Honeymoon हत्याकांड: इंदौर के केटरर ने राजा रघुवंशी की शादी का बकाया मांगा
इंदौर (मध्यप्रदेश), चार अगस्त मेघालय में हनीमून के दौरान मारे गए इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी के करीब 15 महीने बाद उनके विवाह समारोह का केटरर 2.82 लाख रुपये के कथित बकाया भुगतान को लेकर मंगलवार को एक स्थानीय थाने पहुंचा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के मुताबिक पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई से इनकार करते हुए कहा कि दो पक्षों के बीच लेन-देन का यह दीवानी प्रकृति का विवाद पुलिस के हस्तक्षेप के योग्य नहीं है।
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में विवाह के कुछ दिनों बाद हनीमून के लिए मेघालय गए थे, जहां राजा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मेघालय पुलिस ने सोनम, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और भाड़े के तीन हत्यारों को गिरफ्तार किया था। इंदौर के केटरर हितेश रोहिरा ने पीटीआई- से कहा कि राजा और सोनम के परिवारों ने उन्हें शादी में खानपान की व्यवस्था के लिए 11,42,550 रुपये का ठेका संयुक्त रूप से दिया था।
उन्होंने दावा किया कि इसमें से उन्हें 8,60,000 रुपये का भुगतान मिला, जबकि 2,82,550 रुपये अब भी बकाया हैं। रोहिरा ने कहा कि बकाया राशि के लिए वह राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी और सोनम के बड़े भाई गोविंद रघुवंशी से कई बार संपर्क कर चुके हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर भुगतान की जिम्मेदारी डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एक अप्रैल को अपने वकील के जरिये विपिन और गोविंद को कानूनी नोटिस भी भेज चुके हैं, लेकिन उन्हें बकाया रकम अब तक नहीं मिली है।
केटरर ने कहा कि इस मामले में वह विपिन एवं गोविंद के विरूद्ध शिकायत दर्ज कराने द्वारकापुरी थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस बारे में पूछे जाने पर द्वारकापुरी थाने के प्रभारी मनीष मिश्रा ने कहा कि दो पक्षों के बीच धन के लेन-देन का विवाद पुलिस के हस्तक्षेप के योग्य नहीं है क्योंकि यह दीवानी मुकदमे का मामला है। इस बीच, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने केटरर के दावे को खारिज करते हुए कहा, ‘‘केटरर को सोनम के बड़े भाई गोविंद ने बुक किया था।
हमारे परिवार का केटरर के साथ कोई लेन-देन बाकी नहीं है।’’ सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने दावा किया कि केटरर को लगभग पूरा भुगतान किया जा चुका है। गोविंद ने कहा,‘‘केटरर अब तक कहां था? शादी के करीब 15 महीने बाद वह महज सस्ता प्रचार पाने के लिए भुगतान बकाया होने की बात कर रहा है।
केरल KAS अधिकारी डॉ. चित्रा पी. अरुणिमा अनियमितता के आरोप में निलंबित
तिरुवंनतपुरम, चार अगस्त केरल सरकार ने एक अवर सचिव को जेल में बंद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद को शहर निकाय की बैठकों में शामिल होने के लिए पैरोल देने से जुड़ी फाइल पर कार्यवाही करने के दौरान अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद आर. सुगातन को केरल असामाजिक गतिविधि निवारण अधिनियम (कापा) के तहत एहतियान हिरासत में रखा गया है।
आधिकारिक आदेश के मुताबिक स्थानीय स्वशासन विभाग की निलंबित की गईं अवर सचिव डॉ. चित्रा पी. अरुणिमा, केरल प्रशासनिक सेवा (केएएस) की अधिकारी हैं। अधिकारी को निलंबित करने के लिए सोमवार देर रात जारी आदेश में कहा गया कि उन्होंने कथित तौर पर एक सरकारी फाइल में बिना अनुमति बदलाव किये और अतिरिक्त जानकारी जोड़ी, ताकि सुगातन को ऐसे लाभ मिल सकें जिनके लिए वह कानूनी रूप से पात्र नहीं थे। सरकारी आदेश में आरोप लगाया गया कि केएएस अधिकारी ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए फाइल में बदलाव करके दुर्भावनापूर्ण इरादे से काम किया और उनके ये कृत्य गंभीर आधिकारिक कदाचार, शक्ति का दुरुपयोग और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन थे।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह निलंबित होने वाली पहली केएएस अधिकारी हैं। केएएस की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह कार्रवाई तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वाझोट्टुकोनम वार्ड के भाजपा पार्षद सुगातन को छह महीने का पैरोल दिए जाने पर हुए विवाद के बाद की गई है।
सुगातन अभी कापा के तहत जेल में बंद है। इस बीच, मुख्य विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने मंगलवार को कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर पार्षद सुगातन को अयोग्य घोषित होने से बचाने के लिए भाजपा के साथ ‘साठगांठ’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘लोगों को उस असाधारण ‘चिंता’ को समझना चाहिए जो सरकार ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेताओं के समर्थन से एक भाजपा पार्षद को बचाने के लिए दिखाई है।’’ शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि ‘‘व्यस्थित तरीके से गैर-कानूनी काम’’ करने के बाद, सरकार अब स्थानीय स्व-शासन विभाग में केवल अवर सचिव को निलंबित करके और उन्हें बलि का बकरा बनाकर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
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