Video: इस किसान ने खोज निकाला मांग भरने का वो कुदरती तरीका, जिसे देख सब हैरान
Herbal Sindoor Kheti Tips: बाजार में मिलने वाले मिलावटी और केमिकल युक्त सिंदूर से होने वाले स्किन इंफेक्शन और एलर्जी के खतरे को देखते हुए समस्तीपुर के पटोरी के एक किसान ने अनोखी पहल की है. किसान सुबोध कुमार ने अपने खेत में 'सिंदरी' (रक्तबीज) के पौधे उगाए हैं, जिनके बीजों से 100% प्राकृतिक और हर्बल सिंदूर तैयार किया जा रहा है. सुबोध कुमार बताते हैं कि सिंदरी के एक पौधे से करीब डेढ़ किलो बीज निकलते हैं. इन बीजों को सुखाकर और पीसकर जो लाल रंग मिलता है, वह पूरी तरह सुरक्षित है. विदेशों में इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स और फूड कलर के तौर पर भी होता है. मात्र 30-35 रुपये की लागत वाला यह पौधा कम देखरेख में तैयार हो जाता है. यह पौधा केवल श्रृंगार तक सीमित नहीं है. आयुर्वेद के अनुसार, इसके पत्ते लीवर की बीमारियों और पीलिया में रामबाण माने जाते हैं. प्राकृतिक होने के कारण यह सुहागिनों की त्वचा को रसायनों के दुष्प्रभाव से बचाता है. यह पहल न केवल महिलाओं की सेहत सुरक्षित कर रही है, बल्कि किसानों के लिए कमाई का एक नया 'हर्बल रास्ता' भी खोल रही है.
मात्र 70 दिनों किसान बन जाएंगे लखपति! बस शुरू कर दें इस फसल की खेती, जानिए कैसे
अररिया जिले के कालाबलुआ गांव के किसान शंकर कुमार ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ जमीन पर आलू की खेती की है, जिसमें करीब 150 क्विंटल से अधिक उत्पादन हुआ है। स्थानीय व्यापारी खेतों से ही 2550 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को बाजार ले जाने की झंझट भी नहीं उठानी पड़ रही है. किसानों के अनुसार आलू की फसल कम समय में तैयार हो जाती है. महज 70 दिनों में फसल तैयार होकर खेत से निकलने लगती है
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