T20 World Cup 2026: आज खेले जाएंगे 3 मैच, एक्शन में दिखेंगी 6 टीमें, जानिए कब और कितने बजे शुरू होंगे मुकाबले
T20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ रहा है. हर दिन की ही तरह आज 14 फरवरी को भी 3 मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें 6 टीमें एक्शन में नजर आएंगी. आज सभी की नजर, शाम 7 बजे शुरू होने वाले मुकाबले पर होगी, जिसमें साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड का आमना-सामना होने वाला है. ये दोनों ही टीमें इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शुमार हैं. आइए जान लेते हैं कि इनके अलावा बाकी कौन सी टीमें आज मैदान पर उतरेंगी.
ओमान VS आयरलैंड के पास होगा मौका
14 फरवरी को टी-20 विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला आयरलैंड और ओमान के बीच सुबह 11 बजे से कोलंबो में खेला जाएगा. ग्रुप-बी की इन दोनों ही टीमों के लिए ये जीत का खाता खोलने का आखिरी मौका होगा. चूंकि, इससे पहले खेले गए दोनों ही मैचों में दोनों टीमों को हार का सामना करना पड़ा.
इंग्लैंड VS स्कॉटलैंड
We have named an unchanged XI for our Men's @T20WorldCup game against Scotland tomorrow ???????????????????????????? pic.twitter.com/JZKi1OqFCU
— England Cricket (@englandcricket) February 13, 2026
T20 World Cup 2026 में आज इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच दोपहर 3 बजे से मुकाबला खेला जाएगा. ये मैच कोलकाता के इडेन-गार्डन्स स्टेडियम में होगा. दोनों ही टीमों ने अब तक 2-2 मैच खेले हैं, जिसमें एक-एक मैच जीता है और एक-एक मैच में हार का सामना किया है. ऐसे में इस मैच को जीतकर दोनों ही टीमें 2 अंक हासिल कर प्वॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति बेहतर करना चाहेंगी.
न्यूजीलैंड VS साउथ अफ्रीका
आज सबसे बड़ा मुकाबला न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा, जिसपर सभी की नजरें टिकी होंगी. ग्रुप-डी में शामिल इन दोनों ही टीमों ने अब तक 2-2 लीग मैच खेले हैं और दोनों में ही जीत दर्ज की है. ऐसे में आज जो भी टीम मैच जीतेगी, वह अंक तालिका में अपने ग्रुप में 6 अंकों के साथ टॉप पर पहुंचेगी.
कहां देख सकेंगे आज के मुकाबले?
T20 World Cup 2026 के सभी मुकाबलों की ही तरह आज के मैचों का लुत्फ भी आप घर बैठे उठा सकेंगे. भारत में लाइव स्ट्रीमिंग और लाइव टेलीकास्ट पर देखे जा सकेंगे. इसके अलावा फ्री में मुकाबले का लाइव प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा.
न्यूयॉर्क हत्या साजिश में निखिल गुप्ता ने कबूला जुर्म, जानिए कितने साल तक हो सकती है जेल
वॉशिंगटन, 14 फरवरी (आईएएनएस)। साल 2023 में निखिल गुप्ता न्यूयॉर्क में एक सिख अलगाववादी नेता की हत्या कराने के लिए 15,000 डॉलर देने पर राजी हो गए थे। मैनहैटन की एक संघीय अदालत में पेश होकर उन्होंने यह बात खुद स्वीकार की। इस मामले में अमेरिका की संघीय जेल में अधिकतम 40 साल तक की सजा का प्रावधान है।
54 वर्षीय भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने तीन आरोपों को स्वीकार किया। ये आरोप थे- भाड़े पर हत्या की साजिश, भाड़े पर हत्या, और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश।
अदालत में शपथ के तहत गुप्ता ने कहा, “2023 के वसंत में, मैं किसी दूसरे व्यक्ति के साथ यूनाइटेड स्टेट्स में एक व्यक्ति की हत्या करवाने के लिए राज़ी हुआ था।” उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने 15,000 डॉलर नकद एक व्यक्ति को दिए थे, जो अमेरिका में मौजूद था। पूछताछ के दौरान गुप्ता ने माना कि उन्हें पता था कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाया जाना था, वह न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके में रहता है, जबकि पैसा मैनहैटन में दिया गया।
जज सारा नेटबर्न ने सिफारिश की कि जिला जज विक्टर मरेरो इस दोष स्वीकार को मंजूर करें। बाद में अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया। सजा सुनाने की तारीख 29 मई 2026 तय की गई है।
फेडरल कानून के तहत, गुप्ता को भाड़े पर हत्या करने और भाड़े पर हत्या करने की साजिश के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल की सज़ा हो सकती है, और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के लिए 20 साल तक की सज़ा हो सकती है- कुल मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा 40 साल की सज़ा। हालांकि, हर मामले में अधिकतम सजा ही दी जाए, यह जरूरी नहीं है। अदालत सजा तय करते समय अमेरिकी सेंटेंसिंग गाइडलाइंस का पालन करती है और अन्य कानूनी पहलुओं को भी देखती है। दोष स्वीकार करने के कारण गुप्ता को कुछ राहत भी मिल सकती है।
सजा तय करते समय अपराध की गंभीरता, भविष्य में ऐसे अपराध रोकने की जरूरत, जनता की सुरक्षा और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा। अभियोजन पक्ष ने कहा कि अगर मामला ट्रायल तक जाता तो वे एक गुप्त सूत्र, एक अंडरकवर अधिकारी (जो खुद को सुपारी किलर बता रहा था), व्हाट्सऐप मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन के सबूत और न्यूयॉर्क में 15,000 डॉलर दिए जाने का वीडियो अदालत में पेश करते।
चार्जशीट में कहा गया था कि गुप्ता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर, जिनमें भारत के कैबिनेट सचिवालय के एक कर्मचारी का नाम भी शामिल था, न्यूयॉर्क में रह रहे एक सिख राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की योजना बनाई थी। यह कार्यकर्ता खालिस्तान की मांग का समर्थन करता था।
गुप्ता ने अदालत में यह भी स्वीकार किया कि वह भारत के नागरिक हैं और उनका दोष स्वीकार करना संभवतः उन्हें अमेरिका से निष्कासित किए जाने का कारण बनेगा। अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत ऐसे मामलों में देश से हटाना लगभग अनिवार्य होता है।
दोष स्वीकार करके गुप्ता ने एक लंबे और डिप्लोमैटिक रूप से सेंसिटिव ट्रायल से बचाव कर लिया, जिसमें अमेरिकी जमीन पर विदेशी साजिश के आरोपों की सुनवाई होती। अब अदालत को यह तय करना है कि उन्हें कितने समय के लिए जेल भेजा जाएगा। इसका फैसला 29 मई 2026 को सुनाया जाएगा।
--आईएएनएस
एएस/
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