DVAC ने भ्रष्टाचार के मामलों में 24 सरकारी अधिकारियों को किया गिरफ्तार
चेन्नई, चार अगस्त सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने जुलाई माह में पूरे राज्य में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 24 सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 1.3 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाबी नकदी और संदिग्ध डिजिटल लेन-देन का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने एक जुलाई से 31 जुलाई के बीच सरकारी कामकाज करने के एवज में 500 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों में हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के एक संयुक्त आयुक्त, एक तहसीलदार, एक सहायक अभियंता (विद्युत), एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (वीएओ) और पुलिस, राजस्व व स्थानीय प्रशासन विभागों के विभिन्न अधिकारी शामिल हैं। डीवीएसी ने जिला निरीक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारियों के साथ मिलकर कृष्णागिरी, तिरुवल्लुर, थेनी, कन्याकुमारी, डिंडीगुल, तंजावुर, रानीपेट, चेन्नई और करूर के 13 सरकारी कार्यालयों में अचानक छापेमारी की और 13,39,080 रुपये की बेहिसाबी नकदी जब्त की।
इसी तरह राज्य की सीमाओं पर स्थित छह वाहन जांच चौकियों पर एक साथ की गई जांच में 9,87,890 रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई। गत 17 जुलाई को राज्य भर के तहसील कार्यालयों में चलाए गए एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान 13,88,750 रुपये की नकदी जब्त की गई। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ऑनलाइन भुगतान माध्यम ‘जी-पे’ के जरिए किए गए 94,69,887 रुपये के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन को भी चिन्हित किया।
इस तरह केवल एक ही दिन में कुल 1,08,58,637 रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। न्यायिक मोर्चे पर, विशेष अदालतों ने जुलाई के दौरान भ्रष्टाचार के चार मामलों में पांच व्यक्तियों को दोषी ठहराया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामलों के लिए गठित विशेष अदालतों के साथ-साथ तिरुवल्लुर और रानीपेट की सत्र अदालतों ने एक तहसीलदार, तहसीलदार के चालक, एक प्रधानाध्यापिका और एक पुलिस उप-निरीक्षक को दो से चार साल तक के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालतों ने उन पर 1,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया।
Kerala IMD Red Alert: उत्तरी केरल में भारी बारिश के बीच आठ जिलों में रेड अलर्ट जारी
तिरुवनंतपुरम, चार अगस्त केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को राज्य के आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने राज्य के पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने चार जिलों अलप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा अन्य दो जिलों तिरुवनंतपुरम और कोल्लम में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
रेड अलर्ट का अर्थ है 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक भारी वर्षा का पूर्वानुमान। वहीं, ऑरेंज अलर्ट 11 से 20 सेंटीमीटर के बीच बहुत भारी वर्षा और येलो अलर्ट छह से 11 सेंटीमीटर के बीच भारी वर्षा की चेतावनी को दर्शाता है। इससे पहले, मौसम एजेंसी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 5:30 बजे समाप्त हुए 21 घंटों के दौरान उत्तरी जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
बारिश जारी रहने से अलप्पुझा, पत्तनमथिट्टा, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले और नदी के तटीय इलाके अब भी जलमग्न हैं जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस आपदा में लोगों के अहम दस्तावेज और बच्चों की स्कूल की किताबें भी बह गई हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि बाढ़ में गुम हुए दस्तावेज को दोबारा बनवाने के लिए विशेष अदालतें लगाई जाएगीं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री मिले।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने फिलहाल प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25,000 रुपये मंजूर किए हैं और कई स्वयंसेवी संगठन उन घरों की सफाई में मदद के लिए आगे आए हैं जहां पानी घुस गया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें बिना किसी देरी के वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज (चार अगस्त) के लिए राज्य के 12 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और दो जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था।
आईएमडी के अनुसार कासरगोड के बायार में तीन अगस्त तड़के तीन बजे से आधी रात तक राज्य में सबसे अधिक 121.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कासरगोड के ही मुलियार में 81 मिलीमीटर, कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोझिकोड के उरुमी में 65 मिलीमीटर बारिश हुई।
कन्नूर के चेरुवंचेरी और कासरगोड के आरएआरएस पिलिकोड में 59.5-59.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं एर्णाकुलम के नेरियामंगलम में 59 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी 24 घंटों की अवधि के भीतर 60 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश को ‘भारी बारिश’ मानता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर मंगलवार सुबह चेतावनी के निशान से ऊपर बना हुआ है, हालांकि पानी का स्तर अब कम हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे मुवाट्टुपुषा नदी का जलस्तर 11.60 मीटर पर दर्ज किया गया, जो 10.92 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर और 11.93 मीटर के खतरे के निशान के करीब है। उन्होंने कहा कि जलस्तर घट रहा है।
तोडुपुषा नदी में सुबह आठ बजे जलस्तर 11.50 मीटर दर्ज किया गया। इस नदी का चेतावनी स्तर 10.78 मीटर और खतरे का निशान 11.79 मीटर है। इस बीच, कलियारा नदी 12.26 मीटर पर बह रही थी, जो इसके चेतावनी स्तर 13.10 मीटर और खतरे के स्तर 14.10 मीटर से नीचे है।
इन नदियों का जलस्तर भी कम हो रहा है। अधिकारी नदियों पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।
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