Responsive Scrollable Menu

असम में CRPF कैंप में ताबड़तोड़ फायरिंग, ASI ने साथियों पर बरसाईं गोलियां; 3 जवानों की मौत

असम के नगांव स्थित CRPF कैंप में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस दुखद हादसे में तीन जवान शहीद हुए और एक घायल है. एएसआई द्वारा की गई इस फायरिंग से सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया,

Continue reading on the app

बालाघाट: 114 दिन से धरने पर बैठीं महिलाओं के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचीं विधायक अनुभा मुंजारे, लगाई शराब दुकान हटाने की गुहार

बालाघाट कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अप्रत्याशित दृश्य सामने आया, जब जन प्रतिनिधियों के लिए आरक्षित मंच पर बैठने के बजाय, स्वयं बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे आम फरियादियों के साथ कतार में खड़ी दिखाई दीं। यह स्थिति तब निर्मित हुई, जब विधायक ने स्वयं को एक जनसेवक और सामान्य नागरिक बताते हुए, बूढ़ी क्षेत्र में 114 दिनों से चल रही शराब दुकान के विरोध प्रदर्शन में अपनी सहभागिता दर्शाई और फरियादियों संग मिलकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। यह मामला क्षेत्र में एक गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले चुका है, जहां महिलाएं अपने घर-परिवार और काम-धंधा छोड़कर सड़क पर बैठी हैं।

इस पूरे प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह तथ्य है कि अप्रैल माह में शराब दुकानों के नए आवंटन के समय मोतीनगर, भटेरा और बूढ़ी की दुकानों को हटाने के लिए एक वृहद आंदोलन छेड़ा गया था। जनदबाव और विरोध प्रदर्शनों के उपरांत मोतीनगर और भटेरा की दुकानें तो स्थानांतरित कर दी गईं, परंतु बूढ़ी की शराब दुकान आज भी उसी स्थान पर संचालित हो रही है, जहां से इसे हटाने की मांग की जा रही है। यही कारण है कि पिछले 114 दिनों से बूढ़ी की महिलाएं अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने और मोहल्ले के दूषित होते माहौल को सुधारने की एक मात्र आकांक्षा के साथ सड़क पर अपना धरना जारी रखे हुए हैं।

विधायक ने कलेक्टर को विस्तार से बताई पूरी जानकारी

जनसुनवाई में विधायक ने कलेक्टर को विस्तार से अवगत कराया कि महिलाओं का स्पष्ट कथन है कि उन्हें अपने बच्चों का भविष्य बचाना है और मोहल्ले के बिगड़ते परिवेश को सुधारना है, परंतु आज तक इस दुकान को हटाने के लिए कोई ठोस प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। इसके विपरीत, महिलाओं द्वारा यह आरोप भी लगाए गए कि जबरन शराब बिक्री कराने के अनैतिक प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके उनके पास वीडियो और फोटो के रूप में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं। यह स्थिति क्षेत्र में बढ़ती अशांति का स्पष्ट संकेत है, जहां स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से आक्रोश गहराता जा रहा है।

लिखित शिकायत के बावजूद नहीं हटी शराब दुकान

विधायक अनुभा मुंजारे ने यह भी बताया कि इस संबंध में पूर्व कलेक्टर मृणाल मीना से भी कई बार चर्चा की गई थी। उस समय दुकान को कुछ समय के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन था, परंतु दुर्भाग्यवश वह मामला आगे नहीं बढ़ सका। स्थानीय स्तर पर सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य सभी जनप्रतिनिधि इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट होकर महिलाओं के समर्थन में खड़े हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से भी एक बार नहीं, बल्कि दो बार लिखित शिकायतें की जा चुकी हैं, परंतु इन सभी प्रयासों के बावजूद भी बूढ़ी की यह विवादित शराब दुकान अपने स्थान से नहीं हटी है।

इस दुकान को तुरंत हटवाएं, विधायक ने कलेक्टर से किया आग्रह

अपनी बात रखते हुए विधायक ने नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम से आशा व्यक्त की कि उनके कार्यकाल में यह लंबित समस्या निश्चित रूप से हल होगी। उन्होंने भावुकता के साथ कलेक्टर से आग्रह किया, “आपसे आस है सर, कृपया इस दुकान को तुरंत हटवाएं ताकि बूढ़ी का माहौल ठीक हो सके।” यह अपील न केवल एक विधायक की थी, अपितु उन सैकड़ों महिलाओं की पीड़ा का प्रतिबिंब थी जो अपने अधिकारों और बच्चों के भविष्य के लिए संघर्षरत हैं।

कलेक्टर तत्काल अधिकारियों को दिए निर्देश

विधायक की पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनने के उपरांत कलेक्टर कुमार सत्यम ने तत्काल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि बूढ़ी शराब दुकान के मामले की फाइल तुरंत मंगवाकर वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा और “नशे से दूरी” अभियान को सफल बनाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि ऐसे स्थानों पर शराब दुकानें संचालित न हों, जहां स्थानीय नागरिक प्रबल विरोध कर रहे हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं के धरना प्रदर्शन और जनप्रतिनिधियों की इस गंभीर मांग को प्राथमिकता के साथ लेते हुए त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

जनसुनवाई के समापन पर विधायक अनुभा मुंजारे ने पुनः दोहराया कि वे आज यहां एक विधायक के रूप में नहीं, बल्कि एक आम नागरिक और जनसेवक के तौर पर उपस्थित हुई हैं। उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि जब तक बूढ़ी की बहनें अपने धरने पर बैठी हैं, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगी। विधायक ने कहा कि “नशे से दूरी” का नारा तभी सार्थक होगा, जब हम सर्वप्रथम अपने घर-मोहल्ले से नशे को दूर करने में सफल होंगे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद, बूढ़ी की शराब दुकान का मुद्दा अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है। अब यह देखना शेष है कि 114 दिनों से चल रहा यह अनवरत धरना कलेक्टर के हस्तक्षेप और निर्देशों के उपरांत कब और किस प्रकार समाप्त होता है।

Continue reading on the app

  Sports

Women’s Asia Cup: भारत-पाकिस्तान मैच की तारीख हुई तय, 9 दिन के अंदर इतनी बार हो सकती है टक्कर

भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों के बीच कुछ ही हफ्तों पहले महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी टक्कर हुई थी. उसके बाद अब दोनों टीम फिर से टकराने वाली हैं और इस बार 2 बार मुकाबला हो सकता है. Thu, 06 Aug 2026 22:56:00 +0530

  Videos
See all

Tarun Tejpal Case: तरुण तेजपाल को HC ने सुनाई 10 साल की सजा ! | Bombay High Court | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T17:44:48+00:00

CJP Workers Revolt: CJP में बगावत की आंधी, कार्यकर्ताओं का विद्रोह! | Party Rebellion | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-06T17:45:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers