अमेरिका में एक और भारतीय छात्र लापता, स्थानीय अधिकारियों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन; परिवार चिंतित
वॉशिंगटन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्यदूत ने बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के 22 साल के भारतीय स्टूडेंट के गायब होने पर गहरी चिंता जताई है। स्थानीय अधिकारी पूर्व बे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। बता दें, इससे पहले भी अमेरिका से कई भारतीय छात्रों के लापता होने की खबर सामने आई है।
कॉन्सुलेट ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, सैन फ्रांसिस्को में भारत का कॉन्सुलेट जनरल, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के कर्नाटक के रहने वाले भारतीय पोस्ट-ग्रेजुएट स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया के गायब होने से बहुत परेशान है।
कॉन्सुलेट ने आगे कहा, वाणिज्य दूतावास स्टूडेंट का पता लगाने के लिए परिवार और संबंधित स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
बर्कले पुलिस के मुताबिक, लापता छात्र की तलाश लेक अंजा के पास चल रही है। आखिरी बार उसे मंगलवार को देखा गया था। पुलिस ने कहा, 22 साल का साकेत श्रीनिवासैया कथित तौर पर एक रिश्ते को लेकर परेशान था। उसका बैकपैक, जिसमें उसका पासपोर्ट और लैपटॉप था, टिल्डेन रीजनल पार्क के बगल में पार्क हिल्स इलाके में एक दरवाजे पर मिला।
बर्कले पुलिस डिपार्टमेंट ने कहा, हम ईबीआरपीडी (ईस्ट बे रीजनल पार्क डिस्ट्रिक्ट) के साथ मिलकर चल रहे सर्च प्रयासों में कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। हम अभी भी उसे ढूंढने में समुदाय की मदद मांग रहे हैं।
पुलिस ने कहा कि श्रीनिवासैया को आखिरी बार मैक्गी एवेन्यू के पास ड्वाइट वे के 1700 ब्लॉक में देखा गया था। उसकी पहचान छह फीट एक इंच लंबाई, लगभग 160 पाउंड वजन, छोटे काले बाल और भूरी आंखों वाला बताया गया है।
पुलिस ने उसकी पहचान भारतीय के तौर पर की है। बर्कले पुलिस ने श्रीनिवासैया के बारे में जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से स्थानीय लॉ एनफोर्समेंट को बताने को कहा है।
उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, श्रीनिवासैया यूसी बर्कले में केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में मास्टर डिग्री कर रहा है। उसने पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास से अपनी अंडरग्रेजुएट डिग्री हासिल की थी, जो भारत के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूशन में से एक है।
इस मामले ने अमेरिका में भारतीय डिप्लोमेटिक मिशन का ध्यान खींचा है और वाणिज्य दूतावास अधिकारियों और परिवार के साथ मिलकर सर्च जारी रखे हुए है।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आर्टेमिस 2 संग चांद पर भेजना है अपने वेलेंटाइन का नाम? नासा के इन नियमों को करें फॉलो
नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। चांद पर आमजन का जाना मुश्किल है मगर क्या आप जानते हैं कि आपका या आपके प्रियजन का नाम चांद पर आसानी से पहुंच सकता है। वेलेंटाइन डे पर नासा ने सरप्राइज देते हुए इस नाम को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजने का मौका दिया है।
नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, वेलेंटाइन डे पर क्या आपको अपने प्रियजन को खुश करने के लिए एक्स्ट्रा सरप्राइज चाहिए? तो उनके नाम को चांद की यात्रा पर भेजें! आप जिससे भी प्यार करते हैं, आर्टेमिस II मिशन में उनका स्वागत है।
नासा ने लोगों को आमंत्रित किया है कि वे अपने या प्रियजनों के नाम फ्री में सबमिट करें। ये नाम एक एसडी कार्ड पर डाले जाएंगे, जो साल 2026 में ओरियन स्पेसक्राफ्ट के साथ उड़ेगा। नाम की डिटेल्स सबमिट करने पर आपको एक खास डिजिटल बोर्डिंग पास मिलेगा, जिसे प्रिंट करके वैलेंटाइन गिफ्ट के रूप में दे सकते हैं, जैसे कोई स्पेशल स्पेस टिकट।
नासा ने बताया कि नाम को सबमिट कैसे करें? फॉर्म को ऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर करते हुए नासा ने बताया कि वेबसाइट पर जाएं, वहां, सेंड योर नेम विद आर्टिमिस पर क्लिक करें। इसके बाद अपना नाम, सरनेम और 4 से 7 अंकों का पिन डालें। इसके बाद सबमिट करें और बोर्डिंग पास डाउनलोड करें। यह पूरी तरह फ्री है और दुनिया भर के लोग शामिल हो सकते हैं। लाखों नाम पहले ही रजिस्टर हो चुके हैं।
यह नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का हिस्सा है। आर्टेमिस II 50 से ज्यादा सालों में पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन होगा, जिसमें चार एस्ट्रोनॉट चंद्रमा के चारों ओर घूमेंगे और वापस आएंगे। क्रू में नासा के कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। वे एसएलएस रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होंगे। यह मिशन लगभग 10 दिन चलेगा और चंद्रमा के पीछे से गुजरकर गहरे अंतरिक्ष में सबसे दूर तक जाएगा, जो अपोलो मिशनों के बाद पहली बार है। इसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर भविष्य में मानव लैंडिंग और मंगल मिशन की तैयारी करना है।
नासा ने मिशन के बारे में अपडेट देते हुए बताया, मिशन की तैयारी जारी है। 12 फरवरी को हुए कॉन्फिडेंस टेस्ट में कुछ तकनीकी दिक्कत आई थी, जैसे लिक्विड हाइड्रोजन फ्लो कम होना और ग्राउंड इक्विपमेंट में समस्या। टीम डेटा की जांच कर रही है, फिल्टर बदल रही है और इस महीने दूसरा वेट ड्रेस रिहर्सल करेगी। मार्च 2026 लॉन्च हो सकता है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
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