वाशु भगनानी की बढ़ी मुश्किलें! IT रेड के बाद अस्पताल में भर्ती, लंदन से फोटो वायरल
बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता और अभिनेता जैकी भगनानी के पिता वाशु भगनानी की तबीयत अचानक बिगड़ने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते उन्हें लंदन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर अस्पताल के बेड पर लेटे हुए उनकी एक तस्वीर भी तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच गहरी चिंता छा गई है।
बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं
हालांकि अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है कि उन्हें किस वजह से या किस बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशु भगनानी ने लोगों और मीडिया से इस मुश्किल वक्त में उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखने और उन्हें अकेला छोड़ने की गुहार लगाई है। फिलहाल उनके परिवार की तरफ से सेहत को लेकर कोई विस्तृत मेडिकल बुलेटिन या बयान जारी नहीं किया गया है।
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अचानक आई खबर से सिनेमा जगत हैरान
दिग्गज निर्माता के अचानक अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने हर किसी को चौंका दिया है, क्योंकि वे पिछले कुछ समय से अपने नए बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे थे। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से पूरी इंडस्ट्री में चिंता का माहौल है। तमाम सितारे, फिल्म मेकर्स और उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की दुआएं मांग रहे हैं और परिवार की तरफ से आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
पूजा एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता हैं वाशु भगनानी
वाशु भगनानी हिंदी सिनेमा के सबसे जाने-माने और सफल निर्माताओं में से एक गिने जाते हैं। उनकी प्रोडक्शन कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट ने दशकों से भारतीय सिनेमा को कई हिट और यादगार फिल्में दी हैं। अपने बेटे जैकी भगनानी के साथ मिलकर वे लगातार बड़े बजट की फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं। फिलहाल पूरा बॉलीवुड उनके सेहतमंद होकर घर लौटने की प्रार्थना कर रहा है और अस्पताल से जुड़ी नई जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
Pitru Paksha में Purnima Shraddh पर तर्पण और Panchabali की पूरी विधि
हिंदू धर्म में पितृपक्ष में पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। इस दौरान लोग अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक काम करते हैं। इस बार 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध किया जाएगा। वहीं इसके अगले दिन यानी की 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। इस तिथि से मुख्य रूप से पितृपक्ष की शुरूआत मानी जाती है।
पूर्णिमा श्राद्ध
आज यानी की 26 सितंबर 2026 को पूर्णिमा श्राद्ध है, इस दिन उन पूर्वजों का याद किया जाता है और श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को होती है। अगर घर-परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी, तो पितृपक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध की तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। मुख्य पितृपक्ष से पहले आने वाली पूर्णिमा श्राद्ध को महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है।
पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध में फर्क
पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध के बीच मुख्य अंतर तिथि का है। 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध उन पूर्वजों का किया जाता है, जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी। वहीं 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध में उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुई थी।
जानें पूर्णिमा श्राद्ध की विधि
इस दिन सुबह उठकर स्नान करें और फिर साफ सफेद कपड़े पहनें। इसके बाद रौहिणी या कुतुप मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठें। अब दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में कुश की पवित्री पहनें। अब तांबे या कांसे के बर्तन में कच्चा दूध, शुद्ध जल, काले तिल, सफेद फूल और अक्षत मिलाएं। दोनों हाथों में कुश रखें और जल लेकर 'ॐ पितृभ्यः नमः' बोलते हुए अपने गोत्र का नाम लें। फिर अंगूठे के सहारे से जल को किसी बर्तन में गिराएं।
तर्पण के बाद प्याज-लहसुन के बिना बनाए गए खाने को छोटे-छोटे हिस्सों में कुत्ते, कौवे, गाय, चींटी और देवता के लिए अलग-अलग रखें। इसको पंचबलि भी कहा जाता है। वहीं संभव हो तो ब्राह्मणों को भोजन कराएं और यथासंभव दान दें। वहीं मंदिर या जरूरतमंद को आटा, चावल, सब्जी और फल आदि का दान दें। वहीं श्राद्ध कर्म के अंत में अगस्त्य ऋषि सहित अपने पूर्वजों से प्रार्थना करें और भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।
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