Noida: वैलेंटाइन डे के दिन प्रेमी ने गोली मारकर प्रेमिका को उतारा मौत के घाट, फिर खुद भी दी जान; कार में मिले दोनों के शव
Noida News: दिल्ली से सटे नोएडा में वैलेंटाइडे के दिन एक प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत हो गया. जहां एक युवक ने अपने अपनी प्रेमिका की गोली मारकर हत्या की और उसके बाद खुद भी गोली मारकर जान दे दी. दोनों के शव एक कार के अंदर से बरामद किए गए हैं.
#WATCH | Uttar Pradesh: A man and a woman found dead in a car under Sector 39 Police Station limits of Noida. Police investigation has begun. Bodies have been sent for postmortem. pic.twitter.com/oVzBhiOTxr
— ANI (@ANI) February 14, 2026
ऋषभ रिखीराम शर्मा के दावे पर अनुष्का शंकर का रिएक्शन:बोलीं– वह मेरे पिता पंडित रवि शंकर के आखिरी या सबसे युवा शिष्य नहीं हैं
सितार वादक अनुष्का शंकर ने हाल ही में संगीतकार ऋषभ रिखीराम शर्मा के उस दावे को खारिज किया, जिसमें वे खुद को उनके पिता पंडित रवि शंकर का आखिरी और सबसे युवा शिष्य बताते रहे हैं। ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे से बात करते हुए अनुष्का ने कहा, "ऋषभ बहुत टैलेंटेड हैं और वह लोगों से बहुत खूबसूरती से जुड़ते हैं, लेकिन उनके ‘गुरु’ होने को लेकर कुछ गलतफहमियां हैं। उन्होंने मेरे बेहद करीबी और मेरे पिता के सीनियर शिष्य परिमल सदाफल से गहराई से ट्रेनिंग ली है।" उन्होंने आगे कहा कि मेरे पिता से उनकी कुछ अनौपचारिक और प्यार भरी मुलाकातें और क्लासेज हुई थीं, जिनमें परिमल भी मौजूद थे। हम उन्हें बचपन से जानते हैं, क्योंकि वे हमारे वाद्य-निर्माता संजय रुखीराम शर्मा के बेटे हैं। अनुष्का शंकर ने यह भी कहा कि शायद इसी वजह से यह बात फैल गई कि वे मेरे पिता के आखिरी या सबसे युवा शिष्य थे, जो पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन वे बेहद टैलेंटेड हैं और इस कहानी के साथ या बिना भी अपनी सफलता के हकदार हैं। बता दें कि अनुष्का ने 13 वर्ष की उम्र में ही अपने पिता, सितार वादक पंडित रवि शंकर के मार्गदर्शन में प्रोफेशनल परफॉर्मेंस शुरू कर दी थीं। उन्हें 14 बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकन मिल चुका है। वर्क फ्रंट की बात करें तो वो फिलहाल भारत में “चैप्टर्स टूर 2026” पर हैं। कौन है ऋषभ रिखीराम शर्मा? ऋषभ रिखीराम शर्मा एक फेमस भारतीय सितार वादक, संगीत निर्माता और 'रिखी राम' घराने की चौथी पीढ़ी के कलाकार हैं। उनका यह भी दावा है कि वे अमेरिका के व्हाइट हाउस में सोलो सितार बजाने वाले पहले आर्टिस्ट हैं। वे अक्सर म्यजिक को मेंटल और इमोशनल हेल्थ से जोड़ते हैं। वे कई इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट में खुद को पंडित रवि शंकर का आखिरी और सबसे युवा शिष्य बताते रहे हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में भी उन्होंने खुद को दिवंगत सितार सम्राट का आखिरी शिष्य बताया था।
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