जानकार लोगों और जल विशेषज्ञों के साथ बैठक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जलापूर्ति जैसे मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।
चिंटू चौकसे ने इंदौर की मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शहर को नर्मदा परियोजना से करीब 400 एमएलडी पानी मिलता है। इसके अलावा यशवंत सागर और बोरवेल जैसे स्रोत भी पानी की जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में कम पानी आने, कम प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें सामने आने का दावा उन्होंने किया। चौकसे ने शहर की आबादी और जरूरतों का हवाला देते हुए कहा कि यदि रोजाना करीब 600 एमएलडी पानी की जरूरत का अनुमान है तो भविष्य की तैयारी अभी से जरूरी है।
निगम पर कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए
दरअसल उन्होंने नर्मदा परियोजना के चौथे चरण और दूसरी प्रस्तावित योजनाओं को लेकर भी स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। चौकसे ने कहा कि लोगों को बताया जाना चाहिए कि अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कब और कैसे होगी। उन्होंने मास्टर प्लान, सड़क निर्माण और शहर के दूसरे विकास कार्यों को लेकर भाजपा नेताओं के बीच कथित मतभेदों पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक खींचतान के बजाय समन्वय होना चाहिए। चिंटू चौकसे ने नगर निगम की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए ठेकेदारों की देनदारियों और निगम पर करीब 2,000 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भविष्य की योजनाओं के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पानी, सड़क और सीवरेज जैसी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
रीना बौरासी सेतिया ने भी जलसंकट को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए
वहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने भी जलसंकट को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर में भाजपा के नौ विधायक हैं महापौर भाजपा से हैं और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री भी इंदौर से हैं। इसके बावजूद लोगों को पानी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुन रहे हैं तो इसका खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना पड़े।
बौरासी सेतिया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, छात्रवृत्ति, महिलाओं की सुरक्षा, दलितों पर अत्याचार और किसानों को फसल मुआवजा मिलने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया और सरकार से जवाब मांगा है।
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