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अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर बोले अभिषेक बनर्जी, BJP पर अधिकारों के हनन का आरोप

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता के प्रति एकजुटता भी व्यक्त की, जिन्हें इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। डायमंड हार्बर से सांसद ने सोशल मीडिया पर एक कड़े पोस्ट में आरोप लगाया कि नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने, असहमति जताने और सरकार से सवाल पूछने के उनके अधिकार पर लगातार पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है।

अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि एक शोक संतप्त परिवार को अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे और 2022 में हुई उसकी हत्या में कथित ‘वीआईपी’ के पहलू पर सवाल उठा रहे थे। अंकिता के माता-पिता को बृहस्पतिवार तड़के कांग्रेस के कुछ नेताओं के साथ हिरासत में लिया गया था।

हालांकि, बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

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Capacity Building Commission की कार्यशाला लखनऊ में, CM Yogi करेंगे शुभारंभ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 23 और 24 अक्टूबर को क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना श्रृंखला-2026’ आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और दक्षता आधारित बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे।

राज्य सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे। बयान के मुताबिक कार्यशाला का उद्देश्य केंद्र सरकार के ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और प्रभावी क्षमता निर्माण केंद्रों के रूप में विकसित करने की रणनीति तैयार करना है। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला के जरिए सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जाएगा।

बयान के मुताबिक कार्यशाला में बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधियों के अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अधिकारी भाग लेंगे। इसमें वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, संकाय सदस्यों, विषय विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी उम्मीद है। बयान के अनुसार कार्यशाला में संस्थागत शासन एवं नेतृत्व, प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यक्षमता और आपसी सहयोग, संकाय एवं संस्थागत दक्षताओं तथा डिजिटल परिवर्तन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ‘साधना श्रृंखला-2026’ चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला है। इसकी शुरुआत 29-30 सितंबर को विजयवाड़ा में हुई थी, जबकि पूर्वोत्तर क्षेत्र की कार्यशाला नौ अक्टूबर को गुवाहाटी में आयोजित की गई थी।

लखनऊ कार्यशाला के निष्कर्षों को अन्य क्षेत्रीय बैठकों के परिणामों के साथ मिलाकर प्रशिक्षण संस्थानों के परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने में शामिल किया जाएगा।

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  Sports

Josh Hazlewood ने Scott Boland का किया समर्थन, South Africa के खिलाफ Test सीरीज में खेलेंगे

डरबन में तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका पर 214 रनों की शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही, ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति और मजबूत हो गई है। ICC वेबसाइट के अनुसार, हालांकि पिच से स्पिन गेंदबाजों को कुछ मदद मिल रही थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा। अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड ने 49 रन देकर 6 विकेट लिए, जिसकी बदौलत दक्षिण अफ्रीका की टीम अपनी दूसरी पारी में 206 रनों पर सिमट गई।

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दक्षिण अफ़्रीका की पिचें आमतौर पर तेज़ गेंदबाज़ी और उछाल के लिए जानी जाती हैं, लेकिन डरबन की पिच पर स्पिन के लिए काफ़ी मदद थी। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया ने पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और हेज़लवुड की अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ों की तिकड़ी के साथ-साथ विशेषज्ञ स्पिनर नाथन लियोन को भी टीम में शामिल किया। इस वजह से स्कॉट बोलैंड को पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई। बोलैंड का टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाज़ी औसत 18.58 है, जो काफ़ी शानदार है। उम्मीद है कि वह इस सीरीज़ में ज़रूर खेलेंगे, और हेज़लवुड को भी आने वाले मैचों में उनके योगदान पर पूरा भरोसा है। हेज़लवुड ने कहा, "वह [स्कॉट बोलैंड] शायद ही कभी ख़राब गेंदबाज़ी करते हैं। जब भी लड़के नेट्स में आते हैं, तो बस यही लगता है - अरे, फिर से स्कॉटी आ गया!"

जैसे-जैसे सीरीज़ आगे बढ़ेगी और मुक़ाबले गेबेरहा और केपटाउन में होंगे, जहाँ की पिचें तेज़ गेंदबाज़ों के लिए और भी ज़्यादा मददगार हो सकती हैं, वहाँ बोलैंड ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को और मज़बूत कर सकते हैं। हेज़लवुड ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि वह इस सीरीज़ में खेलेंगे, और अगले 12-18 महीनों में भी टीम का अहम हिस्सा होंगे। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं, उनका रिकॉर्ड तो कमाल का है। बोलैंड के टीम में शामिल होने से ऑस्ट्रेलिया के सीनियर तेज़ गेंदबाजों पर बोझ कम होगा।

खासकर आने वाले व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए, जिसमें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज़, अगले साल की शुरुआत में भारत में पांच मैचों की सीरीज़ और 2027 में पांच टेस्ट मैचों की एशेज़ सीरीज़ शामिल है। हेज़लवुड ने कहा कि अगर हमें कभी संघर्ष करना पड़े, तो यह सोचकर राहत मिलती है कि स्कॉटी (बोलैंड) वहां मौजूद हैं और खेलने के लिए तैयार हैं। इससे टीम के भीतर बातचीत आसान हो जाती है और एक एकजुट टीम के रूप में काम करना बेहतर होता है। आगे चलकर हम लंबे समय तक तो बाहर नहीं रह सकते, लेकिन कभी-कभी एक-दो हफ़्ते का ब्रेक लेने से चीज़ें जल्दी ठीक हो जाती हैं। फिलहाल हमारे पास एक बहुत अच्छी टीम है।

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हेज़लवुड ने दक्षिण अफ़्रीकी परिस्थितियों में 'रिवर्स स्विंग' की भूमिका और मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाजों द्वारा इसका इस्तेमाल किए जाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पिचें अक्सर हरी-भरी और तेज़ गेंदबाजों के अनुकूल होती हैं, इसलिए वहां रिवर्स स्विंग की चर्चा ही नहीं होती। वहां तो पारी के अंत तक भी गेंद नई जैसी ही दिखती है। लेकिन अगर आप कुछ साल पहले के SCG (सिडनी क्रिकेट ग्राउंड) को देखें, तो वहां हमें हर साल रिवर्स स्विंग देखने को मिलती थी। दक्षिण अफ़्रीका में पिच काफी खुरदरी थी और ज़मीन बहुत सख्त थी। हमें पहली पारी में ही इसका थोड़ा अंदाज़ा मिल गया था, और जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच और भी खराब होती गई, जिससे रिवर्स स्विंग और ज़्यादा मिलने लगी। इसलिए हमें पता था कि यह बहुत अहम है।
 

Fri, 16 Oct 2026 18:18:00 +0530

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