गुजरात सरकार का उद्योगों को गुणवत्ता पर जोर, वैश्विक बाजार में पहचान बनाने के लिए जीरो डिफेक्ट उत्पादन पर फोकस
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विश्व मानक दिवस 2026 के अवसर पर राज्य के उद्योगपतियों से उत्पादों की गुणवत्ता, फिनिशिंग और विश्वसनीयता को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बनाने के लिए केवल निर्यात बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाना और जीरो डिफेक्ट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़ना भी जरूरी है.
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, संघवी ने कहा कि किसी उत्पाद की पहचान केवल उसकी कीमत या ब्रांड से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, टिकाऊपन और ग्राहकों की संतुष्टि से बनती है. खाद्य पदार्थों, खिलौनों, कपड़ों और औद्योगिक उत्पादों की बेहतर फिनिशिंग ग्राहकों का विश्वास बढ़ाती है.
गुजरात सरकार का उद्योगों को प्रोत्साहन
राज्य सरकार गुजरात के स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार पर जोर दे रही है. संघवी ने उद्योगपतियों से उत्पादन प्रक्रिया की कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि आकर्षक पैकेजिंग, बेहतर फिनिशिंग और उत्पादों में मूल्यवर्धन से स्थानीय उद्योग अपनी अलग पहचान बना सकते हैं. छोटे सुधार भी बिना बड़े निवेश के सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं.
गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजेश गांधी ने भी गुणवत्ता मानकों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि घरेलू और निर्यात बाजारों में ग्राहकों को समान उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलने चाहिए. इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को प्रोत्साहन मिलेगा.
कार्यक्रम में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के गुजरात प्रमुख अजय कुमार लाल ने अतिथियों का स्वागत किया. इस वर्ष विश्व मानक दिवस पर सतत विकास लक्ष्य-7 यानी सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान दिया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों में गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और ऊर्जा दक्षता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था.
DHFL मामले में फायदा पहुंचाने के लिए मांग रहे थे ₹1 करोड़, SFIO अधिकारी और वकील गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने DHFL घोटाले से जुड़े मामले की जांच में कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के डिप्टी डायरेक्टर स्तर के एक अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में दिल्ली का एक वकील और एक अन्य निजी व्यक्ति शामिल है.
CBI के मुताबिक, SFIO चेन्नई में DHFL घोटाले से जुड़े मामले की जांच कर रहा है. आरोप है कि इस जांच में शिकायतकर्ता को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने के बदले SFIO अधिकारी, एक वकील और अन्य लोगों ने उससे 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी.
20 लाख रुपये की पहली किस्त लेते समय वकील गिरफ्तार
CBI ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद मामला दर्ज किया और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. जांच एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली के वकील ने SFIO अधिकारी की ओर से रिश्वत की रकम लेने की सहमति दी थी. इसके बाद शिकायतकर्ता से 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 20 लाख रुपये लेते समय वकील को गिरफ्तार कर लिया गया. CBI ने इस मामले में SFIO के डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी और एक अन्य निजी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है.
तलाशी में मिले मामले से जुड़े सबूत
गिरफ्तारी के बाद CBI ने संबंधित सरकारी अधिकारी और वकील के ठिकानों पर तलाशी ली. जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान मामले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद हुई है. CBI ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है. आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.
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