व्यापार असंतुलन पर Nirmala Sitharaman के बयान के बाद China ने दिया बातचीत का भरोसा
चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह एक-दूसरे की आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं को दूर करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भारतीय उत्पादों की बाजार पहुंच पर बीजिंग के प्रतिबंधों की आलोचना के बाद चीन ने यह बात कही है। व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं पर सीतारमण की टिप्पणियों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, मैं आपको केवल इतना बता सकती हूं कि चीन कभी व्यापार अधिशेष का लक्ष्य नहीं रखता।
उन्होंने कहा, हम एक-दूसरे की आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं को संतुलित तरीके से दूर करने और द्विपक्षीय संबंधों के स्थिर विकास के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस संबंध में विस्तृत सवाल संबंधित चीनी अधिकारियों से पूछे जाने चाहिए। वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर के पार जा चुका है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने शुक्रवार को कहा था कि बीजिंग के साथ वर्षों की बातचीत के बावजूद बढ़ता व्यापार असंतुलन और भारतीय उत्पादों के लिए बाजार पहुंच पर लगातार जारी प्रतिबंध को लेकर चिंताएं हैं। थाईलैंड के बैंकॉक में आईएमएफ-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के मौके पर अटलांटिक काउंसिल के साथ बातचीत में सीतारमण ने कहा था कि भारत ने जेनेरिक दवाओं, बोवाइन मीट, सब्जियों और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामानों जैसे उत्पादों के लिए चीन में लगातार बाजार पहुंच की मांग की है, लेकिन वर्षों की बातचीत के बावजूद बहुत कम प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, गैर-शुल्क बाधाएं भारत और चीन के बीच व्यापार में सबसे बड़ी रुकावट हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को सुलझाने के लिए चर्चा और जांच की संभावनाओं के बावजूद चीन ने पादप स्वच्छता उपायों और अन्य गैर-शुल्क प्रतिबंधों का इस्तेमाल किया है।
PNB की एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार, Gross NPA घटकर 2.55% और Net NPA 0.25% हुआ
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वित्त वर्ष 2027 की सितंबर तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 12.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इसमें अधिक ब्याज आय और बेहतर एसेट क्वालिटी का बड़ा योगदान रहा। साथ ही, बैंक ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट बढ़ाने के बावजूद, उसे अभी डिपॉजिट दरों (जमा दरों) को बढ़ाने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं दिख रही है। शुक्रवार को नतीजों के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, PNB के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अशोक चंद्र ने कहा, "बैंक ने दूसरी तिमाही (Q2) में 5,532 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 12.8 प्रतिशत अधिक है।" बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10.8 प्रतिशत बढ़कर 11,601 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 10,468 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 4.2 प्रतिशत बढ़कर 7,532 करोड़ रुपये हो गया। एसेट क्वालिटी की बात करें तो, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो पिछली तिमाही के 2.78 प्रतिशत से सुधरकर 2.55 प्रतिशत हो गया, जबकि नेट NPA रेशियो 0.28 प्रतिशत से घटकर 0.25 प्रतिशत पर आ गया। RBI द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद डिपॉजिट दरों को लेकर ANI के एक सवाल का जवाब देते हुए, चंद्र ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमें बाजार में जाकर डिपॉजिट दरें बढ़ाने की कोई जल्दी है, क्योंकि फिलहाल हमारी स्थिति काफी आरामदायक है।" उन्होंने बताया कि बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो, जो अभी लगभग 75 प्रतिशत है, इतनी फ्लेक्सिबिलिटी देता है कि 8-9 प्रतिशत की डिपॉजिट ग्रोथ के साथ भी लोन देने (lending) में बढ़ोतरी को सपोर्ट किया जा सके।
इसे भी पढ़ें: PNB Scam: भगोड़े Nirav Modi के सहयोगी Sandeep Mistri की जमानत याचिका मुंबई कोर्ट से खारिज
PNB के ग्लोबल एडवांसेज (कर्ज) सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर 13.41 लाख करोड़ रुपये हो गए, जबकि डिपॉजिट (जमा राशि) 9.9% बढ़कर 17.77 लाख करोड़ रुपये हो गई। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, चंद्रा ने कहा कि RBI द्वारा दरों में बढ़ोतरी से अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में लगभग 6-7 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हो सकता है। सितंबर तिमाही में बैंक का ग्लोबल NIM, पिछली तिमाही के 2.50% से बढ़कर 2.58% हो गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रिटेल, कृषि और MSME सेगमेंट में मांग के चलते, बैंक FY27 के दौरान लगभग 13-14% की क्रेडिट ग्रोथ हासिल कर सकता है, जो कि पहले बताए गए 12-13% के अनुमान से अधिक है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में धीमी ग्रोथ के बारे में बताते हुए, चंद्रा ने कहा कि ट्रेजरी इनकम पिछले साल की इसी तिमाही के 1,716 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये रह गई, जिसका असर कुल ऑपरेटिंग कमाई पर पड़ा। हालांकि, उन्होंने बताया कि ट्रेजरी इनकम और राइट-ऑफ किए गए खातों से हुई रिकवरी को छोड़कर, कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर 29.4% की बढ़ोतरी हुई। बैंक ने अपने 'फॉरेन-करेंसी नॉन-रेजिडेंट डिपॉजिट' अभियान के जरिए 2.7 अरब डॉलर जुटाए, जो कि 2.5 अरब डॉलर के लक्ष्य से अधिक है। इस रकम का इस्तेमाल अधिक लागत वाले डिपॉजिट और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट को बदलने के लिए किया गया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









