लखनऊ में PM Narendra Modi को समर्पित ‘नमो डिजिटल मंदिर’ शुरू, निर्माण के लिए मिला 11 लाख का दान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित ‘नमो डिजिटल मंदिर’ की बृहस्पतिवार को लखनऊ में शुरुआत की गई। इस अवसर पर गाजियाबाद के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मोदी के मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपये का चेक दान किया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में ‘नमो डिजिटल मंदिर’ का शिलान्यास करने वाले डॉक्टर राजन सिंह बिहार सरकार के किन्नर कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही किन्नर समुदाय को लाभ मिला है और बिहार में पहली बार इस समुदाय के लोग पुलिस उप निरीक्षक तथा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती हुए हैं इसलिए वह मोदी को भगवान के समान मानते हैं। सिंह ने बताया कि बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड में इसी साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी का एक मंदिर बनाने का प्रस्ताव पारित किया था और उसके लिए जमीन की उपलब्धता से संबंधित एक प्रस्ताव बिहार सरकार को दिया गया है। उन्होंने बताया कि जब बिहार सरकार जमीन उपलब्ध करा देगी तब उस पर मोदी का मंदिर स्थापित किया जाएगा लेकिन फिलहाल मोदी के मंदिर को डिजिटल स्वरूप में पेश किया गया है और कोई भी व्यक्ति उस पर जाकर मोदी के दर्शन कर सकता है।
सिंह ने बताया कि इस डिजिटल मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी के अब तक के कार्यकाल में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर आधारित चालीसा भी अपलोड की गई है जिसे कोई भी पढ़ सकता है। सिंह ने बताया कि प्रस्तावित ‘नमो डिजिटल मंदिर’ को डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों को जोड़ने और आस्था एवं सेवा के संगम के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम में नमह नामक भाजपा नेता ने मोदी के मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपए दिये।
उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित उद्यमी योजना से हुई आमदनी का पहला अंश प्रस्तावित मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित कर रहे हैं।
Nedumbassery Car Crash: केरल में कार हादसे की जांच सही दिशा में, CM Satheesan ने विपक्ष के आरोप नकारे
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने विपक्ष द्वारा नेदुंबस्सेरी में हुए बहुचर्चित कार हादसे की जांच में खामियां होने के आरोपों को शुक्रवार को खारिज करते हुए कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में 11 अक्टूबर की तड़के तेज रफ्तार कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्कूटर सवार तीन लोगों की मौत हो गई थी।
आरोप है कि कार चला रहा 19 वर्षीय सुहैल शराब के नशे में था। मृतकों की उम्र करीब 21 वर्ष थी और उनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। खबरों के मुताबिक, मेडिकल जांच में सुहैल के खून में शराब की मात्रा काफी अधिक पाई गई।
इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कुछ और आरोप भी जोड़े। अंगमाली के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को गिरफ्तार किए गए चार लोगों सुहैल, निनव, अमीर और जोएल को जांच के लिए बृहस्पतिवार शाम तक पुलिस हिरासत में सौंपने का आदेश दिया था। तिरुवनंतपुरम में बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने एक संवाददाता सम्मेलन में नेदुंबस्सेरी हादसे की जांच में खामियों के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने पहले प्राथमिकी दर्ज की और बाद में मामले में आरोपियों के नाम और अन्य विवरण जोड़े। पुलिस थाने जाने वाले लोग इन प्रक्रियाओं से परिचित होते हैं। प्राथमिकी दर्ज करते समय शुरुआत में सभी विवरण शामिल नहीं किए जाते हैं।’’ आरोपियों को बोर्स्टल स्कूल में रखने की आलोचना पर सतीशन ने कहा, ‘‘किसी आरोपी को बोर्स्टल स्कूल भेजने का आदेश सरकार नहीं, बल्कि अदालत देती है लेकिन इसका दोष भी सरकार पर मढ़ा जा रहा है।’’ इससे पहले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने राज्य सरकार पर मामले की जांच में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।
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