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Yes Bank को Supreme Court से झटका, 8400 करोड़ रुपये के AT-1 Bond का फैसला बदला

बैंकिंग क्षेत्र में एक अहम फैसले के तहत देश के सुप्रीम कोर्ट ने यस बैंक को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने वर्ष 2020 में बैंक को संकट से निकालने के लिए किए गए बचाव और पुनर्गठन के दौरान जोखिम वाले बॉन्ड को पूरी तरह रद्द करने के फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के बाद बैंक पर निवेशकों को पैसा लौटाने की जिम्मेदारी आने की आशंका बढ़ गई है। इसका असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया, जहां बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

दरअसल, मार्च 2020 में यस बैंक की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में बैंक के पुनर्गठन की योजना लागू की गई थी। इसी प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त टियर-1 यानी एटी-1 बॉन्ड को पूरी तरह रद्द कर दिया गया था। इस कदम से निवेशकों के करीब 8,400 करोड़ रुपये डूब गए थे। भारत में इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई थी। अब सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि बैंक को बचाने के लिए नियुक्त प्रशासक के पास इन बॉन्ड को रद्द करने का अधिकार नहीं था।

इस फैसले से सिर्फ यस बैंक ही नहीं, बल्कि भविष्य में संकट से जूझने वाले दूसरे बैंकों को बचाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ सकते हैं। यदि बैंक को बॉन्ड धारकों को मुआवजा देना पड़ता है, तो उस पर अतिरिक्त पूंजी जुटाने का दबाव बढ़ सकता है। जापान की सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन की यस बैंक में 24.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहा है कि जरूरत पड़ने पर पूंजी कहां से आएगी और क्या मौजूदा बड़े निवेशक को इसमें अतिरिक्त योगदान देना होगा।

गौरतलब है कि यह इस मामले में बैंक को लगा दूसरा बड़ा कानूनी झटका है। इससे पहले 2023 में बंबई हाई कोर्ट ने प्रक्रिया में खामियां बताते हुए बॉन्ड रद्द करने के फैसले को खारिज कर दिया था। हालांकि, उस समय अदालत ने बॉन्ड से जुड़े मूल कानूनी सवालों पर फैसला नहीं दिया था। यस बैंक ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अब वहां से भी उसे राहत नहीं मिली है।

एंड्री लीगल के प्रबंध साझेदार आशीष प्यासी के मुताबिक, यह फैसला भविष्य में बैंकों को संकट से निकालने की योजनाओं के लिए एक मिसाल बन सकता है। उन्होंने कहा कि बॉन्ड में निवेश करने वालों के साथ-साथ दूसरे पक्षों पर भी ऐसे फैसलों का असर पड़ता है। सरकार और यस बैंक के पास सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग करने का विकल्प भी मौजूद है।

एटी-1 बॉन्ड बैंकों की नियामकीय पूंजी का हिस्सा होते हैं। इनका इस्तेमाल बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत रखने के लिए किया जाता है, लेकिन तय शर्तों के तहत बैंक के गंभीर संकट में पहुंचने पर इनकी रकम पूरी तरह या आंशिक रूप से खत्म की जा सकती है। सामान्य कर्ज की तुलना में इन बॉन्ड को पैसा वापस मिलने में कम प्राथमिकता मिलती है, इसलिए इनमें निवेश का जोखिम भी अधिक होता है।

फैसले के बाद गुरुवार को यस बैंक के शेयर 14.5 प्रतिशत तक गिर गए, जो 23 जुलाई 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। शुक्रवार को भी शेयरों में कमजोरी जारी रही और कीमत 3.2 प्रतिशत तक नीचे चली गई। बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि फैसले के कारण उसका प्रमुख पूंजी अनुपात करीब 2.5 प्रतिशत अंक घट सकता है, हालांकि उसके पास पूंजी प्रबंधन के लिए जरूरी विकल्प मौजूद हैं।

वहीं, रॉकफोर्ट फिनकैप के प्रबंध साझेदार वेंकटरामकृष्णन श्रीनिवासन के अनुसार, इस फैसले से बॉन्ड निवेशकों का कानूनी सुरक्षा पर भरोसा बढ़ सकता है, लेकिन बैंकों के लिए भविष्य में ऐसे बॉन्ड रद्द करने को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ेगी। इससे बैंकों की कर्ज जुटाने की लागत बढ़ने की आशंका है। बता दें कि कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियों, जिनमें कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी शामिल है, ने इन बॉन्ड की कीमत बढ़ने की उम्मीद के बीच अपनी कुछ ऋण योजनाओं में नए निवेश लेना रोक दिया है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र की नजर अब इस फैसले के अगले असर और संभावित कानूनी कदमों पर बनी हुई हैं।

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Google ने भारत के लिए की बड़ी एआई पहल: कृषि, शिक्षा और MSME क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए की घोषणाएं

वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज गूगल (Google) ने भारत में एआई-आधारित नवाचार (AI Innovation) को बढ़ावा देने के लिए एक साथ कई बड़ी और महत्वाकांक्षी पहलों की घोषणा की है। कंपनी का उद्देश्य भारतीय कृषि, शिक्षा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के जरिए नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। गूगल इंडिया द्वारा शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इन बहुआयामी योजनाओं और साझेदारियों की जानकारी दी गई।

गूगल इंडिया ने बयान में कहा कि ज्वार की अधिक उत्पादक और प्रतिकूल जलवायु का सामना करने में सक्षम किस्में विकसित करने के लिए एक आनुवंशिक एटलस तैयार किया जाएगा। इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भी मुहैया कराया जाएगा। ज्वार की नई किस्मों का विकास अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रिसैट), हडसनअल्फा इंस्टीट्यूट फॉर बायोटेक्नोलॉजी और अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के साथ मिलकर किया जाएगा।

इक्रिसैट के जीन बैंक में मौजूद 90 से अधिक देशों की 44,000 से ज्यादा ज्वार किस्मों के संग्रह से नमूने लिए जाएंगे। बयान के मुताबिक, गूगल की एआई इकाई गूगल डीपमाइंड इक्रिसैट में तीन साल की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप भी देगी। इसके तहत ज्वार के अलावा चना, मूंगफली और अरहर के जीनोम का विश्लेषण करने वाले उपकरण विकसित करने पर काम होगा। कृषि क्षेत्र में गूगल की प्रौद्योगिकी को गुजरात सरकार के कृषि प्रगति फसल सूचना मंच में शामिल किया गया है। 

इसके जरिये पिछले एक साल में राज्य के छह लाख से अधिक किसानों को 90 करोड़ से अधिक सलाह मोबाइल एसएमएस के जरिए दी गईं। इसके साथ ही, गूगल ने कहा कि मई से अब तक 80,000 से अधिक शिक्षकों को एआई के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया है। अब बिहार, मध्य प्रदेश, सिक्किम और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ साझेदारी के जरिये गूगल एआई एडुकेटर कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। 

कंपनी शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 के अनुरूप मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है। यह फिलहाल अंग्रेजी में उपलब्ध है और हिंदी, मराठी, तेलुगु, असमिया, ओड़िया तथा पंजाबी संस्करण इसी महीने जारी किए जाने हैं। गूगल ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की पढ़ाई में मदद के लिए 100 अटल टिंकरिंग लैब में ‘एटीएल साथी’ नामक जेमिनी आधारित डेस्कटॉप ऐप के जरिये सहयोग देने की भी घोषणा की है। 

गूगल डॉट ओआरजी ने छोटे कारोबारों के लिए गैर-लाभकारी संगठन द/नज को 1.5 करोड़ डॉलर की वित्तीय मदद देने की भी घोषणा की। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को औपचारिक ऋण लेने, नए बाजार तलाशने और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करने में मदद देने वाले एआई उपकरण विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, छोटे शहरों में स्थानीय प्रतिभाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें छोटे कारोबारों से जोड़ने के लिए बहुभाषी, आवाज आधारित मंच भी विकसित किया जाएगा।

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Pakistan Snatched Victory from Sri Lanka: पाकिस्तान ने रावलपिंडी में खेले गए वनडे ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 37 रनों से हरा दिया. सलमान अली आगा के शानदार शतक की बदौलत पाकिस्तान ने 305 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका एक समय मजबूत स्थिति में था, लेकिन कप्तान शाहीन अफरीदी की घातक गेंदबाजी के आगे पूरी टीम 268 रनों पर ढेर हो गई. इस मैच में बाबर आजम ने अपने 16,000 इंटरनेशनल रन भी पूरे किए. Sun, 18 Oct 2026 23:05:38 +0530

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