Rajnath Singh का कांग्रेस पर हमला, कहा बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिश कर रहा विपक्ष
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर जाने-अनजाने भारत विरोधी ताकतों के हाथों में खेलते नजर आने का आरोप लगाया और कहा कि हिंसा और अराजकता की आग में देश को झोंककर बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने का ख्वाब देख रही कांग्रेस ने अब अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल करने का सारा नैतिक अधिकार खो दिया है। रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रही कांग्रेस, उसके राजनीतिक सहयोगियों और अन्य संगठनों को जमकर खरी-खोटी सुनायी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है इसलिये स्वाभाविक है कि तमाम शक्तियों को भारत का यह उभार रास नहीं आ रहा होगा।
सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, देश को यह समझने की आवश्यकता है कि दशकों से चुनाव हार रहे राजनीतिक दल जाने या अनजाने में आज इन (भारत विरोधी) शक्तियों के हाथों में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में जारी प्रदर्शन की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आज स्पष्ट हो गया है दिल्ली में जो कुछ भी हो रहा है वह अराजकता द्वारा भारत की प्रगति को पटरी से उतारने का एक निंदनीय प्रयास है। सिंह ने कहा कि चौरी-चौरा में हिंसा हो जाने मात्र से ही महात्मा गांधी ने अपना पूरा असहयोग आंदोलन रोक दिया था लेकिन खुद को महात्मा गांधी की उत्तराधिकारी बताने वाली कांग्रेस हिंसा और अराजकता के द्वारा सत्ता परिवर्तन जैसी बातें करके अपने राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के नैतिक मूल्यों के पतन की पराकाष्ठा है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ कांग्रेस हिंसा और अराजकता की आग में देश को झोंकना चाहती है और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करने का स्वप्न देख रही है। और उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि अब गांधी का नाम प्रयोग करने का सारा नैतिक अधिकार कांग्रेस ने पूरी तरह से खो दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने का साधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि देश के नौजवानों को अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाने की कोशिश की जा रही है। सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों द्वारा सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उनकी यह लड़ाई चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों के लिए नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है और उच्चतम न्यायालय की कल की टिप्पणी भी इसी ओर संकेत है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुझाव देते हुए कहा कि उन्हें लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर विध्वंस की राजनीति करने के बजाय जनमत का सम्मान करते हुए अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां तक भारत के भविष्य का प्रश्न है तो उसकी जिम्मेदारी सभी की है।
उन्होंने कहा, हमें टकराव नहीं संवाद और राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनना है। रक्षा मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी को पहले कांग्रेस के शासनकाल में आयोग की भूमिका और नियुक्तियों पर जवाब देना चाहिए। सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 1993 में कांग्रेस सरकार ने रातोंरात दो निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किए थे।
उन्होंने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से निर्वाचन आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि चावला ने आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। रक्षा मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने चावला को न केवल संरक्षण दिया बल्कि बाद में उन्हें मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनाया। उन्होंने पूर्व निर्वाचन आयुक्त एम.एस. गिल का भी जिक्र किया, जो बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बने।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त सुबूत नहीं हैं और यही वजह है कि उनकी अपनी ही पार्टी ने मतदाता सूची के खिलाफ एक भी औपचारिक अपील दाखिल नहीं की।
Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी की अगली पीढ़ी की 'रोडस्टर' कार का एक वीडियो शेयर किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में कार को हवा में एक शानदार करतब करते हुए देखा जा सकता है, जिससे लंबे समय से अटकी इस स्पोर्ट्स कार को लेकर टेस्ला की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर सबका ध्यान गया है। टेक्सास के वाको में आयोजित एक लाइव इवेंट के दौरान, इस कार को एक ऊंचे घुमावदार रैंप पर चढ़ते हुए दिखाया गया। इसके बाद कार उल्टी होकर हवा में उठी, उसने हवा में ही एक 'फ्लिप' (पलटी) लगाई और फिर सुरक्षित तरीके से नीचे उतर गई। ऐसा लग रहा था कि कार के नीचे थ्रस्टर्स लगे हुए थे, जिनकी मदद से उसने यह करतब दिखाया।
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15 अक्टूबर को टेक्सास के मैकग्रेगर में स्थित स्पेसएक्स (SpaceX) फैसिलिटी में एक इवेंट के दौरान, कंपनी ने अपनी नई डिज़ाइन वाली 'रोडस्टर' का प्रदर्शन किया। इस दौरान कार एक खास तौर पर बनाए गए रैंप पर उल्टी चली, कुछ देर हवा में रही और फिर सुरक्षित रूप से नीचे उतरी। यह घटना इस बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक सुपरकार के लिए एक अहम पड़ाव थी। यह गाड़ी एक बड़े घुमावदार रैंप पर चढ़ी, उस पर उल्टी चलती रही, फिर हवा में उड़ी और अंत में सुरक्षित रूप से लैंड कर गई। यह स्टंट उस तकनीक को दिखाता है जिसे मस्क की रॉकेट कंपनी, स्पेसएक्स के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया, जिसके साथ कैप्शन लिखा था: "पता चला है कि भविष्य में सच में उड़ने वाली कारें होंगी।" रीडिज़ाइन की गई रोडस्टर में स्पेसएक्स द्वारा विकसित 'कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स' लगे हैं, जो थ्रस्ट (धक्का) पैदा करने के लिए प्रेशराइज़्ड गैस का इस्तेमाल करते हैं। इवेंट में दिखाए गए अन्य विशेष सिस्टम के साथ मिलकर, यह तकनीक गाड़ी को ऐसी अनोखी हरकतें करने में सक्षम बनाती है, जो एक आम सड़क वाली कार के लिए मुमकिन नहीं हैं।
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हालाँकि, यह प्रदर्शन नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया था, और ऐसा कोई संकेत नहीं है कि रोडस्टर को सार्वजनिक सड़कों पर हवा में चलने के लिए मंजूरी मिली है। नियम-कानून, सुरक्षा और व्यावहारिकता से जुड़े सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। रोडस्टर की हवा में आवाजाही को नियंत्रित परिस्थितियों में दिखाया गया था, और सार्वजनिक सड़कों पर ऐसी तकनीक के व्यावहारिक उपयोग, सुरक्षा और कानूनी मंजूरी को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं। टेस्ला ने नवंबर 2017 में अपनी अगली पीढ़ी की रोडस्टर की घोषणा की थी, और शुरुआत में उम्मीद थी कि इसका उत्पादन काफी पहले शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट में बार-बार देरी हुई है, जिसके कारण ग्राहकों को इस इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ा है।
Turns out the future does have flying cars https://t.co/6fexPp6SXI
— Elon Musk (@elonmusk) October 16, 2026
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