वॉट्सएप भारत में एज वेरिफिकेशन टेस्ट कर रहा:कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ नया फीचर शुरू, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के पालन की तैयारी
अगर आपके वॉट्सएप पर हाल ही में उम्र या डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का ऑप्शन दिखा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। वॉट्सएप डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन यानी DPDP कानून का पालन करने के लिए यूजर्स की उम्र की पुष्टि करने का टेस्ट कर रहा है। इसके साथ ही, एप के नए प्रस्तावित 'यूजरनेम' फीचर को लेकर भारत सरकार और मेटा के बीच सख्त बातचीत चल रही है। इस पूरे मामले को सवाल-जवाब में समझते हैं… सवाल 1: वॉट्सएप पर डेट ऑफ बर्थ दर्ज करने का मैसेज क्यों आ रहा है? जवाब: वॉट्सएप ने भारत में कुछ चुनिंदा यूजर्स के साथ एक नया प्राइवेसी-टेस्टिंग फीचर शुरू किया है। इसमें यूजर्स को अपनी जन्मतिथि दर्ज करने का प्रॉम्प्ट मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि भारत में लागू होने जा रहे 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP)' के तहत उम्र से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए यह तैयारी की जा रही है। सवाल 2: क्या अपनी उम्र या जन्मतिथि बताना अनिवार्य है, और क्या यह डेटा दूसरों को दिखेगा? जवाब: नहीं, वॉट्सएप ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक ऑप्शनल टेस्ट है। अगर यूजर अपनी उम्र कन्फर्म नहीं भी करते हैं, तब भी वे वॉट्सएप का इस्तेमाल पहले की तरह जारी रख सकेंगे। वॉट्सएप ने कहा कि हम समझते हैं कि किसी व्यक्ति की उम्र की जानकारी बेहद पर्सनल होती है। यह जानकारी अन्य वॉट्सएप यूजर्स के साथ किसी भी सूरत में शेयर नहीं की जाएगी। इस टेस्ट से वॉट्सएप के काम करने के तरीके या यूजर एक्सपीरियंस में कोई बदलाव नहीं आएगा। सवाल 3: इस एज वेरिफिकेशन पर भारत सरकार का क्या रुख है? जवाब: आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वॉट्सएप का यह कदम DPDP एक्ट के संदर्भ में हो सकता है, जहां उम्र से जुड़े प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। आईटी सचिव ने स्पष्ट किया कि हम इस नियम की डेडलाइन के करीब पहुंच रहे हैं, इसलिए हमें वॉट्सएप से इस प्रक्रिया की बारीकियों को समझना और चेक करना होगा। सवाल 4: यह DPDP एक्ट क्या है और वॉट्सएप को इसमें उम्र पूछने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाब: DPDP एक्ट 2023 भारत का नया डेटा प्राइवेसी कानून है। इसमें बच्चों और नाबालिगों के पर्सनल डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके तहत टेक कंपनियों को 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की सहमति लेना या उम्र सत्यापित करना अनिवार्य किया गया है। सवाल 5: हाल ही में वॉट्सएप के 'यूजरनेम' फीचर को लेकर क्या विवाद शुरू हुआ था? जवाब: वॉट्सएप एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रहा था जिससे यूजर्स बिना अपना फोन नंबर शेयर किए केवल 'यूजरनेम' के जरिए एक-दूसरे से कनेक्ट हो सकें। हालांकि, पिछले महीने भारत सरकार ने मेटा (Meta) को एक सख्त नोटिस जारी किया और इस फीचर की लॉन्चिंग पर तुरंत रोक लगा दी। सवाल 6: आईटी मंत्रालय को वॉट्सएप के यूजरनेम फीचर पर क्या-क्या आपत्तियां थीं? जवाब: सरकार ने आशंका जताई थी कि बिना फोन नंबर वाले यूजरनेम से साइबर क्राइम को बढ़ावा मिल सकता है। आईटी मंत्रालय के नोटिस के अनुसार: सवाल 7: क्या वॉट्सएप ने यूजरनेम विवाद पर सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है? जवाब: हां, वॉट्सएप ने आईटी मंत्रालय को अपना आधिकारिक जवाब सौंप दिया है। मेटा ने सरकार को आश्वासन दिया है कि जब तक सरकार के साथ बातचीत और परामर्श पूरी तरह से संतोषजनक ढंग से समाप्त नहीं हो जाते, तब तक वह भारत में 'यूजरनेम' फीचर को रोलआउट नहीं करेगा।
खंडवा: दूध-जलेबी का भोग, केक और गीतों के साथ मनाई किशोर कुमार की जन्म जयंती, पैतृक निवास देखने पहुंचे हजारों प्रशंसक
संगीत प्रेमियों के लिए खंडवा, आज किसी तीर्थ से कम नहीं था। भारतीय सिनेमा के अमर गायक, अभिनेता और हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार की जन्म जयंती पर उनकी गृहनगरी पूरी तरह किशोरमय हो गई। सुबह से ही उनकी समाधि पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों प्रशंसकों का तांता लगा रहा। इन प्रशंसकों ने अपने प्रिय कलाकार को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे दिन समाधि परिसर में उनके सदाबहार गीतों की गूंज सुनाई देती रही, जो हर किसी को अपनी ओर खींच रही थी।
किशोर प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक केक काटकर जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर किशोर कुमार की सबसे प्रिय मानी जाने वाली दूध-जलेबी का भोग भी अर्पित किया गया। इसके बाद “रूप तेरा मस्ताना”, “मेरे सपनों की रानी”, “जिंदगी एक सफर है सुहाना” और “पल-पल दिल के पास” जैसे उनके कई लोकप्रिय गीत सामूहिक रूप से गाकर उन्हें याद किया गया। समाधि स्थल पर उपस्थित हर व्यक्ति अपने चहेते कलाकार को श्रद्धा और भावनाओं से स्मरण करता नजर आया।
पैतृक घर पहुंचकर भावुक हुए किशोर कुमार के प्रशंसक
जन्म जयंती के इस विशेष अवसर पर देशभर से आए प्रशंसकों ने बॉम्बे बाजार स्थित किशोर कुमार के पैतृक निवास का भी भ्रमण किया। यहां उन्होंने उनके बचपन से जुड़ी स्मृतियों को देखा और उन स्थानों को निहारा, जहां से एक साधारण बालक ने विश्वभर में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। कई प्रशंसकों ने उनके घर के बाहर तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी यादों को अपने साथ संजोकर ले गए। यह उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव था।
समाधि स्थल पर गूंजे किशोर कुमार के सदाबहार गीत
समाधि स्थल पर दिनभर सांस्कृतिक और संगीतमय वातावरण बना रहा। अनेक कलाकारों एवं संगीत प्रेमियों ने मंच से किशोर कुमार के गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल संगीतमय हो उठा। उनके अभिनय, गायन, निर्देशन, संगीत और हास्य कला के विभिन्न पहलुओं को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किशोर कुमार केवल एक गायक नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी आवाज आज भी हर पीढ़ी के दिलों पर राज करती है। उनकी बहुमुखी प्रतिभा आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
जन्म जयंती पर खंडवा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
जन्म जयंती के अवसर पर शहर में विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं संगीत संस्थाओं द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाधि परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रही। दूर-दराज़ से पहुंचे किशोर प्रेमियों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि खंडवा आकर अपने प्रिय कलाकार की जन्मभूमि और कर्मभूमि को नमन करना उनके लिए किसी तीर्थ यात्रा से कम नहीं है। यह अनुभव उन्हें आत्मिक शांति प्रदान करता है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी किशोर कुमार की जन्म जयंती ने यह सिद्ध कर दिया कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन उनकी आवाज़, उनका अभिनय और उनकी अद्भुत कला आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जीवित है। खंडवा की मिट्टी से निकला यह सितारा आज भी पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों की धड़कनों में बसता है, और हमेशा बसता रहेगा।
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