Ranji Trophy में Tushar Deshpande ने ली हैट्रिक, Mumbai को मिली 351 रन की बढ़त
भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद अपनी गेंदबाजी से जवाब देने उतरे मुंबई के तेज गेंदबाज तुषार देशपांडे ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा प्रदर्शन किया कि चंडीगढ़ की टीम संभलने का मौका भी नहीं पा सकी। अपने फर्स्ट क्लास करियर का 50वां मुकाबला खेल रहे देशपांडे ने केवल 20 गेंदों के भीतर 5 विकेट लेकर चंडीगढ़ की पारी समेटने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 7 ओवर में 17 रन देकर 5 विकेट लिए और इस दौरान हैट्रिक भी पूरी की। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर मुंबई ने चंडीगढ़ को पहली पारी में महज 78 रन पर समेट दिया।
मुंबई और चंडीगढ़ के बीच रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप डी का मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम में खेला जा रहा है। मुंबई ने पहली पारी में 429 रन बनाए थे। इसके जवाब में चंडीगढ़ की टीम 19.1 ओवर में ही ढेर हो गई। मुंबई को पहली पारी में 351 रन की बड़ी बढ़त मिली और उसने मेहमान टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला लिया। फॉलोऑन के बाद भी चंडीगढ़ की मुश्किलें कम नहीं हुईं। दिन के आखिरी ओवर में देशपांडे ने विषु कश्यप को बोल्ड कर दिया। इसके साथ ही चंडीगढ़ ने बिना रन बनाए अपना पहला विकेट गंवा दिया।
देशपांडे ने चंडीगढ़ के खिलाफ अपनी गेंदबाजी की शुरुआत सातवें ओवर में अर्सलान खान को 2 रन पर बोल्ड करके की। इसके बाद 11वें ओवर में उन्होंने अर्जुन आजाद को 20 रन पर आउट किया। आजाद का कैच सिल्वेस्टर डिसूजा ने लॉन्ग लेग पर पकड़ा। अगली ही गेंद पर शिवम भांबरी तेज गेंद पर बोल्ड हो गए, जबकि दीपिंदर कुश को यशस्वी जायसवाल ने पहली स्लिप में लपक लिया। इस तरह देशपांडे ने हैट्रिक पूरी कर ली।
गौरतलब है कि देशपांडे मुंबई की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले छठे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले जहांगीर खोत, उमेश कुलकर्णी, अब्दुल इस्माइल, रॉयस्टन डायस और शार्दुल ठाकुर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। शार्दुल ने 2025-26 सत्र में मेघालय के खिलाफ हैट्रिक ली थी। देशपांडे ने राज अंगद बावा को एलबीडब्ल्यू आउट करके अपना पांचवां विकेट पूरा किया। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का छठा पांच विकेट वाला प्रदर्शन है। चंडीगढ़ ने 11वें ओवर में 25 रन पर 1 विकेट गंवाया था, लेकिन इसके बाद केवल 4 रन जोड़कर 5 विकेट और खो दिए।
इससे पहले मुंबई ने दिन की शुरुआत 249 रन पर 5 विकेट से की थी। कप्तान सिद्धेश लाड 86 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शम्स मुलानी ने 39 रन बनाए। बाद में तनुष कोटियन ने 58 रन, मोहित अवस्थी ने नाबाद 56 रन और देशपांडे ने 44 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। मुंबई ने 136.5 ओवर में 429 रन बनाए। कोटियन और अवस्थी ने नौवें विकेट के लिए 67 रन जोड़े। चंडीगढ़ की ओर से राज अंगद बावा और रोहित धांडा ने 4-4 विकेट लिए। बावा ने 73 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि धांडा ने 78 रन दिए।
बता दें कि देशपांडे को न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली भारत की ए टीम में जगह नहीं मिली थी। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पांडिचेरी में दूसरे बहुदिवसीय मुकाबले में 52 रन बनाकर भारत ए को मैच बचाने में मदद की थी। चंडीगढ़ की टीम 2018-19 सत्र से घरेलू क्रिकेट खेल रही है और 78 रन उसका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब तक का सबसे कम स्कोर है। मंगलवार को मुंबई की टीम इस मुकाबले को बोनस अंक वाली जीत में बदलने की कोशिश करेगी।
Mohammed Shami ने फिटनेस पर उठ रहे सवालों को नकारा, Bhuvneshwar Kumar की वापसी का किया समर्थन
रविवार को बंगाल और दिल्ली के बीच कल्याणी में रणजी ट्रॉफी मुकाबले के पहले दिन मोहम्मद शमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 17.3 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने 9 ओवर मेडन भी डाले। हालांकि, मैदान के बाहर जब उनसे भारतीय टीम में वापसी और फिटनेस को लेकर सवाल पूछे गए, तो उनका जवाब भी काफी साफ और बेबाक रहा।
शमी लंबे समय से भारतीय टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। उनकी फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी फिटनेस मैदान पर देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह खेल रहे हैं और जहां भी खेलने का मौका मिल रहा है, वहां अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होगा, उनका प्रदर्शन ही असली जवाब है।
गौरतलब है कि शमी ने आखिरी बार 2025 की शुरुआत में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वह संयुक्त अरब अमीरात में खेले गए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की खिताबी जीत का भी हिस्सा थे। इसके बाद से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी नहीं हो सकी है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने से उनकी निराशा साफ नजर आई।
इस दौरान शमी ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी का स्वागत किया। 36 वर्षीय भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में चुना गया है। आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें यह मौका मिला है।
शमी ने कहा कि भुवनेश्वर को काफी पहले ही भारतीय टीम में मौका मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक बाहर रखने का मतलब यह नहीं है कि उसकी प्रतिभा को नजरअंदाज किया जाए। भुवनेश्वर ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इस मौके के हकदार हैं। जब शमी को याद दिलाया गया कि वह भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह अच्छे गेंदबाज नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने फिर स्पष्ट किया कि मेहनत और क्षमता के आधार पर खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए।
दिल्ली के खिलाफ मुकाबले में पिच को लेकर भी शमी संतुष्ट नहीं दिखे। उन्हें उम्मीद थी कि कल्याणी की पिच तेज गेंदबाजों की मदद करेगी, लेकिन सतह उम्मीद से धीमी थी। उन्होंने कहा कि बंगाल के पास आकाश दीप, मुकेश कुमार और उनके जैसे तेज गेंदबाज हैं, इसलिए टीम को ऐसी पिच मिलनी चाहिए थी, जिस पर तेज गेंदबाजी का फायदा उठाया जा सके। पहले दिन दिल्ली की टीम 240 रन पर सिमट गई।
अपनी गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए शमी ने बताया कि गेंद को दोनों तरफ घुमाना उनके लिए स्वाभाविक कौशल है। उनके मुताबिक, यह समझना जरूरी होता है कि गेंद को कब अंदर लाना है और कब बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि उनकी गेंदबाजी की शैली में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
कल्याणी में उमस भरे मौसम को देखते हुए शमी ने लंबे समय तक लगातार गेंदबाजी करने के बजाय छोटे स्पेल में गेंदबाजी करने की रणनीति अपनाई। उन्होंने 3 से 4 ओवर के स्पेल में गेंदबाजी करने का फैसला किया, ताकि शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े। उनके आंकड़े बताते हैं कि यह तरीका कारगर रहा है।
शमी ने अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा कुछ कहने के बजाय यही दोहराया कि उनका काम लगातार गेंदबाजी करते रहना है। घरेलू क्रिकेट में उनका यह प्रदर्शन भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदों को मजबूत करता है, लेकिन चयन को लेकर फैसला अब भी उनके हाथ में नहीं है। फिलहाल वह मैदान पर विकेट लेकर अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं।
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