Kerala में वरिष्ठ नागरिकों के बिल का BJP नेता Rajeev Chandrasekhar ने किया स्वागत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजना का स्वागत किया, लेकिन स्वास्थ्य देखभाल और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धन आवंटित करने सहित इन्हें ठीक ढंग से लागू करने की मांग की। मंगलवार को केरलम देश का पहला ऐसा राज्य बन गया, जिसने वरिष्ठ नागरिकों को दुर्व्यवहार से बचाने के उद्देश्य से विधानसभा में एक व्यापक विधेयक पेश किया है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को दुर्व्यवहार और शोषण से बचाना, बुजुर्गों की देखभाल करने वाले केंद्रों को विनियमित करना, और उनके लिए स्वास्थ्य सेवा तथा सामाजिक सुरक्षा तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना है।
चंद्रशेखर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि युवा पीढ़ी बेहतर शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित भविष्य की तलाश में राज्य छोड़ने को मजबूर है। इसके कारण बुजुर्ग माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक अकेले और असुरक्षित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था की खराब स्थिति से यह समस्या और गंभीर हो गई है।
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और दवाओं की कमी से वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आपने विधेयक पारित करने का आसान काम पूरा कर लिया है, लेकिन अब असली चुनौती स्वास्थ्य बीमा, कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था के लिए जरूरी धन जुटाने की है।’’ चंद्रशेखर ने कहा कि रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए भाजपा इस बात पर करीबी नजर रखेगी कि सरकार लोगों से किए गए वादों को पूरा करती है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अब तक अपने किए किसी भी वादे को पूरा करने में विफल रही है।
हमें उम्मीद है कि कम से कम वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए आप केवल वादे करने से आगे बढ़ेंगे और ठोस कार्रवाई करके दिखाएंगे।’’
बिंद्रा ने एथलीट्स के खुलकर न बोलपाने पर चिंता जताई:कहा- सवाल पूछिए, यह अनुशासनहीनता नहीं, सीखने की प्रोसेस
ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट शूटर अभिनव बिंद्रा ने एथलीट्स के खुलकर न बोल पाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा- ‘समय के साथ खिलाड़ी अपने मन में भी सवाल करना बंद कर देते हैं।’ बिंद्रा ने एथलीट्स को सवाल पूछते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपने काम, कोच, तरीकों और सिस्टम पर सवाल उठाएं। बिंद्रा ने कहा कि खिलाड़ियों का खुलकर बोलना जरूरी है। कुछ लोग इसे अनुशासनहीनता मान सकते हैं, लेकिन यह बेहतर प्रदर्शन के लिए जरूरी हो सकता है। बिंद्रा ने शुक्रवार को सोशल प्लेटफॉर्म X पोस्ट में अपनी बात रखी। 4 पॉइंट्स में अभिनव बिंद्रा की बात अनुशासनहीनता और सीखने का फर्क 44 साल के बिंद्रा को भारत से निकले महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। वे ओलंपिक चैंपियन होने के साथ-साथ विश्व चैंपियनशिप के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं। सक्रिय खेलों से विदा लेने के बाद बिंद्रा इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी की एथलीट्स कमीशन के वाइस-चेयर बने। उन्होंने इस पद पर आठ साल काम किया। उनका कार्यकाल इस साल की शुरुआत में खत्म हुआ। ------------------------------------------------------ स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीएम मोदी दिल्ली में एशियन गेम्स मेडलिस्ट से मिले, कहा- महिला हॉकी में 44 साल का इंतजार खत्म हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी ने गोल्ड मेडल जीतकर 44 साल का इंतजार खत्म किया है। खिलाड़ियों की सफलता देश की सफलता है। पढ़ें पूरी खबर
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