पुरानी बोतल बन सकती है आपके लिए खतरा, इसमें रखा पानी पेट में घोलता है जहर
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए हर कोई घर से अपने साथ पानी की बोतल लेकर चलता है, लेकिन इन सबमें अक्सर हम एक छोटी सी गलती कर बैठते हैं, और वो है कि हम पानी की बोतल को समय-समय पर बदलते नहीं हैं। उस एक बोतल का इस्तेमाल महीनों तक करते रहते हैं, बिना यह सोचे कि पुरानी बोतल और उसमें रखा पानी हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है।
विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही नजरिए से पानी केवल तभी सुरक्षित और शुद्ध रहता है जब वह सही चीज में हो। प्लास्टिक या किसी भी प्रकार की बोतल में समय के साथ बैक्टीरिया, वायरस और कवक पनपने लगते हैं। यह समस्या खासतौर पर तब होती है जब बोतल बार-बार इस्तेमाल की जाती है और उसे अच्छे से साफ नहीं किया जाता। आयुर्वेद में कहा गया है कि शुद्ध और ताजा भरा पानी ही शरीर के लिए जीवनदायिनी शक्ति है। जब पानी अशुद्ध या दूषित होता है, तो यह पाचन और मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर डाल सकता।
अगर हम रोजमर्रा की बोतल की बात करें तो इसमें दो-तीन दिन से ज्यादा पानी रखना या उसी बोतल को लंबे समय तक इस्तेमाल करना नुकसानदेह हो सकता है। पुरानी बोतल में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, और यह पेट दर्द, उल्टी या पेट फूलना जैसी परेशानियों का कारण बन सकते हैं। विज्ञान की मानें तो पानी भले ही स्वच्छ और फिल्टर किया हुआ हो, लेकिन जिस बर्तन में वह रखा गया है, उसकी सफाई और समय पर न बदला जाना पानी की शुद्धता को प्रभावित करते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, लगातार इस्तेमाल की गई बोतल में मौजूद सूक्ष्म जीव और अशुद्धि शरीर में वात और पित्त के असंतुलन को बढ़ा सकते हैं। यह शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है और छोटे-मोटे संक्रमणों का खतरा बढ़ा देता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्लास्टिक की बोतलों को हर 6 से 12 महीनों में बदल देना चाहिए। इसके अलावा, हर दिन या हर दो-तीन दिन में पानी को ताजा डालना और बोतल की अच्छी तरह से सफाई करना भी बेहद जरूरी है। अगर बोतल में बदबू आने लगे या धब्बे या निशान पड़ जाएं, तो उसे तुरंत बदल दें। सिर्फ पानी नहीं, बल्कि बोतल की शुद्धता भी स्वास्थ्य के लिए अहम है।
आजकल बाजार में स्टेनलेस स्टील और कांच की बोतलों का चलन बढ़ रहा है। ये बोतलें बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम करती हैं। साथ ही, इन बोतलों में पानी लंबे समय तक ताजा और ठंडा रहता।
--आईएएनएस
पीके/डीकेपी
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जिम्बाब्वे की जीत पर सचिन बोले- दबाव में अच्छा खेले:सहवाग ने लकी चार्म कहा, बोले- जब-जब ऑस्ट्रेलिया हारी, हमने वर्ल्ड कप जीता
टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हरा दिया। इस जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों और पूर्व दिग्गजों ने टीम की खुलकर तारीफ की। सचिन तेंदुलकर ने जिम्बाब्वे को बधाई देते हुए इसे शानदार जीत कहा। वहीं वीरेंद्र सहवाग ने जिम्बाब्वे को भारत के लिए लकी चार्म कहा। वे बोले जब-जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है, भारत ने वर्ल्ड कप जीत है। जीत जिम्बाब्वे का जज्बे और हौसले को दिखाती हैं सचिन तेंदुलकर बोले- जिम्बाब्वे की यह जीत वाकई दमदार रही। ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराना टीम के जज्बे और हौसले को दिखाती हैं। ब्लेसिंग ने भी अपने नाम की तरह ही टीम के लिए आशीर्वाद साबित होते हुए शानदार 4 विकेट लिए। कुल मिलाकर, टूर्नामेंट अब काफी रोमांचक होता जा रहा है और आगे और भी मजेदार मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। जिम्बाब्वे असली जायंट किलर वीरेंद्र सहवाग ने कहा- जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। इसे ही असली ‘जायंट किलिंग’ कहते हैं। उन्होंने आगे लिखा- प्रिय जिम्बाब्वे, तुम्हें पता है तुमने क्या कर दिया? 1983 में तुमने ऑस्ट्रेलिया को हराया और भारत वर्ल्ड कप चैंपियन बना। 2007 में भी तुमने ऑस्ट्रेलिया को हराया और हम फिर वर्ल्ड कप जीत गए। 2026 में भी तुमने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया, अब तो डिनर हमारी तरफ से पक्का। टोनी मुनयोंगा की फील्डिंग शानदार रही रविचंद्रन अश्विन बोले- जिम्बाब्वे ने आज बेहद सटीक और क्लिनिकल क्रिकेट खेली। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही शानदार रहीं, लेकिन टोनी मुनयोंगा की फील्डिंग ने दबाव और बढ़ा दिया। उन्होंने कम से कम 12–15 रन बचाए और डीप मिडविकेट पर शानदार कैच लेकर मैच पर पूरी तरह मुहर लगा दी। जब मैदान का साइज सही होता है, तब क्रिकेट की असली स्किल्स खुलकर सामने आती हैं और खेल के हर पहलू को मौका मिलता है। इस टी20 वर्ल्ड कप में पिचें भी काफी संतुलित रही हैं, जो देखने में अच्छा लग रहा है। जिम्बाब्वे से ब्रायन बेनेट ने फिफ्टी लगाई कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला किया। जिम्बाब्वे ने 20 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 19.3 ओवर के बाद 146 रन पर ऑलआउट हो गई। जिम्बाब्वे से ब्रायन बेनेट ने 56 बॉल पर नाबाद 64 रन बनाए। यह उनका टी-20 वर्ल्ड कप में पहला और टी-20 इंटरनेशनल में ओवरऑल 11वां अर्धशतक रहा। बॉलिंग में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 4 विकेट झटके। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर, क्लिक करें
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